UPSC Civil Service Exam 2020: क्या तय तारीख को होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा!, जानें क्या है तर्क

UPSC Civil Service Exam 2020: क्या तय तारीख को होगी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा!, जानें क्या है तर्क
सिविल सेवा परीक्षा की तारीख घोषित हो चुकी है.

UPSC Civil Service Exam 2020: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को लेकर कुछ कैंडीडेट्स के मन में संदेह है कि परीक्षा तय समय पर होगी या नहीं ऐसे में यहां कुछ तर्क दिए जा रहे हैं जिससे आप इस बारे में अनुमान लगा सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 8, 2020, 6:14 PM IST
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नई दिल्ली. संघ लोक सेवा आयोग, यूपीएससी (Union Public Service Commission, UPSC) ने कोरोना के कारण 31 मई की अपनी प्रारंभिक परीक्षा की तारीख को बढ़ाकर 4 अक्‍टूबर कर दिया था. हालांकि इसके बाद देश में कोरोना का फैलाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है, लेकिन एक अच्‍छी बात यह है कि उसके परीक्षण और इलाज के संसाधन भी बेहतर होते जा रहे हैं. साथ ही 25 मार्च से लगातार जो दो महीने तक कड़े तालाबंदी की स्थिति बनी रही, उसमें भी धीरे-धीरे ढिलाई दी जा रही है. एक सबसे अच्‍छी बात यह है कि लोगों के मन में भी कोरोना का अब पहले जैसा आतंकित करने वाला भय नहीं रह गया है.

यदि हम इस पृष्‍ठभूमि में 4 अक्‍टूबर को होने वाली परीक्षा की संभावना का अनुमान लगाना चाहें, तो उसे 90% होने के रूप में घोषणा की जा सकती है. वैसे भी यदि अन्‍य सम्‍पूर्ण हालातों को ध्‍यान में रखकर बात की जाये, तो यह कहा जा सकता है कि प्रारम्भिक परीक्षा होने की संभावना लगभग-लगभग शत-प्रतिशत ही है. यहाँ मैं 'लगभग-लगभग' शब्‍द का इस्‍तेमाल केवल अपने थोड़े से बचाव के लिये कर रहा हूँ.

प्रारम्भिक परीक्षा के होने की संभावना के पक्ष में जो सबसे बड़ा तर्क दिया जा सकता है, वह है-JEE मेंस परीक्षा का सितम्‍बर के प्रथम सप्‍ताह में सफलतापूर्वक करा दिया जाना. इसके 3 सबसे महत्‍वपूर्ण बिन्‍दु हैं – पहला यह कि, यह परीक्षा पूरे देश में थी. दूसरा, यह कि इस परीक्षा के लिए अभ्‍यर्थी लगभग 8.50 लाख थे. तीसरा, यह कि इस परीक्षा में बैठने वाले परीक्षार्थियों की आयु 17-20 वर्ष के बीच थी.



इससे भी महत्‍वपूर्ण बात यह है कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए कुछ लोग इस परीक्षा के कराये जाने के विरोध में उच्‍चतम न्‍यायालय गये थे. उच्‍चतम न्‍यायालय ने अपने फैसले में परीक्षा कराये जाने की बात कही. बाद में जब न्‍यायालय के निर्णय के विरूद्ध पुनर्विचार याचिकाएं दी गईं, तो न्‍यायालय ने उन्हें तत्‍काल खारिज कर दिया. न्‍यायालय के इस निर्णय में केवल JEE की मेन्‍स परीक्षा के पक्ष में नहीं, बल्कि NEET परीक्षा भी शामिल है. यह परीक्षा भी पूरे देश में होती है और इसमें बैठने वालों की संख्‍या लगभग 16 लाख की बताई गई है. यह सितम्‍बर के मध्‍य में होनी है.
यदि हम इस परिदृश्‍य में सिविल सेवा प्रारम्भिक परीक्षा की संभावना पर विचार करें, तो होने के पक्ष में ही कुछ बिन्‍दु बड़ी प्रमुखता के साथ उभरते हैं –
• इस परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों की न्‍यूनतम आयु 21, जबकि अधिकतम आयु 35 वर्ष है.
• हालांकि कुल आवेदक लगभग 10 लाख के करीब होते हैं, लेकिन बैठने वालों की संख्‍या कभी भी इसके आधे से अधिक नहीं रही है.
• इस परीक्षा के होने में अभी लगभग 25 दिन बाकी हैं. देश को धीरे-धीरे खोलने की जिस प्रक्रिया की शुरुआत हुई है, उसमें लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है.
• आवागमन के साधन कुछ प्रतिबंधों के साथ खोल दिये गये हैं. ट्रेनों के चलने की संख्‍या बढ़ गई है और उम्‍मीद की जा रही है कि अक्‍टूबर की शुरुआत से इनकी संख्‍या में और बढ़ोतरी हो जायेगी.
• राज्‍यों से Lockdown लगाने के अधिकार केन्‍द्र सरकार ने वापस ले लिये हैं. अब इसमें कोई राज्य बाधा नहीं डाल सकेगा.
• सबसे बड़ी बात यह है कि आयोग ने प्रारम्भिक परीक्षा के प्रवेश पत्र अपनी वेबसाइट पर डाल दिये हैं.
ऐसी स्थिति में अब इस बात की आशंका बहुत कम रह जाती है कि प्रारम्भिक परीक्षा टल सकती है. वैसे भी अपनी कार्यप्रणाली के मामले में संघ लोक सेवा आयोग का प्रबंधन और उसकी विश्‍वसनीयता सन्‍देह से पूर्णत: परे रही है. यह बात कम महत्‍वपूर्ण नहीं है कि 2020 की परीक्षाओं पर आशंकाओं के बादल मंडराते रहने के बावजूद उसने 2021 की अपनी प्रारम्भिक और मुख्‍य परीक्षा की तिथियाँ घोषित कर दी हैं. जाहिर है कि आयोग को अगले वर्ष के लिए घोषित 17 जून की प्रारम्भिक परीक्षा आयोजित करने से पहले ही इस वर्ष की परीक्षा के तीनों स्‍तरों के चक्र को पूरा करके अंतिम परिणाम घोषित करने होंगे. कोरोना के काल में भी बचे हुए कुछ विद्यार्थियों का साक्षात्‍कार लेकर अपने चक्र को पूरा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आयोग ने पूरा करके दिखाया है.

इन सारी स्थितियों को ध्‍यान में रखते हुए मैं प्रारम्भिक परीक्षा में बैठने वाले युवाओं से कहना चाहूँगा कि उन्‍हें इसके आयोजन के बारे में अब किसी तरह की आशंका न रखकर इसकी तैयारी में जी-जान से जुट जाना चाहिए.
(लेखक पूर्व सिविल सर्वेन्‍ट एवं afeias के संस्‍थापक हैं.)
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