सितंबर के अंत तक संपन्न होंगी विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं: मानव संसाधन विकास मंत्रालय

सितंबर के अंत तक संपन्न होंगी विश्वविद्यालयों में अंतिम वर्ष की परीक्षाएं: मानव संसाधन विकास मंत्रालय
देश के विश्वविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाएं मार्च से टाली जा रही थीं. (सांकेतिक तस्वीर)

मानव संसाधन विकास मंत्रालय (Minstry of Human Resources & Development) ने कहा कि विश्वविद्यालय (Universities) कोविड-19 (Covid-19) के प्रकोप के चलते स्थगित की गईं अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ऑनलाइन, ऑफलाइन या दोनों माध्यमों से आयोजित कर सकते हैं.

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नई दिल्ली. गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने मौजूदा ‘अनलॉक दो’ (Unlock-2) चरण में विश्वविद्यालयों (Universities) और अन्य शिक्षण संस्थाओं को परीक्षाएं आयोजित कराने की सोमवार को अनुमति दे दी. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि उसने विश्वविद्यालयों और संस्थानों को परीक्षाओं के आयोजन की अनुमति देने के लिए केंद्रीय उच्च शिक्षा सचिव को एक पत्र भेजा है. बयान में कहा गया है, ‘‘परीक्षाओं के संबंध में यूजीसी और विश्वविद्यालयों के अकादमिक कैलेंडर के दिशा-निर्देशानुसार और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health And Family Welfare) द्वारा मंजूर मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) के अनुसार सालाना परीक्षाएं अनिवार्य रूप से आयोजित कराई जानी हैं.’’

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) को काबू करने के लिए देश में 25 मार्च से लॉकडाउन (Lockdown) लागू किया गया था. देश के विश्वविद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं द्वारा आयोजित विभिन्न परीक्षाएं मार्च से टाली जा रही थीं. देश में अनलॉक चरणों के दौरान निरुद्ध क्षेत्रों (Containment Zones) को छोड़कर सभी इलाकों में कई गतिविधियों की अनुमति दे दी गई है, लेकिन स्कूलों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और अन्य अकादमिक संस्थानों का नियमित संचालन शुरू नहीं हुआ है.

सभी माध्यमों से आयोजित की जा सकती है परीक्षा
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कहा कि विश्वविद्यालय कोविड-19 (Covid-19) के प्रकोप के चलते स्थगित की गईं अंतिम वर्ष की परीक्षाएं ऑनलाइन, ऑफलाइन या दोनों माध्यमों से आयोजित कर सकते हैं. मंत्रालय की ओर से कहा गया कि अंतिम वर्ष की परीक्षाएं नहीं दे पाए छात्रों को एक और मौका मिलेगा, विश्वविद्यालय जब उचित होगा तब विशेष परीक्षाएं आयोजित करेंगे.
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वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए खुली पुस्तक परीक्षा (ओबीई) 10 जुलाई से शुरू होगी और जो छात्र इसमें भाग लेने में असमर्थ हैं, उन्हें सितंबर में सीधे तौर पर परीक्षा देने की अनुमति होगी. विश्वविद्यालय ने कहा कि इसमें इस बात पर ध्यान नहीं दिया जाएगा कि छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन भरे हैं या नहीं और यह उन छात्रों के लिए भी लागू होता है, जिन्होंने ओबीई के लिए प्रश्न पत्र डाउनलोड किया हो, लेकिन अपनी उत्तर पुस्तिकाओं को अपलोड करने में विफल रहे.

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ऑनलाइन परीक्षाओं के संचालन को चुनौती देने वाली एक याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करने वाली न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद की एक पीठ ने विश्वविद्यालय को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को सूचीबद्ध की.
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