जरूर पढ़ें : देशभर के स्कूलों पर बड़ी खबर, लॉकडाउन खुलने के बाद इस तरह होगी पढ़ाई

जरूर पढ़ें : देशभर के स्कूलों पर बड़ी खबर, लॉकडाउन खुलने के बाद इस तरह होगी पढ़ाई
शिक्षण संस्थान जुलाई में खोले जा सकते हैं.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते भारत (India) में अभी तक करीब 1700 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और लगभग 50000 लोग इसके संक्रमण का शिकार हो चुके हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) ने दुनियाभर में जीवनशैली के तरीके ही बदलकर रख दिए हैं. खेल से लेकर शिक्षा तक हर क्षेत्र में इस महामारी का गंभीर असर पड़ा है. कोरोना के चलते अब स्कूलों में पढ़ाई का तरीका भी बदलना तय हो गया है. फिलहाल भारत में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए 17 मई तक लॉकडाउन (Lockdown) घोषित किया गया है. इसी वजह से देशभर के स्कूल-कॉलेजों को बंद कर दिया गया था. मगर अब ये तय हो गया है कि देशभर में जब लॉकडाउन खत्म होने के बाद स्कूल खुलेंगे तो उसमें की जाने वाली पढ़ाई का तरीका वैसा नहीं रहेगा, जैसा कि पहले हुआ करता था.

मानव संसाधन विकास मंत्रालय तैयारियों में जुटा
केंद्र सरकार के आदेश के बाद भारत में स्कूल और यूनिवर्सिटीज 16 मार्च से बंद है. भारत में मानव संसाधन विकास मंत्रालय भी पढ़ाई शुरू होने के बाद सुरक्षा के दिशा-निर्देश बनाने में जुटा है. इसके लिए मंत्रालय की ओर से पूरी तैयारी की जा रही है, ताकि स्कूल खुलने के बाद भी कोरोना वायरस के खतरे को खत्म किया जा सके. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने भी पिछले सप्ताह राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ हुई बैठक में इस मुद्दे पर बात की थी. अंतिम रूप से ये गाइडलाइंस बनने के बाद देशभर के स्कूलों के लिए इन्हें जारी कर दिया जाएगा. इसके अनुसार इन बातों का ध्यान रखा जाएगा.

-बच्चों के बैठने का सिस्टम बदला जाएगा.



- मेस और लाइब्रेरी के नियम भी बदले जाएंगे.


- कैंटीन और हॉस्टल्स को लेकर भी नियमों में बदलाव होंगे.
-जब भी स्कूल-कॉलेज में पढ़ाई शुरू होगी तो सोशल डिस्टेंसिंग का गंभीरता से पालन किया जाएगा.

संयुक्त राष्ट्र ने भी जारी की गाइडलाइंस
वहीं, दुनियाभर में लॉकडाउन (Lockdown) खत्म होने के बाद स्कूलों को खोलने को लेकर संयुक्त राष्ट्र की संस्थाओं ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं. इन दिशा-निर्देशों को तैयार करने का काम यूनेस्को, यूनिसेफ, विश्व बैंक और विश्व खाद्य कार्यक्रम ने किया है. इन दिशा-निर्देशों को जारी करते हुए यूएन ने बच्चों पर कोरोना वायरस के संभावित असर पर गंभीर चिंता जाहिर की है. संयुक्त राष्ट्र के दिशा-निर्देश इस तरह हैं.

1. यूएन की गाइडलाइंस के अनुसार, राष्ट्रीय और स्थानीय प्राधिकारियों को स्कूल फिर से खोलने का फैसला बच्चों के हित और सार्वजनिक स्वास्थ्य के संबंध में समग्र विवेचना को ध्यान में रखकर करना चाहिए.

2. स्कूल खोलने की दिशा में कई अहम मुद्दों पर की गई ये विवेचना शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक-आर्थिक कारक से जुड़े फायदों और जोखिमों के आकलन पर आधारित होनी चाहिए.

3. स्कूल बंद करने का कोरोना वायरस के संक्रमण की दर पर क्या असर हुआ है, इसके आकलन के लिए फिलहाल पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा और उनके सीखने की प्रक्रिया में स्कूल बंद होने के दुष्प्रभाव के बारे में प्रमाण मौजूद हैं.

4. गाइडलाइंस जारी करते हुए यूएन ने चिंता जताते हुए कहा गया है कि हाल के दशकों में बच्चों की शिक्षा तक पहुंच बढ़ाने में जो सफलता मिली है, वो स्कूल बंद होने के कारण बिल्कुल बेमानी हो सकती है या यूं कहें कि बर्बाद हो सकती है.

154 करोड़ बच्चों पर असर
यूनेस्को के अनुसार, कोरोना वायरस के चलते शिक्षण संस्थानों को बंद करने का असर दुनियाभर में करीब 154 करोड़ छात्रों पर पड़ा है. यूनेस्को प्रतिनिधि ने पीटीआई को बताया,  इन गाइडलाइंस का उद्देश्य स्कूल खोलने के फैसले को लेकर जरूरी सावधानियां बरतने के प्रति सरकारों को सतर्क करना है. बता दें कि भारत में कोरोना वायरस के चलते अब तक करीब 1700 लोगों की जान जा चुकी है, वहीं लगभग 50 हजार लोग इस महामारी से संक्रमित हो चुके हैं.

इस राज्य में सरकारी नौकरियों पर लगी रोक, जानें क्या है मामला

69 हज़ार शिक्षक भर्ती मामले में हाईकोर्ट का फैसला, 3 महीने में पूरी हो भर्ती
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading