CBSE Board दिलचस्प किस्से: डिस्लेक्सिया से जंग, रोज 10 घंटे पढ़ाई, स्टूडेंट्स के लिए प्रेरणा हैं नेहमत मोंगिया

नेहमत मोंगिया (Nehmat Mongia) लर्निंग डिसएबिलिटी के बावजूद रैंक हासिल की.
नेहमत मोंगिया (Nehmat Mongia) लर्निंग डिसएबिलिटी के बावजूद रैंक हासिल की.

CBSE Board Exam Result: डिसएबल्ड कैटेगरी में नेहमत के दिल्ली में सबसे ज्यादा अंक थे. लेकिन यह सफलता उन बच्चों से भी ज्यादा बढ़कर है जिनके नेहमत से ज्यादा अंक हैं क्योंकि नेहमत को यह सक्सेज़ डिस्लेक्सिया (Dyslexia) से लड़कर मिली.

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नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board Exam Result 2020) की परीक्षा में अच्छे अंक लाना अपने आप में बड़ी बात है. लेकिन यह एचीवमेंट और भी बड़ी हो जाती है जब कोई स्टूडेंट किसी असाधारण स्थिति में यह सफलता अर्जित करता है. नेहमत मोंगिया (Nehmat Mongia) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. नेहमत भी सभी बच्चों की तरह खेलना-कूदना, मूवीज़ देखना और ट्रैवल करना पसंद करती हैं. नेहमत के सपने भी बड़े हैं. सबने नेहमत को उस वक्त काफी सराहा जब सुना कि उसके 12वीं कक्षा के सीबीएसई रिजल्ट में 95 फीसदी से ज्यादा अंक आए हैं. जो कि डिसएबल्ड कैटेगरी में दिल्ली में सबसे ज्यादा अंक थे. लेकिन साल 2015 में नेहमत की यह सफलता उन बच्चों से भी बढ़कर है जिनके नेहमत से ज्यादा अंक हैं. क्योंकि, नेहमत को यह सक्सेस डिस्लेक्सिया (Dyslexia) जैसी बीमारी से लड़कर मिली. डिस्लेक्सिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें बच्चे की लर्निंग क्षमता कम हो जाती है.

नेहमत को भूगोल में मिले 100 फीसदी अंक
नेहमत को कुल 500 में से 479 अंक मिले हैं. इसमें पेंटिंग में 99, इतिहास में 95, मनोविज्ञान में 95, इंग्लिश में 90 और भूगोल में 100 अंक मिले. 11वीं में नेहमत के 70 परसेंट अंक आए थे जो कि 12वीं में बढ़कर 95 परसेंट से भी ज्यादा हो गए हैं. आखिर ये सब हुआ कैसे?

पढ़ाई के लिए अपनाए खास तरीके
नेहमत को डिस्लेक्सिया के कारण रीडिंग टेक्स्ट से दिक्कत थी जिसकी वजह से उन्होंने पढ़ाई के लिए दूसरे तरीके अपनाए. नेहमत जो भी टॉपिक लर्न करती थीं उसकी कहानी बनाकर अपनी दादी को सुनाती थीं, जिससे वह टॉपिक उन्हें याद रह जाता था. इसके अलावा नेहमत ने विज़ुअलाइज़ करके पढ़ने का तरीका अपनाया. इसके अलावा बार-बार रिपीट करने की वजह से भी टॉपिक्स को याद रखने में मदद मिली.



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रोज़ाना 10 घंटे की पढ़ाई
नेहमत ने मीडिया को बताया कि जब रिज़ल्ट आया तो मैं खेल रही थी जब मुझे रिजल्ट का पता चला तो पहले विश्वास ही नहीं हुआ. बाद में जब रिजल्ट देखा तब विश्वास हुआ. नेहमत ने बताया कि वह रोज़ाना दस घंटे पढ़ाई करती थीं और चीजों को समझने की कोशिश करती थी. उनका कहना था कि यही एक तरीका था जिससे वह परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन कर सकती थीं.
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