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JOB LOSS: कोरोना वायरस की वजह से लैटिन अमेरिका में गई 3.7 करोड़ लोगों की नौकरी

JOB LOSS: कोरोना वायरस की वजह से लैटिन अमेरिका में गई 3.7 करोड़ लोगों की नौकरी

कोरोना संकट के बीच बहुत सी कंपनियों के कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया.

कोरोना संकट के बीच बहुत सी कंपनियों के कर्मचारियों को नौकरी से हटाया गया.

यह आंकड़ा आईएलओ के अगस्त की शुरुआत में लगाए अनुमान से अधिक है. उस अनुमान के अनुसार 1.4 करोड़ लोगों की नौकरी गई थी.

    नई दिल्ली. संयुक्त राष्ट्र के अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने बताया कि कोरोना वायरस के कारण लैटिन अमेरिका में कम से कम 3.7 करोड़ लोगों की नौकरियां चली गईं. आईएलओ ने क्षेत्र के देशों से समस्या से निपटने के लिए ‘‘तत्काल रणनीतियों’’ को अपनाने की अपील की है. यह आंकड़ा आईएलओ के अगस्त की शुरुआत में लगाए अनुमान से अधिक है. उस अनुमान के अनुसार 1.4 करोड़ लोगों की नौकरी गई थी.

    तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियां बेहतर 
    लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई क्षेत्र के लिए संगठन के निदेशक विनिसियस पिनेहिरो ने इसे एक ‘‘अप्रत्याशित चुनौती’’ बताया. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियां बेहतर हुई हैं और रोजगार की स्थिति भी पहले से थोड़ी बेहतर है.

    आय में असमानता का सामना 
    उन्होंने कहा कि क्षेत्र कम उत्पादकता और आय में असमानता जैसी संरचनात्मक समस्याओं का सामना करना रहा है. आईएलओ के आंकड़े उन नौ देशों के आंकड़ों पर आधारित थे, जो इस क्षेत्र के कार्यबल का 80 प्रतिशत हिस्सा हैं.

    ब्रिटेन ने विदेशी कामगारों को नौकरी देने के नियमों पर जोर दिया
    इसके अलावा ब्रिटिश सरकार ने भारत सहित अन्य देशों से कामगारों को नियुक्त करने के लिये अद्यतन नियमों के बारे में कारोबारों को सूचना देने को लेकर बुधवार को एक नया अभियान शुरू किया. ब्रिटेन के ब्रेक्जिट से बाहर निकलने की प्रक्रिया संपन्न हो जाने के बाद ये नये नियम जनवरी 2021 से प्रभावी होंगे.

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    देश में कौन-कौन आएगा 
    भविष्य की सीमाओं और आव्रजन पर ब्रिटेन के गृह कार्यालय मंत्री केविन फोस्टर ने कहा, ‘‘हम इस बारे में फैसला करने में सक्षम होंगे कि देश में कौन-कौन आएगा और अपने मौजूदा कार्य बल का कौशल बढ़ाएंगे. साथ ही पूरी दुनिया से सर्वश्रेष्ठ एवं मेधावी लोगों को यहां आने के लिये आकर्षित किया जाएगा. ’’ उल्लेखनीय है कि भारतीय उद्योग और छात्रों के समूहों ने ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल द्वारा इस साल की शुरूआत में पेश की गई ‘नयी प्वांइट आधारित प्रणाली’ का व्यापक रूप से समर्थन किया है. (भाषा के इनपुट के साथ)undefined

    Tags: Corona Cases, Job and career, Job insecurity, Job loss

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