इंजीनियर की जॉब छोड़कर इस शख्‍स ने शुरू किया स्टार्टअप, भिखारियों को देता है जॉब

गणपत यादव ने एक मल्‍टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर की पोस्‍ट छोड़कर एक ऐसा स्‍टार्ट-अप शुरू किया, जो भिखारियों को जॉब देता है.

News18Hindi
Updated: July 25, 2019, 2:19 PM IST
इंजीनियर की जॉब छोड़कर इस शख्‍स ने शुरू किया स्टार्टअप, भिखारियों को देता है जॉब
इस शख्‍स ने शुरू किया स्टार्टअप, भिखारियों को देता है जॉब
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Updated: July 25, 2019, 2:19 PM IST
अक्‍सर राह चलते मिलने वाली भिखारियों को देखकर दिल बेचैन हो उठाता है. उनकी हालत देखकर कई बार हम उन्‍हें कुछ खाने-पीने को दिला देते हैं तो कई बार उनको कुछ पैसे देकर उनकी मदद करते हैं लेकिन एक शख्‍स ऐसा है, जिसने भिखारियों की ऐसी हालात पर कुछ ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया. जी हां इस व्‍यक्‍ति ने ऐसे लोगों को जॉब देने का फैसला किया. इस शख्‍स का नाम है गणपत यादव. गणपत ने एक मल्‍टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर की पोस्‍ट छोड़कर इस दिशा में सोचना शुरू किया और फिर रिसर्च शुरू किया.

रिपोर्ट्स के मुताबिक गणपत ने सोचा कि क्‍यों न ऐसे लोगों को कुछ स्‍किल ट्रेनिंग देकर उन्‍हें आत्‍मनिर्भर बनाया जाए. बस यहीं से उनहोंने अपने स्‍टार्ट-अप की शुरुआत की. उन्होंने आर्गेनिक फार्मिंग को शुरू किया. इस योजना के तहत सौ से ज्‍यादा भिखारियों को जोड़ा. ये लोग हरी सब्जियां और मौसमी फल आदि फसल पैदाकर बाजार में बेचते हैं और उससे मिले पैसे से भिखारियों को उनकी सैलरी दी जाती.



बच्‍चों को दे रहे एजुकेशन

गणपत के इस अनोखे स्टार्टअप की बदौलत जहां एक तरफ भिखारियों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा, वहीं दूसरी तरफ आर्गेनिक फार्मिंग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.इतना ही नहीं इस स्टार्टअप से हो रही आमदनी से भीख मांगने वाले बच्चों को आर्गेनिक फार्मिंग के गुर सिखाने के साथ-साथ उन्हें एजुकेशन भी दी जा रही है.

ऑर्गेनिक फार्मिंग है फायदे का सौदा

गणपत का मानना है कि ऑर्गेनिक फार्मिंग से अच्छे रिटर्न मिलते हैं, इसीलिए वो प्रोफेशनल लोगों को जोड़ने के बजाये आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग के लोगों को इससे जोड़ने पर बल दे रहे हैं.
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First published: July 19, 2019, 5:39 AM IST
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