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Children's Day के मौके पर इन 4 टॉपिक्स पर तैयार करें स्पीच, मिलेंगी तारीफें

News18Hindi
Updated: November 13, 2019, 5:47 PM IST
Children's Day के मौके पर इन 4 टॉपिक्स पर तैयार करें स्पीच, मिलेंगी तारीफें
Childrens Day Speech: चिल्‍ड्रेंस डे (Childrens Day) के लिए अगर भाषण की तैयारी कर रहे हो तो हम आपको कुछ आइडियाज दे रहे हैं, जिनकी तैयारी करके आप एक अच्‍छा भाषण तैयार कर सकते हैं.

Children's Day Speech: चिल्‍ड्रेंस डे (Children's Day) के लिए अगर भाषण की तैयारी कर रहे हो तो हम आपको कुछ आइडियाज दे रहे हैं, जिनकी तैयारी करके आप एक अच्‍छा भाषण तैयार कर सकते हैं.

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Children's Day Speech: देश भर में कल यानी कि 14 नवंबर को 'बाल  दिवस' (Children's Day) मनाया जाएगा. बच्‍चों के चहेते और देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्‍मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस मौके पर सभी शैक्षणिक संस्‍थानों में विभिन्‍न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जैसे स्‍कूल-कॉलेज में भाषण, कविता और निंबध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है. ऐसे में अगर आप भी कल यानी कि 'बाल दिवस' के मौके पर स्‍कूल में चिल्‍ड्रेंस डे (Children's Day) पर भाषण की तैयारी कर रहे हो तो हम आपको कुछ आइडियाज देने जा रहे हैं, जिनकी तैयारी करके आप एक अच्‍छा भाषण तैयार कर सकते हैं और स्‍कूल में आप खूब तारीफें बटोरेंगे. आइए उन चुनिंदा टॉपिक्‍स पर डालते हैं एक नजर.

1-जवाहरलाल नेहरू के बारे में संक्षिप्त जानकारी
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू एक अनुभवी स्वतंत्रता सेनानी और एक प्रमुख राजनीतिज्ञ थे. उनका जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में हुआ था. पंडित जवाहर लाल नेहरू कश्मीर के एक प्रवासी पंडित परिवार से थे. पेशे से वकील पंडित मोतीलाल नेहरू और उनकी पत्नी स्वरूप रानी की चार संतानों में जवाहर लाल नेहरू सबसे बड़े थे. 16 साल की उम्र तक जवाहर लाल नेहरू की अधिकांश शिक्षा उनके घर पर ही हुई. इस दौरान उन्हें अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत भाषा की शिक्षा मिली, लेकिन अंग्रेजी की पढ़ाई पर विशेष जोर रहा.



2. बच्‍चों के लिए नेहरू का योगदान 
पंडित जवाहर लाल नेहरू बच्चों से बहुत प्यार करते थे. वे बच्चों को देश का भविष्य मानते थे और उन्हें मजबूत बनाना चाहते थे ताकि भारत दुनिया में एक मजबूत राष्ट्र के रूप में अपनी छवि बना सके. वे जब भी बच्चों के बीच बैठते तो उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक करते थे. बच्‍चों की शिक्षा उनकी प्राथमिकता थी. इसलिए उन्होंने विभिन्न शैक्षिक संस्थानों, जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान जैसे तमाम उच्च स्तरीय शिक्षा संस्थानों की स्थापना की थी.

3.आखिर क्‍यों बुलाते थे 'चाचा नेहरू'
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चाचा नेहरू एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ बच्‍चों के बीच कितने लोकप्रिय हैं. ये सभी जानते हैं. नेहरू की बच्‍चों के प्रति चाहत का ये आलम था  कि वे पल भर में बच्‍चों के साथ मिल- जुल जाते थे. वहीं बच्‍चे भी उनके साथ बेहद खुश रहते थे. साथ ही उन्‍हें प्यार से  चाचा नेहरू कहरकर बुलाते थे.

4. आखिर 14 नवंबर को ही क्यों मनाते हैं 'बाल दिवस'
पंडित जवाहरलाल नेहरू के निधन से पहले 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था, लेकिन 27 मई 1964 को पंडित जवाहर लाल नेहरु के निधन के बाद बच्चों के प्रति उनके प्यार को देखते हुए सबने मिलकर ये फैसला किया कि अब से हर साल 14 नवंबर को चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर 'बाल दिवस' मनाया जाएगा. इसके बाद से ही हर साल 14 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाने लगा.

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First published: November 13, 2019, 5:41 PM IST
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