दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार ने रद्द किए फाइनल ईयर एग्जाम, UGC ने कहा-शिक्षा का स्तर...

दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार ने रद्द किए फाइनल ईयर एग्जाम, UGC ने कहा-शिक्षा का स्तर...
देशभर में फाइनल ईयर एग्जाम्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है.

कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए देश के कई हिस्सों में कॉलेज व यूनिवर्सिटीज (Colleges and Universities) के फाइनल ईयर एग्जाम (Final Year Exam) रद्द करने की मांग की जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 14, 2020, 11:48 AM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस की वजह से देशभर में कई परीक्षाएं या तो स्थगित कर दी गईं या फिर उन्हें रद्द करने का फैसला लिया गया. यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (Universities Grant Commission) यानी यूजीसी (UGC) ने हालांकि फाइनल ईयर की परीक्षाएं (Final Year Exam) रद्द नहीं करने का फैसला किया है, लेकिन इसे लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट में है जहां इस बात का फैसला होना है कि देशभर में फाइनल ईयर की परीक्षाएं रद्द की जाएंगी या नहीं. हालांकि इस बीच दिल्ली और महाराष्ट्र की सरकारें पहले ही फाइनल ईयर की परीक्षाएं आयोजित नहीं करने का फैसला ले चुकी हैं.

यूजीसी के हलफनामे में ये बिंदु
अब यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार के फाइनल ईयर एग्जाम रद्द करने के फैसले से शिक्षा का स्तर सीधे तौर पर प्रभावित हो सकता है. यूजीसी ने फाइनल ईयर एग्जाम को लेकर दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार के रुख पर हलफनामा पेश करते हुए अपना पक्ष रखा. इसमें कहा गया है कि फाइनल ईयर एग्जाम आयोजित करने का फैसला कोरोना वायरस जैसी महामारी के बीच स्टूडेंट्स के हितों को ध्यान में रखते हुए ही किया गया है.

इसलिए जरूरी है परीक्षाएं कराना
यूजीसी ने साफ कहा कि दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार का फाइनल ईयर एग्जाम रद्द करने का फैसला शिक्षा के स्तर पर सीधा असर डालेगा. यूजीसी ने सबसे पहले 29 अप्रैल को गाइडलाइंस जारी कर फाइनल ईयर एग्जाम आयोजित करने की बात कही थी.



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इसके बाद 6 जुलाई को संशोधित गाइडलाइंस जारी कर फाइनल ईयर एग्जाम आयोजित करने की अहमियत बताई गई. यूजीसी के अनुसार, स्टूडेंट्स के एकेडमिक सत्र को बचाने के लिए फाइनल ईयर एग्जाम कराए जाने जरूरी हैं और चूंकि डिग्री यूजीसी की ओर से दी जाएगी, ऐसे में परीक्षाएं कराने या न कराने का अधिकार भी उसी का होना चाहिए.
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