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NEET और JEE 2022 परीक्षा में टाई ब्रेकिंग पॉलिसी से तय होगा टॉपर, जानें डिटेल

NEET Exam: जेईई की तरह नीट परीक्षा में भी टाई ब्रेकर रूल मान्य होगा

NEET Exam: जेईई की तरह नीट परीक्षा में भी टाई ब्रेकर रूल मान्य होगा

NEET Exam, JEE Exam, Tie Breaking Rule, Tie Breaker Rule: देश में हर साल अलग-अलग कोर्स के लिए कई तरह के एंट्रेंस एग्जाम (Entrance Exams) होते हैं. इनमें लाखों स्टूडेंट्स शामिल होते हैं. ऐसे में कई बार कई स्टूडेंट्स बराबर अंक उत्तीर्ण कर लेते हैं. इस वजह से काफी परेेशानी हो जाती है कि दोनों में से पहली पोजिशन किसे दी जाए. इस स्थिति से बचने के लिए इस साल से जेईई परीक्षा और नीट परीक्षा में टाई ब्रेकर रूल के तहत स्टूडेंट्स की पोजिशन तय की जाएगी. जानिए टाई ब्रेकर रूल क्या है और इस पॉलिसी को कैसे अमल में लाया जाता है.

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नई दिल्ली (NEET Exam, JEE Exam, Tie Breaking Rule, Tie Breaker Rule). हर साल इंजीनियरिंग और मेडिकल कोर्स की पढ़ाई करने के लिए स्टूडेंट्स को काफी कठिन एंट्रेंस एग्जाम (Entrance Exams) देने होते हैं. इनके जरिए देश के नामी संस्थानों में एडमिशन लेने का मौका हासिल होता है. कई बार एंट्रेंस एग्जाम में लाखों परीक्षार्थियों के शामिल होने की वजह से उनमें मार्क्स को लेकर टाई हो जाता है.

टाई का मतलब है, किसी परीक्षा या मैच में बराबर स्कोर हासिल करना. क्रिकेट मैच के अलावा कई बार परीक्षाओं में भी अंकों को लेकर टाई हो जाता है यानी दो या उससे ज्यादा परीक्षार्थियों के समान अंक आ जाते हैं. ऐसे में उनमें से किसे टॉपर घोषित किया जाए, इसे लेकर निर्णय कर पाना काफी कठिन हो जाता है. इससे बचने के लिए नीट परीक्षा (NEET Exam) और जेईई परीक्षा (JEE Exam) में टाई ब्रेकर रूल (Tie Breaker Rule) अपनाया जाता है.

क्या है टाई ब्रेकिंग पॉलिसी?
टाई ब्रेकिंग पॉलिसी (Tie Breaking Policy) या टाई ब्रेकर रूल (Tie Breaker Rule) का मतलब है- अगर दो छात्रों ने किसी परीक्षा में समान अंक और प्रतिशत हासिल किए हैं और उनके बीच का टाई सुलझ नहीं पा रहा है तो टाई ब्रेकर रूल के जरिए उनकी रैंक तय की जाती है. ऐसे में जिस छात्र ने इस परीक्षा के लिए पहले आवेदन किया होगा, उसे मेरिट लिस्ट में प्राथमिकता दिए जाने का प्रावधान है.

नीट टाई ब्रेकर रूल
नीट परीक्षा में आमतौर पर उस छात्र को प्राथमिकता दी जाती है, जिसने केमिस्ट्री, फिजिक्स और बायो (Botany and Zoology) में ज्यादा अंक या प्रतिशत प्राप्त किए हों. वहीं, अगर छात्रों के बीच में अंक या प्रतिशत को लेकर टाई होता है, तो नीट परीक्षा में जिस छात्र की उम्र ज्यादा होगी, उसे मेरिट लिस्ट में दूसरे से ऊपर रखा जाएगा.

जेईई टाई ब्रेकर रूल
जेईई परीक्षा में उस छात्र को प्राथमिकता दी जाती है, जिसने केमिस्ट्री, फिजिक्स और मैथ्स में ज्यादा अंक या प्रतिशत हासिल किए हों. अगर छात्रों के बीच में अंक या प्रतिशत को लेकर टाई होता है तो इस स्थिति में सभी विषयों को मिलाकर गलत जवाब और सही जवाब के बीच में जिस छात्र का अनुपात कम होगा, रिजल्ट में उसे प्राथमिकता दी जाएगी. अगर इस तरीके के बाद भी छात्रों के बीच अंकों को लेकर टाई रहता है तो जिस छात्र ने पहले आवेदन किया होगा, उसे मेरिट लिस्ट में टॉप पर रखा जाएगा.

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Tags: Entrance exams, JEE Exam, NEET, नीट परीक्षा

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