बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में नहीं होंगी 10वीं और 12वीं कक्षा की बची हुई परीक्षाएं, बोर्ड ने लिया फैसला

बड़ी खबर: छत्तीसगढ़ में नहीं होंगी 10वीं और 12वीं कक्षा की बची हुई परीक्षाएं, बोर्ड ने लिया फैसला
गुजरात सरकार ने ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के अंतिम सेमेस्टर के एग्जाम 25 जून से कराने की घोषणा की है.

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CG Education Board) के सचिव वीके गोयल ने इसके बारे में जानकारी दी है. गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं कक्षा की बची हुई परीक्षाओं के अंक आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर दिए जाएंगे.

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नई दिल्ली. देश में चौथे चरण का लॉकडाउन लगाने की तैयारी के बीच छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने विद्यार्थियों को राहत दी है. क्योंकि छत्तीसगढ़ में दसवीं और बारहवीं कक्षा की बची हुई परीक्षाएं आयोजित नहीं की जाएंगी. इस बात का फैसला छत्तीसगढ़ बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन ने लिया है. देश में चौथे चरण के लॉकडाउन को देखते हुए दसवीं और बारहवीं कक्षा की बची हुई परीक्षाओं को आयोजित नहीं करने का फैसला लिया है.

विद्यार्थियों को दसवीं और बारहवीं कक्षा की बची हुई परीक्षाओं के अंक आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर दिए जाएंगे. इसके बार में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव वीके गोयल ने एनएनआई से बताया है. वीके गोयल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दसवीं और बारहवीं बोर्ड की बची हुई परीक्षाओं को नहीं कराया जाएगा. विद्यार्थियों को आतंरिक मूल्यांकन के आधार पर ही शेष बची हुई परीक्षाओं के अंक दिए जाएंगे.





बता दें कि इस वक्त देश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए तीसरे चरण का लॉकडाउन चल रहा है जो कि 17 मई तक है. लॉकडाउन की वजह से स्कूल,कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान बंद हैं.
स्कूलों और कॉलेजों में इन दिनों विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा दी जा रही है.

कोरोना से निपटने के लिए केंद्र ने जारी किया भारी भरकम पैकेज
केंद्र सरकार ने कोविड-19 से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ रुपए का भारी-भरकम पैकेज देने का ऐलान किया है. इसमें से करीबन 13 लाख करोड़ रुपए की राहत राशि जारी भी की जा चुकी है. इसमें करीबन 6.50 लाख करोड़ रुपए के पैकेज का ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार यानी की आज किया है. जबकि बाकी का पैकेज पहले ही आरबीआई और सरकार ने दे दिया था.

बुधवार को जारी पैकेज में वित्तमंत्री ने टीडीएस के तहत 55000 करोड़ रुपए की सुविधा का ऐलान किया तो पीएफ के जरिए 25,000 करोड़ रुपए की सुविधा दी. इसी तरह पावर सेक्टर की कंपनियों के लिए 90,000 करोड़ रुपए का ऐलान किया गया है. जबकि एनबीएफसी के लिए 75,000 करोड़ रुपए और एमएसएमई के लिए 3 लाख करोड़ रुपए के भारी भरकम पैकेज की घोषणा की गई है.

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