10वीं-12वीं के एग्जाम से पहले सीबीएसई ने पेरेंट्स से कह दी ये बात

10वीं-12वीं के एग्जाम से पहले सीबीएसई ने पेरेंट्स से कह दी ये बात
जुलाई में सीबीएसई बोर्ड की दसवीं और बारहवीं क्लास के 29 मूल विषयों की परीक्षाएं होनी थी.

सीबीएसई बोर्ड (CBSE Board) के दसवीं और बारहवीं के बचे हुए एग्जाम 1 जुलाई से लेकर 15 जुलाई तक आयोजित किए जाने हैं.

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नई दिल्ली. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई (CBSE) की दसवीं और बारहवीं की बची हुई परीक्षाओं को लेकर असमंजस बढ़ता जा रहा है. हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक द्वारा जारी डेटशीट के अनुसार बोर्ड के एग्जाम 1 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजित किए जाने हैं, लेकिन परीक्षाएं रद्द करने को लेकर कुछ पेरेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि सीबीएसई एग्जाम रद्द करने का फैसला कर सकती है.

इस बीच, दसवीं और बारहवीं की जुलाई में प्रस्तावित परीक्षा से पहले सीबीएसई (CBSE) ने पेरेंट्स और स्कूल प्रबंधन से सहयोग करने को कहा है. दरअसल, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के डायरेक्टर ने कहा कि मौजूदा समय में पेरेंट्स और स्कूल प्रबंधन के बीच सहयोग की बेहद जरूरत है. बता दें कि कोरोना वायरस के चलते देश की शिक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है.

एक-दूसरे का सहयोग करें पेरेंट्स और स्कूल मैनेजमेंट
सीबीएसई के ट्रेनिंग एंड स्किल्स डायरेक्टर बिस्वजीत साहा ने गुरुवार को एक कार्यक्रम में कहा, कभी न कभी स्कूल दोबारा खुल ही जाएंगे, ऐसे में बच्चों की शिक्षा के लिए पेरेंट्स और स्कूल मैनेजमेंट को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए. साहा का बयान ऐसे समय में आया है जब कई जगह फीस को लेकर पेरेंट्स और स्कूल प्रबंधन में ठनी हुई है.





निजी स्कूलों पर बेवजह फीस लेने का आरोप
इस तरह का आरोप है कि कई प्राइवेट स्कूल ट्यूशन फीस के अलावा कई इस तरह की फीस भी वसूल रहे हैं जो स्कूल बंद होने की सूरत में लागू ही नहीं होती. खासकर ये देखते हुए कि वर्चुअल क्लास भी सीमित ही हो रही हैं. बता दें कि कई राज्य सरकारों ने प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे फीस या तो कम कर दें या पूरी तरह माफ कर दें. हालांकि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने शिक्षण संस्थानों को फीस न बढ़ाने के लिए ही कहा है. बता दें कि कोरोना वायरस के चलते लागू किए गए लॉकडाउन की वजह से लोगों की आर्थिक स्थिति पर इसका नकारात्मक असर पड़ा है.
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