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Teachers Job: जानिये कैसे बन सकते हैं टीचर, भारत में हैं ये 6 तरीके

दिल्‍ली शिक्षा निदेशालय ने EWS कैटेगरी के लिए इन एडमिशन (Admission) की आखिरी तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी है. (File Pic)

दिल्‍ली शिक्षा निदेशालय ने EWS कैटेगरी के लिए इन एडमिशन (Admission) की आखिरी तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी है. (File Pic)

भारत में इन 6 तरीकों से टीचर की नौकरी प्राप्‍त की जा सकती है. जानिये एक टीचर बनने के लिये कौन सी योग्‍यताओं की जरूरत होती है और किन संस्‍थानों में इसका कोर्स कराया जाता है.

  • News18Hindi
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    हर किसी का करियर गोल अलग होता है. कुछ लोग जहां डॉक्‍टर, इंजीनियर और साइंटिस्‍ट बनना चाहते हैं, वहीं कुछ लोग स्‍पोर्ट्समैन, सिंगर और आर्टिस्‍ट जैसे ऑफबीट सेक्‍टर्स का चुनाव करते हैं. जबकि कुछ लोग शिक्षक बनकर समाज को एक दिशा देना चाहते हैं और बेहतर समाज का निर्माण करना चाहते हैं.

    अगर आप उनमें से हैं, जो शिक्षण में अपना करियर बनाना चाहते हैं, लेकिन आपको यह मालूम नहीं है कि देश में शिक्षक कैसे बनते हैं, तो हम यहां आपकी मदद कर रहे हैं. हम आपको उन तरीकों के बारे में बता रहे हें, जिसकी मदद से आप शिक्षक बन सकते हैं.

    भारत में आप 12वीं, ग्रेजुएशन और पोस्‍ट ग्रेजुएशन के बाद टीचिंग सेक्‍टर में एंटर कर सकते हैं. तो सबसे पहले आपको यह सोचना होगा कि आप प्रारंभिक स्‍कूल शिक्षक बनना चाहते हैं या प्रोफेसर. यहां हम आपको शिक्षक बनने के सभी रास्‍तों के बारे में बता रहे हैं. जानिये:

    1. प्री-प्राइमरी स्‍कूल टीचर (Pre-Primary School Teacher)
    प्री-प्राइमरी स्‍कूल टीचर 3 से 5 साल के बच्‍चों को पढ़ाते हैं. यानी बच्‍चा जब घर से स्‍कूल में पहला कदम रखता है तो उनकी मुलाकात प्री-प्राइमरी स्‍कूल टीचर से ही होती है.

    कैसे बनें प्री-प्राइमरी स्‍कूल टीचर:
    प्री-प्राइमरी स्‍कूल टीचर (Pre-Primary School Teacher) बनने के लिये दो कोर्स किए जा सकते हैं. पहला, नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (NTT) जो एक साल का कोर्स है और दूसरा डिप्‍लोमा इन अर्ली चाइल्‍डहूड एजुकेशन (D.E.C.Ed.), जो दो साल कोर्स है. यह दोनों कोर्स 12वीं के बाद किए जा सकते हैं.

    इन इंस्‍टीट्यूट से कर सकते हैं NTT
    इंदिरा गांधी इंस्‍टीट्यूट ऑफ एडवांस एजुकेशन, नई दिल्‍ली (Indira Gandhi Institute of Advanced Education)
    INDOSS पोलिटेक्‍न‍ि‍क फॉर वुमन, दिल्‍ली (INDOSS Polytechnic for Women)
    महात्‍मा गांधी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, दिल्‍ली (Mahatma Gandhi College of Education, Delhi)
    राजा राम मोहन राय इंस्‍टीट्यूट ऑफ वोकेशनल स्‍टडीज, चंडीगढ़ (Raja Ram Mohan Roy Institute of Vocational Studies, Chandigarh) आदि

    इन इंस्‍टीट्यूट से कर सकते हैं D.E.C.Ed:
    स्‍टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग, दिल्‍ली (State Council of Educational Research and Training, Delhi)
    यूनिवर्सिटी ऑफ मुंबई (University of Mumbai, Mumbai)
    बांबे टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज, मुंबई (Bombay Teachers Training College, Mumbai), आदि

    2. प्राइमरी स्‍कूल टीचर (Primary School Teacher)
    प्राइमरी स्‍कूल टीचर (Primary School Teacher) यानी प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक, 6 से 12 साल के बच्चों को पढ़ाते हैं. प्राइमरी स्‍कूल टीचर को किसी एक विषय में विशेषज्ञता के बजाय, उन्हें वाक्यों, कंप्यूटर, भाषा, प्रश्नोत्तरी, इंटरैक्टिव सेशन, व्यक्तित्व विकास, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, जीवन और सामाजिक कौशल से परिचित कराने सहित कई विषयों में जानकारी की आवश्‍यकता पड़ती है. क्‍योंकि प्राइमरी स्‍कूल में ही छात्रों को सीखने और चीजों को अनुभव करने का पहला मौका मिलता है.

    कैसे बनें प्राइमरी स्‍कूल टीचर:
    प्राइमरी स्‍कूल टीचर बनने के लिये आपको यहां नीचे दिये गए कोर्स करने होंगे. इनमें से कोई भी एक कोर्स कर सकते हैं.
    1. एलीमेंट्री टीचर एजुकेशन (ETE) कोर्स. यह दो साल का कोर्स होता है.
    2. बैचलर इन एलीमेंट्री एजुकेशन (B.El.Ed) कोर्स. यह चार साल का कोर्स है.
    3. इसके अलावा दो साल का डिप्‍लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) करके भी प्राइमरी स्‍कूल टीचर बना जा सकता है.

