Class 12th Board Exam: ज्‍यादातर राज्‍यों ने कहा- घटाई जाए परीक्षा की अवध‍ि, वैक्सीनेशन भी जरूरी

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर लगभग सभी राज्‍य ये चाहते हैं कि परीक्षा की अवधि कम कर दी जाए.

CBSE 12th Board Exams 2021: हिमाचल प्रदेश, केरल, बिहार, कर्नाटक उन राज्यों में शामिल हैं, जिन्होंने दूसरे विकल्प की वकालत की है. केरल ने MoE की बैठक में टीकाकरण का मुद्दा भी उठाया था.

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    CBSE 12th Board Exams 2021: कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर अब तक कोई फैसला नहीं हो पाया है. उम्‍मीद की जा रही है कि 1 जून को इस पर फाइनल निर्णय आ सकता है. हालांकि सूत्रों के अनुसार, अधिकांश राज्यों ने होम स्कूलों में 12वीं की छोटी अवधि की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का विकल्प चुना है, जबकि कुछ ने अभ्यास से पहले छात्रों और शिक्षकों का टीकाकरण करने की आवश्यकता पर जोर दिया है. शिक्षा मंत्रालय ने रविवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में चर्चा किए गए दो प्रस्तावों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मंगलवार तक विस्तृत सुझाव देने को कहा था.

    सीबीएसई ने 15 जुलाई से 26 अगस्त के बीच परीक्षा आयोजित करने और सितंबर में परिणाम घोषित करने का प्रस्ताव रखा है. बोर्ड ने दो विकल्प भी प्रस्तावित किए, अधिसूचित केंद्रों पर 19 प्रमुख विषयों के लिए नियमित परीक्षा आयोजित करना या संबंधित स्कूलों में छोटी अवधि की परीक्षा आयोजित करना जहां छात्र नामांकित हैं. इस बीच, ट्विटर पर हैशटैग 'कैंसिलबोर्ड एग्‍जाम' का चलन जारी रहा. 300 से अधिक छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश, एनवी रमना को एक पत्र लिखकर, ऑ‍फलाइन परीक्षा के प्रस्ताव को रद्द करने और पिछले वर्ष की तरह वैकल्पिक मूल्यांकन योजना प्रदान करने के लिए एक पत्र लिखा.

    MoE के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा कि हमें और राज्यों से सुझाव और प्रतिक्रियाएं मिली हैं. राज्यों के बीच व्यापक सहमति थी कि परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए. एक जून तक निर्णय की घोषणा की जाएगी.

    दूसरी तरफ दिल्ली सरकार ने 'टीकाकरण करें या परीक्षा रद्द करें' के अपने रुख को यह कहते हुए दोहराया है कि यदि छात्रों के टीकाकरण के बाद परीक्षा आयोजित की जाती है, तो राज्य विकल्प बी के पक्ष में है, जिसमें छात्रों के होम स्कूलों में छोटी अवधि की परीक्षा आयोजित करना शामिल है.