UPSC Civil Service Prelim Exam: क्या टल सकती है यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा! आज है सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सिविल सर्विस परीक्षा टालने के लेकर 30 सितंबर को सुनवाई है.
सिविल सर्विस परीक्षा टालने के लेकर 30 सितंबर को सुनवाई है.

इस मामले में पिछली सुनवाई सोमवार, 28 सिंतबर को हुई थी. सुनवाई के दौरान यूपीएससी आयोग ने परीक्षा फिर से स्थगित करने से इनकार कर इसे पूरी तरह से असंभव बताया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 30, 2020, 12:00 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक (UPSC Civil Services Exam 2020) परीक्षा 4 अक्टूबर को होने वाली है. लेकिन इसको लेकर भी कश-म-कश की स्थिति बनी हुई है क्योंकि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिका में कोरोना वायरस महामारी के चलते परीक्षा को टालने की मांग की गई थी. अब परीक्षा को स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर आज एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई होनी है. इस मामले में पिछली सुनवाई सोमवार, 28 सिंतबर को हुई थी. हालांकि, पिछली सुनवाई के दौरान यूपीएससी ने परीक्षा को किसी भी दशा में न टालने की बात कही थी.

पिछली सुनवाई में क्या हुआ
यूपीएससी (UPSC) के पक्षकार वकील ने परीक्षा स्थगित करने की मांग वाली याचिका पर कहा कि मौजूदा हालातों के आधार पर परीक्षा एक बार पहले ही रद्द की जा चुकी है लेकिन अब इस फिर से सहमत होना मुश्किल है. इससे आयोग की पूरी प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ेगा.

यूपीएससी के वकील के दलील पेश के करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें उचित हलफनामा के जरिए आयोग के परीक्षा स्थगित न कर पाने के उचित कारणों का विवरण देने के निर्देश दिए. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को 29 सितंबर तक मामले में हलफनामा जमा करने का समय दिया और अगली सुनवाई की तारीख 30 सितंबर के लिए रखी.
क्या है पूरा मामला


वासी रेड्डी गोवर्धन साई प्रकाश सहित अन्य यूपीएससी (UPSC) उम्मीदवारों ने उच्चतम न्यायलय (Supreme Court) में सिविल सेवा परीक्षा 2020 को फिर से स्थगित करने की मांग रखी है। याचिका में यूपीएससी की परीक्षा की तारीख को दो से तीन महीने आगे बढ़ाने को कहा है. याचिका में आगे कहा गया है कि कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी और देश के कई हिस्सों में बाढ़ से हालात बिगड़े गए हैं जिसके कारण कई अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा में शामिल होना मुश्किल है. याचिका के आखिर में मौलिक अधिकारों (Fundamental Rights) का हवाला देते हुए कहा गया है कि ऐसे हालातों में यूपीएससी का परीक्षा कराना संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (जी) के तहत अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन माना जाएगा।

बता दें कि यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा 2020 (UPSC Prelims Exam 2020) 4 अक्टूबर को आयोजित की जानी है, लेकिन परीक्षा तय तारीख में होगी या नहीं, इस पर सुप्रीम कोर्ट आज एक बार फिर सुनवाई करेगा. गौरतलब है कि देशभर के 72 शहरों में यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा 2020 प्रस्तावित है. इस ऑफलाइन परीक्षा में 6 लाख अभ्यर्थियों के बैठने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ेंः
UPSC Prelims 2020 Exam: IAS परीक्षा देने वाले कैंडीडेट्स के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, ये है प्लान
NEET आंसर-की 2020 ntaneet.nic.in पर जारी, इस डायरेक्ट लिंक से करें चेक

हालांकि, पूर्व मे कोर्ट द्वारा लिए गए फैसले को देखते हुए परीक्षा को टालने की संभावना कम ही लगती है क्योंकि इससे पहले नीट और जेईई परीक्षा को टालने के लिए भी कोर्ट में याचिका डाली गई थी लेकिन कोर्ट ने इस पर रोक लगाने से मना कर दिया था. कोर्ट का कहना था कि कोरोना काल में भी जिंदगी चलती रहनी चाहिए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज