फीस बकाया होने पर भी स्‍कूल नहीं रोक सकता छात्र का टीसी: दिल्‍ली हाईकोर्ट

द‍िल्‍ली के हाईकोर्ट ने एक मामले में फैसला सुनाते हुए कहा है कि‍ फीस बकाया होने की स्‍थ‍ित‍ि में भी स्‍कूल छात्र की टीसी नहीं रोक सकता.

News18Hindi
Updated: July 12, 2019, 2:51 PM IST
फीस बकाया होने पर भी स्‍कूल नहीं रोक सकता छात्र का टीसी: दिल्‍ली हाईकोर्ट
द‍िल्‍ली हाईकोर्ट
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Updated: July 12, 2019, 2:51 PM IST
नई दिल्ली: एक मामले की सुनवाई करने के दौरान द‍िल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय ने यह कहा है क‍ि फीस बकाया होने की स्‍थ‍ित‍ि में भी स्‍कूल छात्र की टीसी यानी स्‍थानांतरण प्रमाण पत्र नहीं रोक सकते. दिल्‍ली हाईकोर्ट ने एक पत्र का संज्ञान लेते हुए यह आदेश द‍िया, ज‍िसमें कार्तिक और प्र‍ियांश नाम के छात्रों को फीस बकाया होने के कारण टीसी नहीं मिल रही थी. बकाया फीस की रकम एक लाख रुपये से ज्‍यादा है.

बड़ी रकम बकाया होने के कारण निजी स्‍कूल ने दोनों छात्रों को टीसी देने से इंकार कर द‍िया. इसके कारण उनका दूसरे स्‍कूल में एडमिशन नहीं हो पा रहा है. इस मामले की सुनवाई न्‍यायधीश डी.एन. पटेल की अध्‍यक्षता वाली पीठ ने की. द‍िल्‍ली उच्‍च न्यायालय ने स्‍कूल को एक सप्‍ताह के अंदर छात्रों को टीसी देने का न‍िर्देश द‍िया है.



दरअसल, दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 के नियम 167 के तहत, एक स्कूल फीस के बकाया होने पर अपने रजिस्टर से छात्र का नाम हटा सकता है, लेकिन इसे मुद्दा बनाकर वह छात्र के स्थानांतरण प्रमाण पत्र को नहीं रोक सकता.

इस अध‍िन‍ियम के आधार पर द‍िल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय ने आदेश दि‍या है कि‍ ऐसी स्‍थ‍ित‍ि में जब फीस बकाया हो तो भी छात्र का स्‍थानांतरण प्रमाण पत्र, नहीं रोका जा सकता.

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