राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला पहला राज्य होगा गुजरात: मुख्यमंत्री रूपाणी

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू करने वाला पहला राज्य होगा गुजरात: मुख्यमंत्री रूपाणी
नई नीति में हर डिग्री चार साल की होगी. 6ठीं कक्षा से ही वोकेशनल कोर्सेज उपलब्ध होंगे और 8वीं कक्षा से ही छात्र अपने सब्जेक्ट का चुनाव कर पाएंगे.

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि इस रूपरेखा के आधार पर राज्य शिक्षा में आमूल-चूल परिवर्तन करेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 5, 2020, 5:18 PM IST
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नई दिल्ली. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने वाला पहला राज्य बनने की है. जल्द ही इसका खाका तैयार करने के लिए कार्यबल का गठन किया जाएगा.

शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को लागू करने की घोषणा
रूपाणी शिक्षक दिवस के मौके पर 44 शिक्षकों को सम्मानित करने के लिए गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह घोषणा की.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का अनुवाद गुजराती में
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अनुवाद गुजराती में कर लिया गया है और जल्द ही गुजरात में लागू करने की रूपरेखा तैयार करने के लिए कार्यबल बनाया जा रहा है.’’



राज्य शिक्षा में आमूल-चूल परिवर्तन करेगा
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि इस रूपरेखा के आधार पर राज्य शिक्षा में आमूल-चूल परिवर्तन करेगा, यह बदलाव प्राथमिक से माध्यमिक और उच्च शिक्षा तक और केजी से पीजी (किंडरगार्टन से परास्नातक) तक होगा.

शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ ऐलान
इस कार्यक्रम में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, राज्य के शिक्षा मंत्री भूपिंदर सिंह चूडास्मा और शिक्षा राज्यमंत्री विभावरी दवे एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

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नई शिक्षा नीति
बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत इस बात का ध्यान रखा गया है कि सभी को समान शिक्षा मिल सके. अमेरिका की तरह मल्टीपर एंट्री और एक्जिट का भी सिस्टम डेवलप करने की कोशिश की गई है.  सभी स्कूलों में परीक्षाएं सेमेस्टर वाइज़ होंगी. कॉलेजों में सिलेबस को उसके कोर नॉलेज तक सीमित रखा जाएगा और ज्यादा फोकस प्रैक्टिकल और एप्लीकेशन वाले हिस्से पर रखा जाएगा. यूनिवर्सिटीज़ अब क्रेडिट सिस्टम पर काम करेंगी.
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