गुजरात उच्च न्यायालय ने निजी स्कूलों की फीस पर सरकारी प्रस्ताव किया खारिज

गुजरात उच्च न्यायालय ने निजी स्कूलों की फीस पर सरकारी प्रस्ताव किया खारिज
प्राइवेट स्कूलों से कहा गया था कि जब तक स्कूल बंद हैं तब तक वे फीस न लें.

गुजरात उच्च न्यायालय ने सरकार तथा स्कूल फेडरेशन को एक साथ बैठने तथा फीस मुद्दे का परस्पर सहमति से समाधान निकालने का निर्देश दिया.

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नई दिल्ली. गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के एक प्रस्ताव के उस उपबंध को शुक्रवार को खारिज कर दिया जिसमें स्व-वित्त पोषित स्कूलों से कहा गया था कि जब तक स्कूल बंद रहते तब तक वे फीस न लें.

स्कूल बंद रहने तक फीस न लेने के फैसले को चुनौती
राज्य के शिक्षा विभाग ने 16 जुलाई को एक प्रस्ताव जारी किया और ‘फेडरेशन ऑफ सेल्फ फाइनेंस्ड स्कूल्स’ ने उच्च न्यायालय में इसे चुनौती दी. फेडरेशन ने दावा किया कि वे जून से ही ऑनलाइन कक्षाएं दे रहे हैं और स्टाफ तथा शिक्षकों को वेतन दिया जाना है.

फीस मुद्दे का सहमति से समाधान निकालने का निर्देश
उच्च न्यायालय की पीठ ने प्रस्ताव के उस विशिष्ट उपबंध को शुक्रवार को खारिज कर दिया. सरकार तथा स्कूल फेडरेशन को एक साथ बैठने तथा फीस मुद्दे का परस्पर सहमति से समाधान निकालने का निर्देश दिया.



बृहस्पतिवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति जेबी पर्दीवाला की खंडपीठ ने राज्य सरकार के स्कूलों को दिए ऐसे निर्देश के पीछे के तर्क पर सवाल उठाए थे.

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विस्तृत आदेश आने की संभावना 
चूंकि इस याचिका के साथ अन्य जनहित याचिकाएं भी जुड़ी है तो इस पर जल्द ही विस्तृत आदेश आने की संभावना है. सरकार द्वारा प्रस्ताव जारी करने के बाद से स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं देनी बंद कर दी थी लेकिन यह कहते हुए बाद में फिर से शुरू कर दी थी कि वे उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करेंगे.
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