बड़ी खबर: 5 हजार रुपए में UP Board Exam पास कराने का दावा, प्रशासन ने कहा- रहें सावधान

बड़ी खबर: 5 हजार रुपए में UP Board Exam पास कराने का दावा, प्रशासन ने कहा- रहें सावधान
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है.

यूपी बोर्ड के एग्जाम पेपर के मूल्यांकन का काम चल रहा है. इसी बीच गोरखपुर में दर्जन भर छात्राओं को किसी शख्स ने फोन कर परीक्षा में पास कराने का दावा किया है.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बोर्ड के एग्जाम (Board Exam) हो चुके हैं. उसके बाद कॉपियों के मूल्यांकन चल रहा है. जो फिलहाल आखिरी चरण में है. साथ ही इस बार संभावना है कि 27 जून तक रिजल्ट घोषित हो जाए. लेकिन रिजल्ट की घोषणा के पहले एक नई परेशानी से छात्र जुझ रहें हैं. दरअसल, एग्जाम दे चुके छात्रों के पास बोर्ड एग्जाम में पास कराने के लिए फोन आ रहे हैं. गोरखपुर की कई छात्राओं को इस तरह के कॉल आने की जानकारी मिली है. उन्हें एग्जाम में पास कराने का लालच देने वाला व्यक्ति खुद को माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज का कंप्यूटर ऑपरेटर बताता है.


दर्जन भर छात्राओं को आया कॉल
दैनिक हिन्दुस्तान की एक खबर के अनुसार, जिले के गुलरिहा एरिया की चार छात्राओं के पास इस तरह के कॉल आये हैं. इस दौरान कॉल करने वाले ने दो तरह के नंबर का इस्तेमाल किया. इस दौरान उसने एक छात्रा के अभिभावक को कह डाला कि आपकी बेटी एग्जाम में फेल हो गई. इस तरह की जानकारी मिलने के बाद अभिभावक काफी परेशान हो गएं. जब अभिभावक ने फोन करने वाले के बारे में जानकारी लेनी चाही तो उसने अपना नाम भी बताया और कहा कि वो बोर्ड ऑफिस में बतौर कंप्यूटर ऑपरेटर तैनात है. खबर के अनुसार, संदीप पाल के नाम से क़ॉल करने वाले इस व्यक्ति ने छात्रा की रिजल्ट बताते हुए अपनी पहचान बताई. इस दौरान उसने अभिभावक की बेटी के रिजल्ट के बारे में बोलते हुए उसे कई सब्जेक्ट्स में फेल बताया.





इस तरह किया जालसाजी का प्रयास



इस कथित जालसाज का दावा था कि उनकी बेटी का भविष्य खराब न हो इस कारण उसने फोन किया था. इस दौरान जब अभिभावक ने पूछा कि इसमें क्या किया जा सकता है तो उसने पांच हजार रुपए की एवज में छात्रा को पास कराने का झांसा दिया. इस जालसाज ने मैसेज कर एक एसबीआई बैंक अकाउंट की जानकारी भी भेज दी. जानकारी मिली है कि इस तरह के कई कॉल एक दर्जन से ज्यादा छात्राओं को मिले हैं.


अधिकारियों ने दी सचेत रहने की सलाह
इस संबंध में डीआईओएस ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह भदौरिया ने कहा कि ये आपराधिक मामला है. उनके पास इस तपह की जानकारी दो प्राइवेट स्कूलों से आई थी. उन्होंने बताया कि इस मामले में एक स्कूल ने पुलिस को सूचना दे दी है. जबकि दूसरे स्कूल ने किसी भी तरह की जानकारी पुलिस को नहीं दी है. उन्होंने जांच के दौरान बोर्ड के किसी कर्मचारी के संलिप्तता सामने आने की बात कही. अधिकारी ने इस तरह के मामले में अभिभावकों और छात्रों को सचेत रहने की सलाह दी है.

 

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First published: June 7, 2020, 11:13 AM IST
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