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BSEB 10th Results: बिहार बोर्ड दसवीं के टॉपर ने किया खुलासा, ऐसे किया जाता है टॉपर्स का वेरिफिकेशन

Bihar Board Results 2020: जानें कैसे होता है बिहार बोर्ड परीक्षा में टॉपर्स का वेरिफिकेशन, क्या है पूरी प्रक्रिया.....

Bihar Board Results 2020: जानें कैसे होता है बिहार बोर्ड परीक्षा में टॉपर्स का वेरिफिकेशन, क्या है पूरी प्रक्रिया.....

Bihar Board 10th Result: करीब 100 से 110 छात्रों को वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है और इनका इंटरव्यू लिया जाता है. एक छात्र से तेरह से चौदह परीक्षक बात करते हैं और प्रश्न पूछते हैं. एक परीक्षक दो से तीन प्रश्न पूछता है. इस हिसाब से हर छात्र से कम से कम 30 से 40 सवाल पूछे जाते हैं.

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पटनाः Bihar Board 10th Result: बिहार बोर्ड की दसवीं क्लास का रिजल्ट (Bihar Board 10th Result) आने वाला है ऐसे में सभी की निगाहें उसी पर लगी हुई हैं. छात्र बेसब्री से परीक्षा परिणामों का इंतज़ार कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. कॉपियां चेक हो गईं, उनका री-इवैल्यूएशन भी हो गया है. इसके बाद टॉपर्स के वेरिफिकेशन (Topper Verification of Bihar Board) का काम भी खत्म हो चुका है. इस बार टॉपर्स का वेरिफिकेशन वीडियो कॉल के जरिए किया गया क्योंकि पूरे देश में फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण छात्रों को बोर्डल ऑफिस बुलाना संभव नहीं था. इस संदर्भ में हमने पिछले साल के बिहार बोर्ड के दसवीं कक्षा के टॉपर सावन राज भारती से बात की और पूछा कि कैसे पूरी की जाती है टॉपर्स के वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया. तो आइए हम आपको बताते हैं टॉपर्स वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया कैसे होती है.

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बोर्ड ऑफिस बुलाया जाता है छात्रों को
दरअसल, वेरिफिकेशन के लिए चुने गए छात्रों को बोर्ड ऑफिस बुलाया जाता है और वहीं पर उनका इंटरव्यू लिया जाता है. इस दौरान उनका फिजिकल वेरिफिकेशन भी होता है और उनके नॉलेज को भी चेक किया जाता है. फिजिकल वेरिफिकेशन में परीक्षा फॉर्म भरते वक्त जो भी बॉडी मार्क्स, पहचान के तौर पर दिए बताए जाते हैं, उनको चेक किया जाता है ताकि किसी तरह का संदेह न रह जाए. बता दें कि घर से वेरिफिकेशन सेंटर तक आने जाने का खर्च भी छात्रों को बोर्ड द्वारा ही दिया जाता है. इसके बाद उनके नॉलेज को चेक किया जाता है. इसके पीछे उद्देश्य होता है कि कैंडीडेट को जितने अंक आए हैं उस स्तर का ज्ञान उसे है कि नहीं.

100-110 छात्रों को बुलाया जाता है
सावन भारती ने बताया कि करीब 100 से 110 छात्रों को वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाता है और इनका इंटरव्यू लिया जाता है. इटरव्यू के दौरान साइंस, इंग्लिश, ज्यॉग्रफी और डिज़ास्टर मैनेजमेंट जनरल नॉलेज आदि विषयों से सवाल पूछे जाते हैं.

13-14 परीक्षक लेते हैं इटरव्यू
सावन भारती ने बताया कि यह पूरी प्रक्रिया एक से डेढ़ घंटे तक चलती है. इसके लिए तीन चार पंक्तियों में डेस्क लगाई जाती है. खास बात है कि एक छात्र से तेरह से चौदह परीक्षक बात करते हैं और प्रश्न पूछते हैं. एक परीक्षक दो से तीन प्रश्न पूछता है. इस हिसाब से हर छात्र से कम से कम 30 से 40 सवाल पूछे जाते हैं. इस दौरान छात्रों को कुछ लिखने को दिया जा सकता है जिसे जल्दी से जल्दी लिख कर दिखाना होता है. छात्र की हैंड राइटिंग चेक करने के लिए भी कुछ लिखवाया जाता है ताकि पूरी तरह से इत्मिनान किया जा सके. कई बार ये भी पूछा जाता है कि आपको क्या लगता है कि इस विषय में आपको कितने अंक आने चाहिए. इससे वे छात्र का कॉन्फिडेंस चेक करते हैं और ये भी चेक करते हैं कि जो कहा जा रहा है उससे अंकों का मेल है कि नहीं.

खैर, इस बार तो वीडियो कॉल के जरिए ही इस पूरी प्रक्रिया को खत्म किया गया है. बस अब रिजल्ट का इतज़ार है जो कि किसी भी वक्त बोर्ड जारी कर सकता है.

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