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Delhi University Admission: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए देना होगा एंट्रेंस

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Updated: October 24, 2019, 12:25 PM IST
Delhi University Admission: दिल्ली यूनिवर्सिटी में ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए देना होगा एंट्रेंस
Delhi University में दाखिले के लिए देना होगा एंट्रेंस.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जो एंट्रेंस कराएगी उसी की मेरिट के आधार पर कॉलेजों में दाखिला मिलेगा. प्रस्ताव में ये एंट्रेंस, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के जरिए ही कराने की बात कही गई है.

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Delhi University Admission: दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) में नई शिक्षा नीति का प्रस्ताव दिया गया है. इस प्रस्ताव में ग्रेजुएशन प्रोग्राम (Graduation program) कोर्स में दाखिले के लिए एंट्रेंस कराने की बात कही गई है. ये एंट्रेंस नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) कराएगी. इस टेस्ट के जरिए यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड (Affiliated) सभी कॉलेज में ग्रेजुएशन प्रोग्राम में दाखिला मिलेगा. अगर ये प्रस्ताव अमल में लाया जाता है तो दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए सौ फीसदी कटऑफ की होड़ रुक जाएगी.

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जो एंट्रेंस कराएगी उसी की मेरिट के आधार पर कॉलेजों में दाखिला मिलेगा. प्रस्ताव में ये एंट्रेंस, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के जरिए ही कराने की बात कही गई है. क्योंकि माना गया है कॉलेजों को पढ़ाई और शोध कार्यों पर फोकस करना चाहिए. प्रवेश परीक्षा जैसे काम नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से करवाने से गुणवत्ता बढ़ेगी, समय और धन बचेगा.

अभी डीयू के किसी कॉलेज में 12वीं के मार्क्स के आधार पर दाखिला होता है तो कहीं एंट्रेंस के आधार पर. एंट्रेंस सिस्टम शुरू होने के बाद सभी कॉलेजों में एंट्रेंस की मेरिट के आधार पर ही दाखिला मिलेगा.

ग्रेजुएशन में दाखिले के लिए एंट्रेंस के आलावा प्रस्ताव में और भी कई बातें कही गई हैं. जिसमें उच्च शिक्षा अधूरी छोड़ने (Dropout) से रोकने के तरीकों पर बी बात कही गई है. ड्रॉप-आउट रोकने के लिए सभी कॉलेजो में ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग से पढ़ाई शुरू की जाएगी. इसके अलावा ऐसे कोर्स खत्म होंगे जिनकी उपयोगिता कम हो रही है. अब स्नातक स्तर पर लॉ, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी जैसे विषयों की पढ़ाई होगी.

अमर उजाला की खबर  के मुताबिक, विषयों में दक्षता के आधार पर पढ़ाई होगी. कौशल विकास पर जोर रहेगा, ताकि रोजगार मिले. एमफिल प्रोग्राम खत्म होगा और पीएचडी पाठ्यक्रम नए सिरे से तय होगा.

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First published: October 24, 2019, 12:25 PM IST
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