DU Admissions 2020 : दिल्ली यूनिवर्सिटी में 20 जून से रजिस्ट्रेशन! स्पोर्ट्स कोटा के लिए ट्रायल नहीं होगा

DU Admissions 2020 : दिल्ली यूनिवर्सिटी में 20 जून से रजिस्ट्रेशन! स्पोर्ट्स कोटा के लिए ट्रायल नहीं होगा
कोरोना वायरस के चलते देशभर के शिक्षण संस्थान करीब ढाई महीने से बंद हैं.

डीयू एडमिशन (Delhi University Admission) के लिए रजिस्ट्रेशन (Registration) की दूसरी विंडो सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट (CBSE Board Result) जारी होने के बाद खोली जाएगी.

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नई दिल्ली. दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) यानी डीयू में एडमिशन (DU Admission) के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस (Registration Process) 20 जून से शुरू हो सकता है. हालांकि कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी के चलते स्पोटर्स कोटा (Sports Quota) के लिए ट्रायल आयोजित नहीं किए जाएंगे. स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में ये फैसला किया गया कि सभी कोर्सेज के लिए रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 20 जून से 4 जुलाई तक चलेगा. कमेटी के एक सदस्य ने ये भी बताया कि रजिस्ट्रेशन की दूसरी विंडो सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट जारी होने के बाद खोली जाएगी.

अगस्त में जारी हो सकती है कटऑफ
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार हालांकि कटऑफ अगस्त में जारी होने की संभावना है, लेकिन इस बात पर भी निर्भर करता है कि सीबीएसई बोर्ड रिजल्ट (CBSE Board Results) कब तक जारी होते हैं. कमेटी के मेंबर ने ये भी बताया, कोरोना वायरस के चलते स्पोटर्स कोटे के लिए ट्रायल्स आयोजित नहीं किए जाएंगे. इसमें एडमिशन सर्टिफिकेट के आधार पर ही होंगे. बता दें कि कोरोना वायरस के चलते देशभर के शिक्षण संस्थान करीब तीन महीनों से बंद हैं.

एडमिशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन
स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में मौजूद रहने वाले एक अन्य प्रोफेसर ने बताया, एडमिशन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और स्टूडेंट्स को इसके लिए कॉलेज जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मीटिंग में ये भी तय किया गया कि बोनाफाइड डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन सबमिट करने के बाद बाद में खारिज नहीं किए जा सकेंगे. जब तक कि वह फर्जी साबित न हो जाएं. एकेडमिक काउंसिल मेंबर डॉ. अरुण कुमार ने सिफारिश की है कि एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूडी वर्ग के छात्रों से किसी तरह की फीस, खासकर कैंसिलेशन चार्जर्स नहीं लिए जाने चाहिए. हालांकि समिति ने उनकी सिफारिश से सहमति नहीं जताई.



नाम में गलती हुई तो...
समिति के सदस्य के अनुसार, एडमिशन प्रक्रिया के तहत अगर कॉलेज को किसी तरह की अतिरिक्त जानकारी की दरकार होगी तो वो फोन और ईमेल के जरिये छात्रों से संपर्क करेगा. मीटिंग में ये भी फैसला किया गया कि अगर एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और पीडब्ल्यूडी वर्ग के छात्रों के नामों की स्पेलिंग या सरनेम में किसी तरह की समस्या पेश आती है तो एडमिशन रिजेक्ट करने की बजाय उनके दूसरे सर्टिफिकेट्स से उनका मिलान किया जाएगा. एक बार कास्ट सर्टिफिकेट बनने के बाद उसके दोबारा नवीनीकरण की जरूरत नहीं होगी. सिर्फ इनकम सर्टिफिकेट का नवीनीकरण जरूरी होगा.

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