दिल्ली सरकार से फंडिड DU कॉलेजों के स्टाफ को तीन महीने से नहीं मिली सैलरी, पढे़ं पूरी रिपोर्ट

दिल्ली सरकार से फंडिड DU कॉलेजों के स्टाफ को तीन महीने से नहीं मिली सैलरी, पढे़ं पूरी रिपोर्ट
दिल्ली सरकार ने केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है, लेकिन अभी तक इसे कोई राशि नहीं मिली है.

डीयू कॉलेजों के डीन बलाराम पाणि ने कहा, इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय ने पिछले तीन महीनों में कई बार दिल्ली सरकार को लिखा था.

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  • Last Updated: August 3, 2020, 10:37 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार की तरफ से फंडिड (fully funded), दिल्ली यूनिवर्सिटी के 12 कॉलेज टीचिंग, नॉन-टीचिंग स्टाफ की सैलरी देने और बिजली के बिल पे करने में संघर्ष कर रहे हैं. ये परेशानी पिछले तीन महीनों से फंड में कमी के सामने आई.

स्टाफ को पिछले तीन महीने का वेतन देना बाकी
दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज के अधिकारी ने कहा, उनके फोन और इंटरनेट कनेक्शन काट दिए गए क्योंकि वे चार महीने का भुगतान नहीं कर सके. इन 12 में से कुछ कॉलेजों ने मई के महीने का शिक्षण स्टाफ का भुगतान किया. लेकिन अधिकांश कॉलेजों का अपने स्टाफ को पिछले तीन महीने का वेतन देना बाकी है.

हालांकि दिल्ली सरकार ने कहा कि वेतन के लिए फंड जारी कर दिया गया है, लेकिन इन कॉलेजों के अधिकारियों ने कहा पैसा कम है. सरकार के फाइनेंन डिपार्टमेंट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, महामारी के कारण पैसे की बड़ी कमी है.
कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में भी कठिनाई


अधिकारी ने कहा, जून तक, सरकार को कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था. कोविड प्रबंधन में पैसो का बड़ा हिस्से इस्तेमाल किया गया. सरकार ने केंद्र से 5,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मांगी है, लेकिन अभी तक इसे कोई राशि नहीं मिली है.

डीडीयू कॉलेज के प्रिंसिपल हेम चंद जैन ने कहा, उनके फोन और इंटरनेट कनेक्शन काट दिए गए हैं और जल्द ही बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा.

धन की कमी
दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, "हमने पहले ही वेतन राशि जारी कर दी है लेकिन सरकार के पास धन की कमी है."

इसी तरह की स्थिति केशव महाविद्यालय, शहीद राजगुरु कॉलेज फॉर एप्लाइड साइंसेज फॉर वुमन, महाराजा अग्रसेन कॉलेज और आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज सहित अन्य 11 कॉलेजों में है. इन कॉलेजों में लगभग 1,200 शिक्षण और 900 गैर-शिक्षण स्टाफ सदस्य स्थायी रूप से कार्यरत हैं.

विश्वविद्यालय ने दिल्ली सरकार को लिखा 
डीयू कॉलेजों के डीन बलाराम पाणि ने कहा, इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय ने पिछले तीन महीनों में कई बार दिल्ली सरकार को लिखा था. अप्रैल में, कॉलेजों में पिछले महीनों का बैकलॉग था. जो फंड मिला वो पूरा नहीं था. अगर कॉलेजों को 7 करोड़ रुपये की आवश्यकता है, तो केवल 2 करोड़ रुपये उन्हें ट्रांस्फर किए गए. ऐसी परिस्थितियों में कॉलेजों के लिए यह कैसे संभव है कि वे सैलरी दे पाएं.

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आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज के प्रिंसिपल रवि तोतेजा ने कहा, हम अप्रैल से अपने शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को वेतन नहीं दे सके. हमें अपनी बिजली और बाकी बिलों का भुगतान करना बाकी है. हमारा कनेक्शन कभी भी काट दिया जा सकता है.

DU शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजीब रे ने कहा, "यह बिल्कुल अमानवीय है कि इन कॉलेजों में काम करने वाले हमारे सहयोगी पिछले तीन महीनों से सैलरी नहीं पा रहे.
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