    इन इंस्‍टीट्यूट से कर सकते हैं ETE:
    जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, मेघालय (District Institute of Education and Training Meghalaya)
    जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्थान, भोपाल (District Institute of Education Training, Bhopal)
    रामकृष्ण शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान, नई दिल्ली (Ramakrishna Teacher Training Institute, New Delhi) आदि

    इन इंस्‍टीट्यूट से कर सकते हैं B.El.Ed:
    लेडी श्री राम कॉलेज, दिल्ली (Lady Shri Ram College, Delhi)
    गार्गी कॉलेज, दिल्ली (Gargi College, Delhi)
    बंसीधर महाविद्यालय, उत्तर प्रदेश (Bansidhar Mahavidyalaya, Uttar Pradesh)
    केंद्रीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली (Central Institute of Education, New Delhi)
    अदिति महाविद्यालय, नई दिल्ली (Aditi Mahavidyalaya, New Delhi) आदि

    इन इंस्‍टीट्यूट से कर सकते हैं D.El.Ed:
    जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, तुरा (District Institute of Education and Training, Tura)
    प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, भोजपुर (Primary Teachers Education College, Bhojpur) आदि

    3. सेकेंडरी स्‍कूल टीचर (Secondary School Teacher)
    सेकेंडरी स्‍कूल टीचर यानी माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों को टीजीटी (Trained Graduate Teachers) के रूप में जाना जाता है. वे कक्षा 6 से 10 तक के छात्रों को पढ़ाते हैं. एक सेकेंडरी स्‍कूल टीचर के रूप में, आप छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने और सभी विषयों को अधिक गहराई से सीखने में उनकी मदद करते हैं.

    कैसे बन सकते हैं सेकेंडरी स्‍कूल टीचर:
    ग्रेजुएशन के बाद आपको बैचलर इन एजुकेशन (B.Ed) करना होगा. यह दो साल का कोर्स होता है.

    इन इंस्‍टीट्यूट से कर सकते हैं B.Ed:
    दिल्‍ली यूनिवर्सिटी (University of Delhi)
    बनारस हिन्‍दू यूनिवर्सिटी (BHU)
    गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्‍थ यूनिवर्सिटी, दिल्‍ली (Guru Gobind Singh Indraprastha University, Delhi)
    डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन, बनस्‍थली यूनिवर्सिटी, जयपुर (Department of Education, Banasthali University, Jaipur) आदि

    4. सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल टीचर (Senior Secondary School Teacher)
    सीनियर सेकेंडरी टीचर को PGTs (Post-Graduate Teachers) के नाम से जाना जाता है. इसके लिये मास्‍टर डिग्री लेनी पड़ती है. येे मूल रूप से 11वीं और 12वीं के छात्रों को पढ़ाते हैं.

    कैसे बनें सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल टीचर:
    जिस विषय के शिक्षक आप बनना चाहते हैं, उस विषय (गैर-पेशेवर, डिग्री पाठ्यक्रम) से पोस्‍ट ग्रेजुएशन किया हो. इसके अलावा आपके पास B.Ed(बी.एड.) डिग्री भी होनी चाहिए. आप किसी भी विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं.

    इस बात का ध्‍यान रखें: आप अपना बी.एड पूरा करने के बाद सीटीईटी (केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा) दे सकते हैं. CTET पास करने से आपको केंद्र
    सरकार के स्कूलों में शिक्षक बनने में मदद मिलेगी, जैसे कि केंद्रीय विद्यालय. आप एसटीईटी (राज्य शिक्षक पात्रता परीक्षा) क्रैक भी कर सकते हैं, जो आपको राज्य सरकारों के तहत स्कूलों में शिक्षक बनने के लिये योग्‍यता देगा.

    5. स्‍पेशल एजुकेटर (Special Educator)
    स्‍पेशल एजुकेटर, दरअसल स्‍पेशल स्‍कूल के लिये होते हैं. इन शिक्षकों को ऐसे बच्‍चों के साथ डील करना होता है, जो शारीरिक, मानसिक, भावनात्‍मक और
    सीखने में अक्षम हैं.

    कैसे बनें स्‍पेशल एजुकेटर:
    ग्रेजुएशन के बाद आपको बैचलर इन एजुकेशन (B.Ed.) करना होगा, जो स्‍पेशल एजुकेशन के लिये हो.

    इन इंस्‍टीट्यूट से कर सकते हैं स्‍पेशल एजुकेशन में B.Ed:
    गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली (Guru Gobind Singh Indraprastha University,Delhi)
    भारतीय स्वास्थ्य शिक्षा और अनुसंधान संस्थान, बिहार (Indian Institute Of Health Education and
    Research,Bihar)
    जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली (Jamia Millia Islamia, New Delhi)
    कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र (Kurukshetra University, Kurukshetra)
    बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, उत्तर प्रदेश (Banaras Hindu University, Uttar Pradesh) आदि

    6. लेक्‍चरर/ प्रोफेसर
    लेक्‍चरर को असिस्‍टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर या प्रोफेसर के रूप में जाना जाता है. एक लेक्चरर/प्रोफेसर के रूप में, आपको किसी खास विषयों पर लेक्‍चर देना होगा, एकेडमिक रिसर्च करना होगा और छात्रों को अपना रिसर्च का काम करने में सहायता करनी होगी. अपने चुने हुए क्षेत्र में मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद, आपको यूजीसी-नेट परीक्षा क्‍वालिफाई करना होगा.

    राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) असिस्‍टेंट प्रोफेसरशिप या जूनियर रिसर्च फेलोशिप के लिए भारतीय नागरिकों की पात्रता निर्धारित करने के लिए आयोजित की जाती है. परीक्षा साल में दो बार विशेष रूप से जून और नवंबर के महीने में आयोजित की जाती है.

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