अब चार साल का होगा बीएड का कोर्स, स्टूडेंट्स को होंगे ये फायदे

बैचलर इन एजुकेशन यानी कि बीएड का कोर्स अगले वर्ष से चार साल का हो जाएगा.


Updated: February 11, 2019, 11:10 AM IST
अब चार साल का होगा बीएड का कोर्स, स्टूडेंट्स को होंगे ये फायदे
बैचलर इन एजुकेशन यानी कि बीएड का कोर्स अगले वर्ष से चार साल का हो जाएगा.

Updated: February 11, 2019, 11:10 AM IST
टीचर बनने का सपना देखने वालों के लिए मोदी सरकार ने बड़ी घोषणा की है. बैचलर इन एजुकेशन यानी कि बीएड का कोर्स अगले वर्ष से चार साल का हो जाएगा. हाल ही में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी घोषणा की. जावड़ेकर ने कहा कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा. वर्तमान में बीएड कोर्स दो साल का होता है, जिसे ग्रैजुएशन पूरा करने का बाद किया जाता है.

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ऐसा होगा बीएड कोर्स का स्ट्रकचर-



बीएड कोर्स, एक साल से ज्यादा साल के लिए तीन स्ट्रीम- बीए, बीकॉम और बीएससी में किया जाएगा.

इस नियम को लागू होने के बाद स्टूडेंट्स का एक साल बचेगा और वह बीएड में सीधे 12वीं के बाद दाखिला ले सकेंगे. फिलहाल उन्हें 3 साल का ग्रैजुएशन पूरा करने के बाद बीएड में दाखिला मिलता है.

चार साल के इस बीएड कोर्स को 2 स्तरों पर रखा जाएगा, पहला प्री- प्राइमरी से प्राइमरी और दूसरा अपर प्राइमरी और सेकेंडरी.

जिन स्टूडेंट्स के पास पहले से ही बैचलर और मास्टर्स की डिग्री है उनके पास ग्रेस पीरियड होगा जिसमें वह दो साल का बीएड कोर्स कर सकते हैं. या फिर तीन साल इंटीग्रेटेड बीएड+एमएड कोर्स कर सकते हैं. हालांकि, यह ग्रेस पीरियड कब तक उपलब्ध होगा या कौन से कॉलेज डिग्री देंगे यह अभी तक साफ नहीं है.
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बता दें अभी प्राइवेट कालेज से बीएड का कोर्स करने के लिए एक साल में औसतन 50 हजार रुपए फीस लगती है. ऐसे में एक साल कम होने पर 50 हजार रुपए की बचत हो सकेगी.

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