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Civil Services Examination: सिविल सेवा परीक्षा में इंजीनियरों का हो रहा अधिक चयन, जानें क्या है कारण

Civil Services Examination: सिविल सेवा परीक्षा में इंजीनियरों का चयन अधिक संख्या में हो रहा है.

Civil Services Examination: सिविल सेवा परीक्षा में इंजीनियरों का चयन अधिक संख्या में हो रहा है.

Civil Services Examination: इसका सामान्य सा उत्तर यही सुनने को मिलता है कि “इस सेवा में आने पर देश के आम आदमियों के लिए बहुत कुछ करने का मौका मिलता है.“ इस उत्तर में अप्रत्यक्ष से यह ध्वनि सुनाई देती है, मानो कि देश के इंजीनियर आम आदमियों के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं.

  • News18Hindi
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    नई दिल्ली. Civil Services Examination: पिछले लगभग दस सालों की तरह इस बार भी सिविल सर्विस के रिजल्ट में यह देखकर कोई आश्चर्य नहीं हुआ कि आधे से भी अधिक चयनित युवा इंजीनियर हैं. इनमें भी ऐसे इंजीनियरों की तादाद अधिक है, जो इस देश के इंजीनियरिंग के ऐसे संस्थानों से पढ़कर निकले हैं, जिन पर देश गर्व करता है. सिविल सर्विस में सफलता के पलड़े का यह झुकाव जब बिल्कुल एकतरफा होने लगे, और झुकाव की वह स्थिति जब लम्बे समय तक बनी रहे, तो एक सचेत समाज को उस पर गम्भीरतापूर्वक विचार करना चाहिए. विचार करने के दो बहुत ही स्पष्ट दृष्टिकोण हो सकते हैं.

    पहला दृष्टिकोण व्यक्तिगत है. इसमें एक लोकतांत्रिक देश के नागरिक द्वारा अपने भविष्य के बारे में जीवन के किसी भी चरण में निर्णय लेने की स्वतंत्रता प्रमुख है. इसे बाधित किया जाना प्रतिक्रियावादी होगा. दूसरा दृष्टिकोण सार्वजनिक है. यानी कि प्रशासन की आवश्यकता एवं चरित्र से है. प्रशासन का चरित्र इतना व्यापक एवं विविधतापूर्ण होता है कि इसका समावेशी होना इसकी स्वाभाविक मांग हो जाती है. लेकिन पिछले वर्षों से ऐसा होना बाधित हो गया है. ऐसा क्यों हो रहा है, और कैसे इसे शिक्षा की सभी शाखाओं के युवाओं के लिए “सेम प्लेयिंग फिल्ड“ वाला बनाया जाये, यह वर्तमान की एक बड़ी आवश्यकता जान पड़ रही है.

    इस दिशा में कुछ इस तरह के बिंदुओं को शामिल किया जा सकता है ?

    –     क्या सिविल सर्विस परीक्षा का पैटर्न इंजीनियर्स के अधिक अनुकूल है? यदि है, जैसा कि सी सेट के पेपर के अंक जुड़ने के समय था, तो इसे ‘सभी के लिए समान‘ बनाया जाना चाहिए.
    –     क्या इंजिनियरिंग के युवाओं का मस्तिष्क देश का सर्वोत्तम मस्तिष्क है, विशेषकर प्रशासनिक कार्यों की दृष्टि से.
    –     इन कारणों की भी तलाश करना ठीक रहेगा कि ये युवा इस सेवा में बड़ी-बड़ी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के बड़े-बड़े पैकेज छोड़कर यहाँ क्यों आना चाह रहे हैं.

    इसका सामान्य सा उत्तर यही सुनने को मिलता है कि “इस सेवा में आने पर देश के आम आदमियों के लिए बहुत कुछ करने का मौका मिलता है.“ इस उत्तर में अप्रत्यक्ष से यह ध्वनि सुनाई देती है, मानो कि देश के इंजीनियर आम आदमियों के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं. इस परीक्षा के अनुभवी विशेषज्ञों के एक वर्ग का यह भी कहना है कि इंजीनियरिंग एवं साइन्स के स्टूडेन्टस रटने में माहिर होते हैं. इसका भरपूर फायदा उन्हें इस परीक्षा में मिलता है. विशेषकर वैकल्पिक विषयों में इनके प्राप्तांक उनके इसी गुण के कारण अन्य की तुलना में बहुत अधिक हो जाते हैं. निष्कर्ष जो भी निकले, लेकिन इन पर सोचा तो जाना ही चाहिए. और यदि बाद में कुछ जरूरी लगे, तो वैसा किया भी जाना चाहिए.

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