दिलचस्प: बेटी को देना था JEE एग्जाम, किसान पिता ने यूं तय कराया 300 किमी का सफर

दिलचस्प: बेटी को देना था JEE एग्जाम, किसान पिता ने यूं तय कराया 300 किमी का सफर
कोरोना के चलते जेईई मेन की परीक्षा दो बार स्थगित करनी पड़ी.

ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (Joint Entrance Examination) यानी जेईई मेन (JEE Main) की परीक्षाएं 1 सितंबर से शुरू हो चुकी हैं. एग्जाम 6 सितंबर तक चलेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 2, 2020, 10:32 AM IST
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रांची. ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (Joint Entrance Examination) यानी जेईई मेन (JEE Main) की परीक्षाएं 1 सितंबर से शुरू हो चुकी हैं और एग्जाम 6 सितंबर तक चलेंगे. परीक्षा के पहले दिन कैंडीडेट्स ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया हालांकि उन्हें परीक्षा केंद्र पहुंचने में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ा. समस्या नालंदा के किसान पिता की बेटी के लिए भी कम नहीं थीं. मगर पिता ने नालंदा से 300 किलोमीटर का सफर तय कर बेटी को रांची स्थित परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया.

बिहार और झारखंड के बीच बस सर्विस नहीं थी तो...
दरअसल, टाइम्स आफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार धनंजय कुमार बिहार के नालंदा जिले में रहते हैं. उनकी बेटी को जेईई मेन की परीक्षा में हिस्सा लेना था, लेकिन एग्जाम सेंटर रांची के तुपुडाना में था और कोरोना वायरस से उपजे हालात के चलते बिहार व झारखंड के बीच कोई बस सेवा भी नहीं चल रही थी. इसके बाद धनंजय ने तय किया कि वो बेटी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर एग्जाम दिलाने ले जाएगा.

12 घंटे में तय किया 300 किलोमीटर का सफर
धनंजय ने सोमवार तड़के बेटी को मोटरसाइकिल पर बैठाया और चल पड़े रांची स्थित एग्जाम सेंटर तक का सफर तय करने के लिए. वह आठ घंटे के सफर के बादा बोकारो पहुंचे और उसके बाद उन्होंने बोकारो से 135 मिलोमीटर का सफर तय कर सोमवार दोपहर तक रांची पहुंचने में सफलता हासिल की. नालंदा से रांची तक के इस पूरे सफर में उन्होंने 12 घंटे में 300 किलोमीटर तक की दूरी तय की.



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लौटते में आ रही थी नींद
इस बारे में धनंजय ने कहा, नालंदा से रांची लंबी दूरी थी और कोई बस भी नहीं चल रही थी. इस वजह से मुझे मोटरसाइकिल का ही विकल्प नजर आया. रांची से बोकारो लौटने के दौरान मैं काफी नींद में था. हमने रास्ते में मोटरसाइकिल रोकी और फिर मैंने थोड़ी नींद पूरी करने के बाद आगे का सफर तय किया. झारखंड में जेईई मेन के दस परीक्षा केंद्रों में कुल 22 हजार 843 कैंडीडेट्स ने एग्जाम दिया.
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