एजुकेशन लोन लेने जा रहे हैं तो जरूर पढ़ें ये खबर, आएगी बेहद काम

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर

अगर आप योग्य हैं और बैंक द्वारा निर्धारित नियमों में फिट बैठते हैं, लेकिन उसके बावजूद आपको कोई बैंक एजुकेशन लोन देने से मना कर दे तो आप इसकी शिकायत आरबीआई से कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 26, 2019, 9:54 AM IST
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देश में इस वक्‍त एग्‍जाम के रिजल्‍ट घोषित होने का दौर चल रहा है. एक के बाद एक कई बोर्ड एग्‍जाम के रिजल्‍ट घोषित हो रहे हैं. नतीजे आने के बाद पैरेंट्स और बच्‍चे दोनों ही आगे की पढ़ाई के सपने देख रहे हैं. किस संस्‍थान से पढ़ाई करनी है. उसके लिए कितनी फीस लगेगी. साथ ही फीस के लिए कितना हिस्‍सा एजुकेशन लोन लेकर चुकाना होगा. इसके लिए आपने निश्‍चित तौर पर तैयारियां कर ली  होंगी या कर रहे होंगे. अब ऐसे में हम आपको इससे जुड़ी कुछ अहम जानकारियां देने जा रहे हैं, जो आपके बेहद काम आ सकती हैं.

सबसे पहले तो जान लें कि किन-किन कोर्सेज के लिए लोन मिल सकता है. बता दें कि लोन लेकर फुल टाइम, पार्ट टाइम या वोकेशनल कोर्स किये जा सकते हैं. इसके अलावा इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, मेडिकल, होटल मैनेजमेंट और आर्किटेक्चर आदि में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई के लिए लोन लिया जा सकता है.

लोन के लिए आवेदन करने वाले का भारतीय नागरिक होना जरुरी है. इसके साथ ही भारत या विदेश में किसी वैध संस्था से मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी में एडमिशन तय हो चुका हो. आवेदक का बारहवीं की परीक्षा पास कर चुका होना जरुरी है.



सस्ते और आसान लोन के लिए अच्छा क्रेडिट स्कोर जरूरी है, लेकिन एजुकेशन लोन के मामले में बच्चों का एजुकेशन स्कोर यानी हाईस्कूल और इंटर के अंक बेहद मायने रखते हैं. एक्‍सपर्ट की मानें अगर छात्र मेधावी है तो बैंक एजुकेशन लोन देने में देर नहीं करते, क्योंकि बैंक एक ही चीज देखते हैं कि ऋण की वापसी कैसे होगी?
एजुकेशन लोन के लिए अभिभावक की पृष्ठभूमि बहुत मायने नहीं रखती. अगर पिता की आय कम भी है तो भी बच्चे के अच्छे अंकों के आधार पर बैंक एजुकेशन लोन को मंजूरी दे देते हैं.

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए मानव संसाधन विभाग की केंद्रीय योजनाओं के तहत कुछ प्रावधान हैं. इसके तहत तकनीकी और व्यावसायिक कोर्स के लिए एजुकेशन लोन के ब्याज पर सब्सिडी दी जाती है.



18 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए एजुकेशन लोन के लिए आवेदक की उम्र सीमा. वहीं अभिभावक-छात्र की ऋण चुकाने की क्षमता के आधार पर 10 लाख से 20 लाख का ऋण बैंक देते हैं.

अगर आप योग्‍य हैं और बैंक द्वारा निर्धारित नियमों में फिट बैठते हैं, लेकिन उसके बावजूद आपको कोई बैंक एजुकेशन लोन देने से मना कर दे तो आप इसकी शिकायत आरबीआई से कर सकते हैं, क्योंकि आरबीआई के नियमों के अनुसार कोई भी बैंक बिना उचित कारण एजुकेशन लोन देने से मना नहीं कर सकता.

ऋण वापसी कोर्स पूरा होने के एक साल बाद या रोजगार मिलने के छ: महीने बाद जरूरी है. ऋण वापसी शुरू होने के पांच से सात सालों के बीच पूरी होनी चाहिए.ऋण चुकाने की अवधि अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग है.

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