Career Guidance: शून्य से शिखर का सफर है एक्टिंग करियर

अगर आपमें एक्टिंग स्किल्स हैं तो इन कोर्सेज के बाद आपको आसानी से मॉडलिंग, टेलीविजन और फ़िल्म इंडस्ट्री में एक्टिंग के अवसर मिल जाएंगे.

आजकल स्टूडेन्ट्स स्कूल (School) और कॉलेज (College) के समय से ही अपनी एक्टिंग स्किल्स को निखारना शुरू कर देते हैं. अब थिएटर क्लासेज और वर्कशॉप्स (Workshop) की भी कोई कमी नहीं है.

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    नई दिल्ली. फ़िल्म इंडस्ट्री (Film Industry) में एक्टिंग (Acting) के जरिए करियर (Career) बनाने की चाह रखने वाले लाखों एक्टिंग प्रेमियों के लिए बुधवार की सुबह काफी दुःखद रही. होती भी क्यों नहीं, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के एक्टिंग स्कूल, ट्रेजेडी किंग (Tregedy King) और सुपरस्टार (Superstar) दिलीप कुमार (Dilip Kumar) का निधन (Death) जो हुआ था. एक्टिंग के लिहाज से वे करोड़ों फैन्स ही नहीं, बल्कि तमाम नए-पुराने फ़िल्म एक्टर्स (Actors) के लिए भी प्रेरणा (Inspiration) और आदर्श (Idol) थे. दिलीप कुमार ने कई बार कहा भी कि वे पर्दे पर एक्टिंग नहीं करते, बल्कि किरदार (Characters) जीते हैं. इसलिए एक्टिंग में बेहतर करियर बनाने के इच्छुक लोग दिलीप कुमार के फिल्मी करियर से काफी कुछ सीख सकते है. बहरहाल, जानते हैं क्या हैं एक्टिंग करियर में संभवनाएं (Opportunities).

    एक स्किल है एक्टिंग:
    बहुत से लोग समझते हैं कि एक्टिंग एक कोर्स (Course) भर है, जिसे सीखने भर से वो एक्टर बन जाएंगे. तो ऐसा बिल्कुल नहीं है. एक्टिंग व्यक्ति की एक स्किल (Skill) है जो वो अपने अंदरूनी (Internal) और बाहरी भावों (External Expressions) से व्यक्त करता है. स्किल्स बेहतर (improve) की जा सकती हैं, सुधारी जा सकती हैं, लेकिन पैदा (create) नहीं की जा सकती. फ़िल्म इंडस्ट्री में ऐसे सैंकड़ों उदाहरण (Examples) हैं. जिनके एक्टिंग की ये स्किल थी, उन्होंने इसमें सुधार किया और नए मुकाम पर पहुंचे. जिनके पास स्किल्स नहीं थी, वे कोर्स करने के बावजूद कुछ समय मे गायब हो गए. इसलिए इस फील्ड में कदम रखने से पहले ये जानना जरूरी है कि आपमें ये स्किल है भी या नहीं. जिन लोगों के पास ये स्किल है, वे आज भी इसे सुधारने के लिए थिएटर करते हैं.

    आजकल टीवी और थिएटर हैं सशक्त प्लेटफॉर्म:
    पहले के ज़माने की बात की जाए तो एक्टर्स के पास अपनी एक्टिंग दर्शाने के लिए बहुत ज्यादा माध्यम नहीं थे. लेकिन जिन लोगों में एक्टिंग प्रतिभा थी, वो इस फील्ड में शून्य से शिखर तक पहुंचे. लेकिन आज की बात मि जाए तो मॉडलिंग (Modeling) से लेकर टेलीविजन (Television) और थिएटर (Theatre) तक अपनी एक्टिंग स्किल्स को प्रदर्शित करने के तमाम सशक्त माध्यम हैं. मौजूद फ़िल्म इंडस्ट्री में ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं जो इन्ही माध्यमों के जरिए अपनी स्किल्स निखारकर आज फ़िल्म इंडस्ट्री तक पहुंचे हैं या जमे हुए हैं. इसलिए किसी भी माध्यम को कम आंकने की भूल न करें और सही समय पर आगे बढ़ते रहें.

    अब बेशुमार हैं करियर स्कोप:
    आजकल स्टूडेन्ट्स स्कूल (School) और कॉलेज (College) के समय से ही अपनी एक्टिंग स्किल्स को निखारना शुरू कर देते हैं. अब थिएटर क्लासेज और वर्कशॉप्स (Workshop) की भी कोई कमी नहीं है. फिर भी आप चाहें तो दिल्ली और मुम्बई के कुछ अच्छे एक्टिंग स्कूल्स (Acting Schools) से आप एक्टिंग में सर्टिफिकेट (Certificate) और डिप्लोमा (Diploma) कोर्स कर सकते हैं. अगर आपमें एक्टिंग स्किल्स हैं तो इन कोर्सेज के बाद आपको आसानी से मॉडलिंग, टेलीविजन और फ़िल्म इंडस्ट्री में एक्टिंग के अवसर मिल जाएंगे. शुरुआत में आपको 25 से 30 हजार रुपए ही मिलेगा, लेकिन एक बार इस फील्ड में स्थापित होने के बाद आप 50 से 75 हजार रुपए महीना भी कमा सकते हैं.

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