देश के पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल का हुआ उद्घाटन, पढ़ें इसकी खासियतें

कोरोना को देखते हुए देशभर के स्कूलों में ऑनलाइन क्लास चलाई जा रही है. (फाइल फोटो)
कोरोना को देखते हुए देशभर के स्कूलों में ऑनलाइन क्लास चलाई जा रही है. (फाइल फोटो)

होम स्कूलिंग में परीक्षाएँ तनाव मुक्त होती हैं और बच्चे को अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा देने का लचीलापन होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 19, 2020, 3:38 PM IST
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नई दिल्ली. देश के पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल 'सीज ग्लोबल इंस्टीटयूट' का रविवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उद्घाटन किया. उत्तराखंड से संचालित होने वाले पहले फुल वर्चुअल होम स्कूल के जरिए भारतीय ज्ञान परंपरा, वैदिक गणित, विज्ञान तथा भारतीय शास्त्रीय संगीत, संस्कृति, कला और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी और संस्कृत को भी कैम्ब्रिज बोर्ड के माध्यम से संबद्ध विश्व भर के स्कूल पढ़ा पायेंगे.

उद्घाटन कार्यक्रम में कई देशों के लोग वर्चुअली जुड़े
यहां जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, वर्चुअल होम स्कूल के उद्घाटन कार्यक्रम में अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के लोग वर्चुअली जुड़े हुए थे.

वर्चुअल होम स्कूल का क्या काम है
उद्घाटन अवसर पर संस्थान की संस्थापक रीना त्यागी ने कहा कि वर्चुअल होम स्कूल, स्कूली शिक्षा के विकल्प के रूप में कार्य करता है जिससे बच्चे का आत्मविश्वास भी बढ़ता है. उन्होंने कहा कि कोई बच्चा एक विषय में कमजोर लेकिन दूसरे में मजबूत हो सकता है और ऐसे में माता-पिता के पास बच्चे की रूचि के अनुरूप विषय चुनने का विकल्प होता है.



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होम स्कूलिंग में परीक्षाएँ तनाव मुक्त 
विशेषज्ञों ने बताया कि होम स्कूलिंग में परीक्षाएँ तनाव मुक्त होती हैं और बच्चे को अपनी तैयारी के अनुसार परीक्षा देने का लचीलापन होता है.
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