CBSE से अलग दिल्‍ली का होगा अपना शिक्षा बोर्ड: मनीष सिसोदिया

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Updated: September 11, 2019, 8:31 AM IST
CBSE से अलग दिल्‍ली का होगा अपना शिक्षा बोर्ड: मनीष सिसोदिया
दिल्ली के डिप्टी सीएम ने कहा है क‍ि जल्‍द ही द‍िल्‍ली के पास अपना बोर्ड होगा.

केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए अपने परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी की थी, तब सिसोदिया ने कहा था कि अगर इस तरह से चीजें जारी रहती हैं, तो सरकार अपने बोर्ड रखने पर विचार कर सकती है. इसका पाठ्यक्रम कैसे होगा, जानें.

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नई द‍िल्‍ली: जल्‍द ही द‍िल्‍ली का अपना श‍िक्षा बोर्ड होगा. लेक‍िन इसे CBSE की जगह नहीं लाया जा रहा है. बल्‍क‍ि यह नेक्‍स्‍ट जनरेशन का बोर्ड होगा, जो छात्रों को JEE और NEET जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेगा. दिल्‍ली के उप-मुख्‍यमंत्री और श‍िक्षा मंत्री मनीष स‍िसोद‍िया ने मंगलवार को इसकी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि छात्र स्कूलों की मदद से बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन अपनी इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं को समाप्त करने के लिए कोचिंग सेंटरों की मदद लेनी पड़ती है. द‍िल्‍ली बोर्ड बनने के बाद इस मौजूदा स्थिति का न‍िदान हो सकेगा. उन्‍होंने कहा क‍ि हम जल्‍द ही दिल्‍ली को इसका अपना एजुकेशन बोर्ड देने की तैयारी कर रहे हैं.

साल 2015 से हो रही प्‍लानिंग
पीटीआई के अनुसार, मनीष स‍िसोदिया ने कहा क‍ि हम इस पर साल 2015 से व‍िचार कर रहे हैं. हालांकि, जब हमने इमारतों की स्थिति देखी, तो हमने महसूस किया कि एक नया बोर्ड शुरू करने से पहले, हमें बुनियादी ढांचे को सुधारने पर काम करना चाहिए. सरकार ने बुनियादी ढांचे के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए, नए बोर्ड पर चल रहे काम को कुछ द‍िनों के ल‍िये ठंडे बस्‍ते में डाल द‍िया. लेकिन अब दिल्ली शिक्षा बोर्ड बनाने का समय आ गया है.

सरकार नये बोर्ड पर काम कर रही है. हालांकि यह CBSE का र‍िप्‍लेसमेंट नहीं है. यह नेक्‍स्‍ट जनरेशन बोर्ड है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मददगार होगा.

कैसा होगा द‍िल्‍ली बोर्ड का पाठ्यक्रम:
बोर्ड के करिकुलम और पाठ्यक्रम पर बात करते हुए स‍िसोद‍िया ने कहा क‍ि अलग-अलग विषयों पर अलग-अलग ग्रेड देने की योजना है. यह देखना होगा क‍ि छात्र क्‍या करना चाहता है. आपके पास विषय के चार ग्रेड हैं. जैसे क‍ि साइंस को चार ग्रेड में व‍िभाज‍ित क‍िया गया है. डॉक्‍टर के ल‍िये साइंस, इंंजीन‍ियर के ल‍िये साइंस, स्‍पोर्ट्समैन के ल‍िये साइंस, ह्यूमैनिटी के ल‍िये साइंस.

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स‍िसोद‍िया ने कहा क‍ि इसके अलावा यह बोर्ड छात्रों की एक और समस्‍या को हल करेगा. वह छात्रों को प्रवेश परीक्षाओं के ल‍िये भी तैयार करेगा. वर्तमान स्‍थ‍िति‍ में प्रवेश परीक्षाओं के ल‍िये स्‍कूल में छात्र को स‍िर्फ 10 फीसदी पाठ्यक्रम ही म‍िलता है. 90 प्रतिशत पाठ्यक्रम वह कोचिंग सेंटर की मदद से तैयार करता है. जैसे क‍ि अगर क‍िसी 12वीं के छात्र को अगर IIT प्रवेश परीक्षा (IIT entrance exam) की तैयारी करनी है तो वह कोच‍िंंग सेंटर जाएगा. क्‍यों न इसे बोर्ड का ही ह‍िस्‍सा बना द‍िया जाए.

सिसोदिया ने अपनी हाल ही में लॉन्च की गई किताब 'शिक्षा' में दिल्ली के लिए एक अलग बोर्ड होने की आवश्यकता के बारे में भी लिखा है. इस क‍िताब में दिल्ली के शिक्षा मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के बारे में जानकारी दी गई है.

केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षाओं के लिए अपने परीक्षा शुल्क में बढ़ोतरी की थी, तब सिसोदिया ने कहा था कि अगर इस तरह से चीजें जारी रहती हैं, तो सरकार अपने बोर्ड रखने पर विचार कर सकती है.

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First published: September 11, 2019, 8:31 AM IST
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