तमिलनाडुः मेडिकल कॉलेजों में 7.5 फीसदी कोटा बिल को मिली राज्यपाल की मंजूरी, जानें डिटेल

साढ़े सात फीसदी कोटा को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है.
साढ़े सात फीसदी कोटा को राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है.

साढ़े सात फीसदी कोटा का ये नियम राज्य सरकार की मेडिकल और डेंटस क़ॉलेज की सीटों के लिए लागू होगा. कि रिजल्ट जारी हो चुका है और एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इसलिए इस मुद्दे का फैसला करना काफी जरूरी था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 30, 2020, 5:15 PM IST
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नई दिल्ली. तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) द्वारा नीट परीक्षा में 7.5 फीसदी कोटा का आदेश पारित करने के बाद राज्यपाल ने इस पर अपनी सहमति दे दी है. आधिकारिक नोटिस के मुताबिक महामहिम राज्यपाल ने मेडिसिन, डेंटिस्ट्री भारतीय चिकित्सा और होम्योपैथी जैसे अंडरग्रेजुएट कोर्सज में एडमिशन के लिए पारित बिल पर अपनी सहमति दे दी है. साढ़े सात फीसदी कोटा का ये नियम राज्य सरकार की मेडिकल और डेंटस क़ॉलेज की सीटों के लिए लागू होगा. सरकारी आदेश के मुताबिक, शैक्षणिक वर्ष 2020-21 से एमबीबीएस, बीडीएस, बीएसएमएस, बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस में दाखिले के लिए 7.5 प्रतिशत सीटों पर नीट में सफल होने वाले सरकारी स्कूल के छात्रों को तरजीह दी जाएगी.

ऐसा भी कहा जाता है कि इस मामले पर राज्यपाल ने सोलिसिटर जनरल से भी पत्र भेजकर 29 सितंबर को राय मांगी थी और 29 अक्टूबर को उनसे जवाब मिलने के बाद ही अपनी उन्होंने अपनी सहमति दी. इसके पहले भी सरकार ने स्टूडेंट्स के कोटा के लिए सरकारी आदेश पारित किया था. लेकिन चूंकि रिजल्ट जारी हो चुका है और एडमिशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है इसलिए इस मुद्दे का फैसला करना काफी जरूरी था.

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दरअसल, तमिलनाडु विधानसभा ने 15 सितंबर को एकमत होकर एक विधेयक पारित किया था, जिसमें नीट पास करने वाले राज्य के छात्रों को 7.5 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था की. इस विधेयक को कानून बनाने और इसी साल से लागू कराने के लिए तमिलनाडु कैबिनेट के पांच मंत्रियों का एक शिष्टमंडल प्रदेश के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित से मिला था. इस दौरान इस विधेयक को मंजूर किए जाने का अनुरोध किया, जिसमें नीट परीक्षा पास करने वाले राज्य सरकार के स्कूलों के छात्रों के लिए मेडिकल प्रवेश में अधिमान्य आधार पर 7.5 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है. जिस पर अब राज्यपाल की मंजूरी मिल गई है.
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