आई.ए.एस. के इन्टरव्यू बोर्ड का सामना कैसे करें कैंडिडेट्स, पूर्व सिविल सर्वेंट की सलाह

ऐसे भी खिलाड़ी हैं, जिनके दिमाग में अपने रनों की कोई गणना होती ही नहीं है. उन्हें तो केवल दो ही धुनें सवार रहती हैं कि आउट नहीं होना है और रन बटोरने हैं.

ऐसे भी खिलाड़ी हैं, जिनके दिमाग में अपने रनों की कोई गणना होती ही नहीं है. उन्हें तो केवल दो ही धुनें सवार रहती हैं कि आउट नहीं होना है और रन बटोरने हैं.

इन्टरव्यू की सफलता के लिए आपका मजबूत बनना इसकी पहली शर्त होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 8:12 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. ओफ्फ! बहुत ही अधिक संवेदनशील चरण होता है यह. कितनी लम्बी तैयारी और कठिन मेहनत के बाद आप प्रारम्भिक परीक्षा पास करते हैं. इससे भी अधिक जद्दोजहद मुख्य परीक्षा को पास करने के लिए करनी पड़ती है. इन दोनों स्तरों को क्वालीफाई करने के बाद आप सिविल सेवा के इस अंतिम चरण तक पहुँचते हैं, जहाँ एक प्रकार से आपकी जिन्दगी का फैसला कर दिया जाता है - इस मायने में कि यदि सफल हुए, तो जीवन का स्वरूप कुछ होगा और यदि सफल नहीं हुए, तो कुछ और.

प्रारम्भिक परीक्षा से लेकर इन्टरव्यू तक की जद्दोजहद

इस मायने में भी कि यदि इन्टरव्यू अच्छा रहा, तो आपको अपने मन की सर्विस मिल जाएगी और यदि अच्छा नहीं रहा, तो हो सकता है कि सफलता तो मिल जाए, लेकिन सर्विस वही न मिले, जो आप चाहते थे. यदि ऐसा हुआ और आपके पास परीक्षा में बैठने के चांस बाकी हैं और उम्र भी आपका साथ दे रही है, तो एक बार फिर से आपको प्रारम्भिक परीक्षा से लेकर इन्टरव्यू तक की जद्दोजहद में जुटना होगा.

जिन्दगी इतनी छोटी और अर्थहीन नहीं होती कि वह आई.ए.एस. की मोहताज हो
मैं यह नहीं कहता कि अगर आप इन्टरव्यू में सफल नहीं हुए, तो जिन्दगी ही खत्म हो जाएगी. जिन्दगी इतनी छोटी और अर्थहीन नहीं होती कि वह आई.ए.एस. की मोहताज हो, कि यदि वह नहीं मिल पाया तो यह खत्म हो जाएगी. प्रत्येक के जीवन के सामने एक विशाल फलक होता है, जिस पर हजारों, लाखों मंजिले मौजूद रहती हैं. ठीक है कि हम एक समय में अपने लिए एक मंजिल को चुनकर वहाँ तक नहीं पहुँच पाए. लेकिन इसका अर्थ यह कतई नहीं होता कि अन्य सारी मंजिलों की मौत हो गई है.

इन्टरव्यू की सफलता के लिए आपका मजबूत बनना होगा

न तो मंजिलों की मौत होती है और न कभी उनके रास्ते बन्द होते हैं. बल्कि जब किसी एक मंजिल का रास्ता बंद होता है, तो शेष न जाने कितनी मंजिलें अपनी बाँहें फैलाए हमें आमंत्रित करती रहती है. यह आपको बहलाने-फुसलाने के लिए नहीं है, बल्कि जिन्दगी की सच्चाई को बताने के लिए है, ताकि आप इस सच्चाई को समझकर अपने-आपको अधिक से अधिक मजबूत बना सकें. और इन्टरव्यू की सफलता के लिए आपका मजबूत बनना इसकी पहली शर्त होती है.



खिलाड़ी जितना अधिक सेंसिटिव, मंजिल पाने में उतना ही असफल

मैंने कहा कि यह अत्यन्त संवेदनशील चरण होता है. उस क्रिकेट खिलाड़ी के बारे में सोचिए, जो 94 रन बना चुका है. सेंचुरी बनाने के लिए उसे सिर्फ 6 रनों की जरूरत है. आपने ध्यान दिया होगा कि इससे पहले वह जितने ठोस तरीके से खेल रहा था, अब वह वैसा नहीं खेल पा रहा है. वह थोड़ा कमजोर पड़ गया है और बहुत बच-बचकर खेल रहा है. वह यह सोचकर खेल रहा है कि ‘कहीं ऐसा न हो कि मैं आउट हो जाऊँ और सेंचुरी बनने से रह जाए‘, यानी कि वह खिलाड़ी मनोवैज्ञानिक रूप से अपनी मंजिल के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील हो गया है. और जो खिलाड़ी जितना अधिक सेंसिटिव हो जाएगा, वह अपनी मंजिल को पाने में उतना ही असफल होगा, क्योंकि यह अतिरिक्त संवेदनशीलता उसे कमजोर बना देती है. पक्का जानिए कि यह खिलाड़ी 97-98 रन बनते-बनते आउट हो जाएगा.

फल की चिन्ता किए बिना कर्म करते रहो

लेकिन ऐसे भी खिलाड़ी हैं, जिनके दिमाग में अपने रनों की कोई गणना होती ही नहीं है. उन्हें तो केवल दो ही धुनें सवार रहती हैं कि आउट नहीं होना है और रन बटोरने हैं. ऐसे खिलाड़ियों का पूरा ध्यान अपने खेल पर होता है, खेल के परिणाम पर नहीं. वे इस तथ्य को बहुत अच्छे से जानते हैं कि परिणाम महत्वपूर्ण नहीं है, महत्वपूर्ण है-खेल. यदि खेल अच्छा हुआ, तो परिणाम अपने-आप ही अच्छा होगा. यह विज्ञान का सत्य है, प्रकृति का सत्य है और जीवन का भी सत्य यही है. इसी सत्य को भगवान कृष्ण ने गीता में इस प्रकार कहा है कि ‘फल की चिन्ता किए बिना कर्म करते रहो, क्योंकि तुम्हारा अधिकार केवल कर्म पर ही है, फल पर नहीं.‘ जाहिर है कि जिस पर हमारा अधिकार ही नहीं है, उसके बारे में हम कुछ नहीं कर सकते. कर उसी के बारे सकते हैं, जिस पर हमारा अपना अधिकार है और वह है-कर्म. (लेखक डॉ॰ विजय अग्रवाल, पूर्व सिविल सर्वेंट और afeias के संस्थापक हैं.)

ये भी पढ़ें

10वीं-12वीं पास युवाओं के लिए आर्मी में भर्ती होने का शानदार मौका

Sarkari Naukri: UPPSC ने निकाली कई पदों पर भर्तियां, करें आवेदन

सभी राज्यों की बोर्ड परीक्षाओं/ प्रतियोगी परीक्षाओं, उनकी तैयारी और जॉब्स/करियर से जुड़े Job Alert, हर खबर के लिए फॉलो करें- https://hindi.news18.com/news/career/

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज