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Gandhi Jayanti 2019 Special: जानिए कैसी थी राष्ट्रपिता की स्कूल लाइफ और कितने पढ़े-लिखे थे वो

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Updated: October 2, 2019, 4:22 AM IST
Gandhi Jayanti 2019 Special: जानिए कैसी थी राष्ट्रपिता की स्कूल लाइफ और कितने पढ़े-लिखे थे वो
लंदन में बतौर लॉ स्टूडेंट गांधी जी.

जब हम राष्ट्र के पिता (Father Of Nation) के बारे में जानते- उनके योगदान को पढ़ते हैं, तो अहिंसा, समानता और स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्षों की कहानियां सुनते हैं. पर क्या हम जानते हैं वह एक छात्र (Student) के रूप में कैसे थे.

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  • Last Updated: October 2, 2019, 4:22 AM IST
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Gandhi Jayanti 2019/ GANDHI@150: हर साल 2 अक्टूबर को देश उस महान शख्सियत को याद करने के लिए एक साथ आता है जिसने देश को औपनिवेशिक शासन से लड़ने के लिए प्रेरित किया. उस शख्सियत का नाम है मोहनदास करमचंद गांधी. जिन्हें हम राष्ट्रपिता और बापू भी कहते हैं. GANDHI@150 जयंती के मौके पर जानते हैं उनकी स्कूल लाइफ और एजुकेशन क्वालीफिकेशन के बारे में.

जब हम राष्ट्र के पिता के बारे में जानते, उनके योगदान को पढ़ते हैं तो अहिंसा, समानता और स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्षों की कहानियां सुनते हैं. पर क्या हम जानते हैं वह एक छात्र के रूप में कैसे थे, कौन थे. न्यूज18 हिंदी गांधी जी की इस जयंती के मौके पर आपको उनकी ज़िंदगी के इसी पहलू से रूबरू कराएगा.

गांधी जी की प्राइमरी एजुकेशन
1869 में पोरबंदर में जन्मे गांधी जी ने प्राथमिक शिक्षा इसी शहर में प्राप्त की. वे शुरुआत में ब्राइट स्टूडेंट नहीं रहे. उंगली से मिट्टी में अक्षर लिखना सीखते थे. उन्हें न तो कक्षा में बहुत ही प्रतिभाशाली माना जाता था और न खेल के मैदान में.

हाई स्कूल एजुकेशन
मोहनदास करमचंद गांधी 9 साल की उम्र में राजकोट चले गए, उस दौरान उनके पिता ने एक काउंसलर की भूमिका निभाई. बाद में दीवान की भूमिका में रहे.  11 साल की उम्र में गांधी ने राजकोट के अल्फ्रेड हाई स्कूल (Alfred High School) में दाखिला लिया. इसके बाद उनका एक साल खराब भी हुआ. 13 साल की उम्र में उन्होंने शादी की और पिता के बीमार होने के चलते भी स्कूल में संघर्ष किया.

सब्जेक्ट-अनुसार गांधी जी की पढ़ाई की बात करें तो वे अंग्रेजी में अच्छे, अंकगणित में ठीक-ठीक, भूगोल में कमजोर, आचरण में अच्छे और हैंडराइटिंग उनकी खराब थी.बाद में अल्फ्रेड हाई स्कूल का नाम बदलकर मोहनदास करमचंद गांधी हाई स्कूल कर दिया गया. फिर बाद में 164 साल बाद, मई 2017 में स्कूल को संग्रहालय के लिए रास्ता बनाने के लिए बंद कर दिया गया.

ग्रेजुएशन
नवंबर 1887 में, 18 साल के गांधी ने अहमदाबाद के हाई स्कूल से ग्रेजुएशन पूरी की. जनवरी 1888 में, उन्होंने भावनगर राज्य के सामलदास कॉलेज में दाखिला लिया. उस समय में यह कॉलेज उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली डिग्री देने वाला एकमात्र संस्थान था. लेकिन फिर उन्होंने कॉलेज ड्रॉप-आउट किया.

Bachelor of Laws
1888 में ही गांधी जी वकालत की पढ़ाई करने के लिए ब्रिटेन गए. जून 1891 में वो वकालत की पढ़ाई पूरी कर देश लौटे. 1893 में गुजराती व्यापारी शेख अब्दुल्ला के वकील के तौर पर काम करने के लिए दक्षिण अफ्रीका गए.

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First published: October 2, 2019, 4:20 AM IST
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