लाइव टीवी

30 दिन की ट्रेनिंग में बन सकते हैं कमर्शियल ड्राइवर, 30 हजार तक होगी सैलरी

News18Hindi
Updated: December 18, 2019, 1:43 PM IST
30 दिन की ट्रेनिंग में बन सकते हैं कमर्शियल ड्राइवर, 30 हजार तक होगी सैलरी
ड्राइविंग स्कूल मे आप कम दिनों में ही बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.

अशोक लेलैंड के छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट में स्टूडेंट्स की भारी डिमांड है. कई कंपनियां यहां प्लेसमेंट के लिए आती हैं, लेकिन उन्हें अच्छे प्रशिक्षित ड्राइवर नहीं मिल पाते.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 18, 2019, 1:43 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. क्या आपको नौकरी चाहिए? क्या आप किसी कंपनी में कमर्शियल ड्राइवर बनना चाहते हैं? अगर ऐसा है तो आपको 30 दिन की ट्रेनिंग और पढ़ाई के बाद ही नौकरी मिल सकती है. छिंदवाड़ा में अशोक लेलैंड इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर है, जहां से हर साल हजारों छात्र पढ़ाई करते हैं और कोर्स खत्म होने पर उनका प्लेसमेंट रिजस्ट 100% रहता है.

सरकारी नौकरी के मौके
अशोक लेलैंड इंस्टीट्यूट छिंदवाड़ा के प्रिंसिपल संजय टाकोने कहते हैं कि देश में करीब 22 लाख प्रशिक्षित ड्राइवर्स की कमी है. हमारे यहां हर साल करीब 6000 स्टूडेंट्स निकलते हैं और लगभग सभी को नौकरी मिल जाती है. इनमें से करीब 20% नौकरी तो सरकारी डिपार्टमेंट मसलन, पुलिस, CRPF, मेडिकल वैन, ऑर्निनेंस फैक्ट्री में मिलती है. इसके अलावा प्राइवेट कंपिनयों में भी ड्राइवर्स की डिमांड है.

बेहद छोटा कोर्स



प्रिंसिपल संजय टाकोने बताते हैं कि कोर्स बेहद छोटा है. लाइट व्हीकल के लिए 30 की पढ़ाई और हैवी व्हीकल के लिए 50 दिन की पढ़ाई करनी होगी. इंस्टीट्यूट में स्टूडेंस को थ्योरी के साथ ही प्रैक्टिकल कराया जाता है. हर मौसम, हर परिस्थिति के हिसाब से ड्राइविंग उन्हें सिखाई जाती है. इसके साथ ही उन्हें मशीनरी की बेसिक जानकारी भी दी जाती है. वो कहते हैं कि फरवरी 2015 में ये इंस्टीट्यूट शुरू हुआ था और तब से अब तक करीब 15 हजार बच्चे यहां पढ़कर नौकरी पा चुके हैं. सैलरी की रेंज छह हजार से लेकर 30 हजार तक होती है. उन्होंने कहा कि देश में 9 इंस्टीट्यूट हैं और कोई बच्चा कहीं भी एडमीशन ले सकता है.



कॉर्न फेस्टिवल के दौरान बच्चों से मिलने पहुंचे मुख्यमंत्री कमलनाथ.


देशभर में 9 सेंटर
अशोक लेलैंड के देशभर में 9 ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हैं. यह सभी केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राज्यमार्ग मंत्रालय के अंतर्गत आते हैं. नमक्कल (तमिलनाडु), बुराड़ी (दिल्ली), छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश), कैथल (हरियाणा), भुवनेश्वनर (ओड़िशा), रेलमगरा (राजस्थान), धारवाड़ (बंगलुरू), येलाहंका (बंगलुरू) और वडोदरा (गुजरात)

कौन ले सकता है दाखिला?
- उम्र 18 साल से ज्यादा हो
- शारीरिक रूप से दक्ष हो
- छात्राओं और महिलाओं के लिए विशेष बैच

कोर्स के बारे में
शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म दोनों तरह के कोर्स यहां होते हैं. छात्रों को प्रैक्टिकल भी कराया जाता है और बेसिक ट्रेनिंग दी जाती है. इसके अलावा कोर्स पूरा होने पर प्लेसमेंट दिया जाता है.

ये भी पढ़ें-
CBSE board exam 2020: 10वीं में 6 लाख स्‍टूडेंट्स ने चुनी बेसिक मैथ्‍स
Bihar D.El.Ed. first year result 2019: परिणाम जारी, 21,034 उम्‍मीदवार हुए पास
SSC ने बढ़ाई कांस्टेबल पदों की संख्या,महिलाओं के लिये आरक्षित हैं इतनी सीटें

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए छिंदवाड़ा से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: December 18, 2019, 12:59 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading