Home /News /career /

एडवांस कोर्स कराने में नाकाम साबित हो रहे भारतीय कॉलेज, ई- लर्निंग बन रहा नया सहारा!

एडवांस कोर्स कराने में नाकाम साबित हो रहे भारतीय कॉलेज, ई- लर्निंग बन रहा नया सहारा!

सांकेतिक तस्वीर Image: Reuters

सांकेतिक तस्वीर Image: Reuters

एडवांस सब्जेक्ट में करियर बनाने की इच्छा रखने वालों के लिए ई-लर्निंग पोर्टल काफी मददगार साबित हो रहे हैं. हालांकि रेगुलर कॉलेज अभी भी इससे जुड़े कोर्स कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं.

    रौनक कुमार गुंजन

    ऑटोमेशन से जुड़े जॉब्स भारत में टॉप एम्प्लॉयमेंट प्रोवाइडर बन रहे हैं. हालांकि रेगुलर कॉलेज अभी भी इससे जुड़े कोर्स कराने में नाकाम साबित हो रहे हैं. इन एडवांस सब्जेक्ट में करियर बनाने की इच्छा रखने वालों के लिए ई-लर्निंग पोर्टल काफी मददगार साबित हो रहे हैं.

    दिल्ली के रहने वाले शुभम अग्रवाल को ऑटोमेशन की जरूरत पहले ही समझ में आ गई थी. फर्स्ट प्रोग्राम को पूरा करने के बाद अपने फिल्ड की गहरी जानकारी हासिल करने के लिए उसने ई-लर्निंग पोर्टल उडेसिटी से ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक कोर्स किया. उसे अब मशीन की समझ, प्रोग्रामिंग की जानकारी हासिल हो चुकी है.

    केवल युवा नहीं अनुभवी भी ई-लर्निग कोर्स में ले रहे दाखिला
    उसने उडेसिटी के लिए अपने ब्लॉग में लिखा, 'मॉड्यूल्स ने मुझे आसानी से कोडिंग सीखने में मदद की है.' ई लर्निंग को अपनाना केवल युवाओं तक ही सीमित नहीं है. हैदराबाद में बिजनेस इंटेलिजेंस कंसल्टेंट के रूप में करने वाले और बिजनेस मैनेजमेंट में 15 साल का अनुभव रखने वाले अक्षय जी ने ई-कोर्स कराने वाले ग्रेट लर्निंग से बिग डेटा और मशीन लर्निंग में पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम करने का फैसला लिया है.

    कई रिक्रूटमेंट एजेंसियों ने न्यूज 18 से बातचीत में बताया कि बड़ी संख्या में रिक्रूटर्स ने ई-डिग्री के ट्रेंड को पहचाना है. इन कोर्सों को करने वालों की सैलरी में इजाफा भी उन्होंने महसूस किया. पारंपरिक कॉलेजों में इन कोर्सों में कमी को इसी बात से समझा जा सकता है कि दस राज्यों को छोड़कर भारत के दूसरे राज्यों ने पिछले 5 सालों से ऑटोमेशन में कोई नया कोर्स शुरू नहीं किया गया है.

    अगले 2 साल में भारत में 54 लाख कम कर्मचारियों की जरूरत
    केवल 10 राज्यों आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, तमिलनाडु और तेलंगाना में ही इन कोर्सों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

    फिक्की, नासकॉम और ईवाई इंडियन इंडस्ट्रीज के संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार अगले 2 सालों में भारत में 54 लाख कम कर्मचारियों की जरूरत है. ऑटोमेशन जॉब्स में भारत के कम स्ट्राइक रेट की समस्या को कम करने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के परामर्श से एआईसीटीई टेक्निकल कॉलेजों के नए सिलेबस पर काम कर रही है.

    Tags: Job and career

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर