SSC परीक्षा परिणामों में देर, NSUI का केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन

SSC परीक्षा परिणामों में देर, NSUI का केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ ने कनॉट प्लेस में प्रदर्शन किया.

एनएसयूआई ने दावा किया, ‘‘2017 बैच के चयनित एक भी सदस्य की अब तक नियुक्ति नहीं की गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 6, 2020, 2:39 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस से जुड़े भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) ने केंद्र सरकार पर रोजगार मुहैया कराने में विफल रहने और कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) के परीक्षा परिणामों में देरी का आरोप लगाते हुए शनिवार को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन किया.

2017 बैच के चयनित सदस्य की नियुक्ति नहीं 
एनएसयूआई ने दावा किया, ‘‘2017 बैच के चयनित एक भी सदस्य की अब तक नियुक्ति नहीं की गई है, एसएससी ने संयुक्त स्नातक स्तर की वर्ष 2018 के मुख्य परीक्षा के नतीजे आने के छह महीने बीत जाने के बाद भी साक्षात्कार की प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की है.’’

25 प्रदर्शनकारी हिरासत में 
एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि ये हाल तब है जब सरकारी अधिसूचना में भर्ती प्रक्रिया को छह महीने के भीतर पूरा किए जाने के निर्देश सभी मंत्रालयों को दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि इसके चलते देश के शिक्षित युवाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि 25 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया.



सरकारी नौकरियों के सृजन पर रोक संबंधी आदेश वापस ले सरकार: कांग्रेस
एनएसयूआई के प्रदर्शन के अलावा कांग्रेस ने गैर जरूरी खर्चों में कटौती से जुड़े सरकार के प्रस्ताव को लेकर कहा, नयी नौकरियों के सृजन पर रोक ‘जन विरोधी कदम’ है. इस आदेश को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए.

आर्थिक स्थिति बहुत ही बुरी हालत में 
पार्टी के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘इस समय देश की आर्थिक स्थिति बहुत ही बुरी हालत में है. 45 साल में पहली बार जीडीपी में इतनी गिरावट हो रही है. इस घनघोर आर्थिक संकट से उबरने के लिए सरकार को एक कदम आगे बढ़कर आना चाहिए, जैसे दुनिया के बाकी देश कर रहे हैं.’’

निजी क्षेत्र में छंटनी चल रही है
उन्होंने सवाल किया, ‘‘निजी क्षेत्र में तो छंटनी चल रही है, लेकिन सरकार ने अब अपनी नौकरियों पर भी रोक लगा दी है. इस तरह से इस देश के युवा कहां जाएंगे? कहां नौकरियां मिलेंगी उन्हें? क्या करेंगे वो?’’

शुक्ला के मुताबिक, सरकार ने सीएमआईई का डाटा जारी किया और उसमें उसने ख़ुद स्वीकार किया कि किस तरह से 15 से 29 साल के आयु वर्ग में 17.8 प्रतिशत नौकरियां चली गयीं और इसके अलावा 20 अगस्त तक 1.89 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गंवानी पड़ी.

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गैर- जरूरी खर्चों को कम करने को कहा है
गौरतलब है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान राजकोषीय घाटे में भारी वृद्धि की आशंका के बीच सरकार ने शुक्रवार को सभी मंत्रालयों/विभागों से गैर- जरूरी खर्चों को कम करने को कहा है. सरकार ने मंत्रालयों/विभागों से परामर्शकों की नियुक्ति की समीक्षा करने, आयोजनों में कटौती करने और छपाई के लिए आयातित कागत का इस्तेमाल बंद करने की सलाह दी है.
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