नीट परीक्षा के लिए भारत आने वाले कैंडिडेट्स को हो रही ये परेशानियां, जानें डिटेल

नीट परीक्षा के लिए भारत आने वाले कैंडिडेट्स को हो रही ये परेशानियां, जानें डिटेल
JEE और NEET के परीक्षार्थियों के लिए सरकार ने खास इंतजाम तो किए हैं, लेकिन विदेश से आने वाले छात्रों की अपनी परेशानियां हैं.

एनटीए अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में जेईई परीक्षा केंद्र भारत में स्थानांतरित किये जा सकते हैं और छात्रों को एजेंसी से संपर्क करना चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 31, 2020, 5:29 PM IST
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नई दिल्ली. खाड़ी देशों में कई अभ्यर्थियों ने कोविड-19 जोखिम और अनिवार्य आइसोलेशन में जाने के साथ ही अन्य मुद्दों पर बात की. उन्होंने कहा मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ में बैठने के लिए भारत की यात्रा करना न केवल तनावपूर्ण बल्कि अव्यावहारिक भी है. इन अभ्यर्थियों में से कुछ ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में इस वर्ष शामिल नहीं होने का निर्णय किया है. पढ़ें क्या कह रहे हैं ये छात्र.

दुबई के रॉयस्टन का तजुर्बा
दुबई में रहने वाले रॉयस्टन मेंडोनको ने कहा, ‘‘मेरे पास विकल्प क्या है? यह अव्यवहारिक है.’’ मेंडोनका जैसे कई अभ्यर्थियों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय द्वारा खाड़ी देशों में नीट के प्रवेश परीक्षा केंद्र की इजाजत नहीं मिलने से वे मझधार में फंस गए हैं.

नीट के लिए परीक्षा केंद्र विदेशों में स्थापित नहीं
इन अभ्यर्थियों में से कई को जेईई मेन परीक्षा खाड़ी देशों में और नीट भारत में देना है. जेईई मेन के लिए परीक्षा केंद्र विदेशों में स्थापित किये गए हैं लेकिन नीट के लिए कोई ऐसी योजना नहीं है.



परीक्षा से पहले आइसोशलन अनिवार्य 
परीक्षा से पहले अनिवार्य आइसोशलन में रहने के लिए समय से भारत पहुंचना, वापस लौटने से पहले रुकने की व्यवस्था करना, अतिरिक्त खर्च, कोविड-19 जोखिम था. वापस लौटने पर घर पर फिर से आइसोशलन सहित अभ्यर्थियों में मन में कई चिंताएं हैं.

नीट 13, जेईई मेन 1 से 6 सितंबर तक 
मेडिकल और इंजीनियरिंग के लिए प्रवेश परीक्षा लेने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट 13 सितंबर को और संयुक्त प्रवेश जेईई) मेंस परीक्षा (एक सितंबर से छह सितंबर तक) आयोजित करने का निर्णय किया है.

आइसोलेशन अवधि पूरी नहीं कर पाऊंगा
मेंडोनका ने दुबई से फोन पर न्यूज एजेंसी से कहा, ‘‘यदि मैं अगली संभावित वंदे भारत उड़ान लूं फिर भी मैं तब तक अपनी अनिवार्य आइसोलेशन अवधि पूरी नहीं कर पाऊंगा. साथ ही इतने तनाव में कोई इतनी महत्वपूर्ण परीक्षा में कैसे बैठ सकता है.’’

दोहा में रहने वाली शैलजा की कहानी
दोहा में रहने वाली शैलजा विश्वनाथन ने कहा, ‘‘मैंने यहां भारतीय दूतावास से संपर्क किया था और मुझे बताया गया कि यद्यपि मैंने पहले आवेदन नहीं किया है लेकिन फिर भी मुझे अगली वंदे भारत उड़ान में जगह दी जाएगी. हालांकि, उस परीक्षा से ठीक पहले इतनी भागदौड़ ठीक नहीं जिसके लिए मैंने दो वर्ष तैयारी की है. मेरी इच्छा थी कि काश मैं परीक्षा दोहा में दे पाती, लेकिन मेरे पास अधिक विकल्प नहीं है. मैं किसी भी तरह जाऊंगी.’’

यूएई में रहने वाले जोनाथन वर्गीज
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहने वाले जोनाथन वर्गीज को ये दोनों परीक्षाएं देनी हैं, तीन सितंबर को जेईई मेन दुबई में और दस दिन बाद नीट भारत में.

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यूएई) में रहने वाले जोनाथन वर्गीज ने कहा, ‘‘यदि मैं यह परीक्षा (जेईई मेन) देने निकलता हूं, तो मैं 13 सितंबर से पहले अपनी आइसोलेशन अवधि पूरी नहीं कर पाऊंगा, जब नीट परीक्षा निर्धारित है.’’ हालांकि, एनटीए अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मामलों में जेईई परीक्षा केंद्र भारत में स्थानांतरित किये जा सकते हैं और छात्रों को एजेंसी से संपर्क करना चाहिए. (भाषा के इनपुट के साथ)
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