10वीं और 12वीं की प्रैक्‍ट‍िकल परीक्षाएं बाहर से कराना चाहता है CBSE बोर्ड, केरल के स्‍कूलों ने जताई च‍िंंता

सीबीएसई अगर होम सेंटर के अलावा क‍िसी दूसरे स्‍कूल में अगर प्रैक्‍ट‍िकल परीक्षाएं कराता है तो प्रैक्‍ट‍िकल एग्‍जाम में छात्रों के प्रदर्शन पर इसका असर हो सकता है.

News18Hindi
Updated: July 12, 2019, 5:29 PM IST
10वीं और 12वीं की प्रैक्‍ट‍िकल परीक्षाएं बाहर से कराना चाहता है CBSE बोर्ड, केरल के स्‍कूलों ने जताई च‍िंंता
सीबीएसई
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Updated: July 12, 2019, 5:29 PM IST
CBSE बोर्ड ने हाल ही में 10वीं और 12वीं की प्रैक्‍ट‍िकल परीक्षाएं बाहर से कराने का प्रस्‍ताव रखा है. इसे लेकर केरल के कुछ स्‍कूलों ने च‍िंंता जाह‍िर की है. दरअसल, सीबीएसई का प्रस्‍ताव था क‍ि मैट्र‍िक और इंटरमीडिएट की प्रैक्‍ट‍िकल परीक्षाएं, किसी दूसरे स्‍कूल में आयोजित होनी चाह‍िए. इस प्रस्‍ताव को लेकर केरल के स्‍कूलों ने सीबीएसई के सामने अपनी बात रखी और कहा क‍ि बोर्ड का यह प्रस्‍ताव भय उत्‍पन्‍न करने वाला है. यह भी पढ़ें: यूपी बोर्ड ने बढ़ाई एग्जाम फीस, क्लिक कर जानें कितना देना होगा अब परीक्षा शुल्‍क

लैब परीक्षाएं हमेशा से होम सेंटर पर ही आयोज‍ित होती रही हैं. वह अपने स्‍कूल या कॉलेज के लैब से भली भांति परिच‍ित होते हैं, जबकि दूसरे केंद्र पर रसायन, उपकरण, उपकरणों के ब्रांड इत्यादि की व्यवस्था, छात्रों द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्तुओं से काफी भिन्न होगी, जो उनकी परेशानी का सबब बन सकता है. इससे उनके प्रदर्शन पर भी असर होगा. यहां तक क‍ि BSc, MSc, BTech, MTech के ल‍िये भी लैब परीक्षाएं उनके अपने सेंटर पर ही आयोजित होती हैं. यह भी पढ़ें: नेशनल मेडिकल कमीशन बिल का मसौदा कैबिनेट के पास, जल्‍द म‍िल सकती है मंजूरी



मेमोरेंडम में कहा गया है कि‍ यहां तक क‍ि ल‍िख‍ित परीक्षा के ल‍िए भी दूसरे सेंटर्स पर भेजा जाना छात्रों के ल‍िहाज से ठीक नहीं है. सेंटर बदलने की बजाय ज्‍यादा इंवीज‍िलेटर्स को रखा जाना चाह‍िए. प्रशासन‍िक अक्षमता के कारण मासूम छात्रों को परेशानी नहीं होनी चाह‍िए.

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