CBSE सिखाएगी आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस की स्किल, जानें क्या है स्कोप और फायदे

CBSE सिखाएगी आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस की स्किल, जानें क्या है स्कोप और फायदे
इस तरह की परीक्षा में नकल की आशंका पूरी तरह खत्म हो जाती है. (सांकेतिक तस्वीर)

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर साइंस की एक ऐसी ब्रांच है जिसके तहत कंप्यूटर बिल्कुल इंसानों की तरह से व्यवहार करेगा. आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस के लिए शिक्षा, हेल्थकेयर, सरकारी एजेंसियों के अलावा रिसर्च साइंटिस्ट, मेकैनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर और इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं हैं.

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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (सीबीएसई) (Central Board of Secondary Education, CBSE) ने मंगलवार को कक्षा 6वीं से 11वीं तक के छात्रों के लिए कुछ नये स्‍क‍िल कोर्सेज के शुरुआत की घोषणा की. इन शुरू किए गए स्किल कोर्सेज़ में एक कोर्स आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस का है. हममें से तमाम लोगों के दिमाग में ये बात उठ रही होगी कि आखिर आर्टीफीशियल इंटलीजेंस को छात्रों को पढ़ाने का क्या फायदा होगा. तो हम आपको इसके बारे में सारी जानकारी देते हैं-

क्या है आर्टीफीशियल इंटेलीजेंस-
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंप्यूटर साइंस की एक ऐसी ब्रांच है जिसके तहत कंप्यूटर बिल्कुल इंसानों की तरह से व्यवहार करेगा. आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस की वजह से मशीनों में मनुष्यों की तरह से सोचने, समझने, सीखने और समस्याओं को हल करने और निर्णय लेने जैसे कॉगनिटिव कामों को करने की क्षमता आ जाएगी. बता दें कि इस पर सबसे पहले रिसर्च 1950 के दशक में शुरू हुई थी.

इसके ज़रिये कंप्यूटर सिस्टम या रोबोटिक सिस्टम तैयार किया जाता है, जो कि उसी तरह की रीज़निंग का प्रयोग करते काम करता है जैसे कि मनुष्य का दिमाग. खास बात है कि इसमें Self Conscious जैसा गुण देखने को मिलेगा.



आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर सरकार भी काफी ऐक्टिव है. इसके लिए नेशनल आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस प्रोग्राम शुरू किया गया है जिसके तहत इस पर काफी रिसर्च की जाएगी. पिछले साल हुए जी-20 के शिखर सम्मेलन में भी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिज़िटल अर्थव्यवस्था एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्त्व के बारे में बताया था.



किस फील्ड में है स्कोप-
आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस के लिए शिक्षा, हेल्थकेयर, सरकारी एजेंसियों के अलावा रिसर्च साइंटिस्ट, मेकैनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर और इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं हैं.

कहां करें AI का कोर्स-
सीबीएसई ने आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस को लेकर स्किल ट्रेनिंग शुरू की है लेकिन इसके भारी स्कोप को देखते हुए अगर आप इसे आगे भी करना चाहते हैं तो अमेरिका में कई यूनीवर्सिटी में इसके कोर्सेज़ पढ़ाए जाते हैं. लेकिन भारत में IIT मद्रास, IIT खड़गपुर, और IISc बैंगलोर जैसे संस्थाओं में पढ़ाया जाता है.

क्या हैं लाभ-
NITI आयोग के अनुमान के अनुसार, AI को अपनाने और बढ़ावा देने से साल 2035 तक भारत की GDP में 957 बिलियन डॉलर की वृद्धि के साथ ही वार्षिक वृद्धि दर को 1.3 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है. हम सभी जानते हैं कि भारत एक कृषि प्रधान देश है. इसलिए खेती के कामों में इसका प्रयोग करने से प्रोडक्शन बढ़ाने में मदद मिलेगी. इसके अलावा शिक्षा के क्षेत्र में सुधार से लेकर बिज़नेस तक हर क्षेत्र में इससे सुधार होगा.

भारत आर्टीफिशियल इंटेलीजेंस के मामले में अब भी काफी पीछे है. इसलिए स्कूल के स्तर पर इसकी ट्रेनिंग दिए जाने से इस दिशा में रिसर्च की संभावनाएं बढ़ेंगी और देश के विकास में मदद मिलेगी.

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