रद्द हो सकती हैं यूनिवर्सिटी की आखिरी साल की परीक्षाएं, निशंक ने UGC से फिर विचार करने को कहा

रद्द हो सकती हैं यूनिवर्सिटी की आखिरी साल की परीक्षाएं, निशंक ने UGC से फिर विचार करने को कहा
HRD मिनिस्टर रमेश पोखरियाल निशंक की फाइल फोटो

इसे कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार के खतरे को देखते हुए मानव संसाधन मंत्री (HRD Minister) के यूजीसी (UGC) के परीक्षाओं को टालने के सुझाव के तौर पर देखा जा रहा है.

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नई दिल्ली. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री (Union HRD Minister) रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhariyal Nishank) ने ट्वीट (Tweet) कर कहा है कि उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से कोर्स के बीच के सेमेस्टर और आखिरी सेमेस्टर की परीक्षाओं (Intermediate and Terminal Semester examinations) और शैक्षणिक कैलेंडर के लिए पहले जारी किए गए दिशानिर्देशों के पुनरीक्षण के लिए कहा है. उन्होंने यह जानकारी भी दी कि नए जारी किए जाने वाले दिशानिर्देशों में स्टूडेंट्स, शिक्षकों और अन्य स्टाफ के स्वास्थ्य और सुरक्षा को आधार बनाया जाना चाहिए.

इसे कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रसार के खतरे को देखते हुए मानव संसाधन मंत्री (Human Resource Minister) के यूजीसी के परीक्षाओं (Examinations) को टालने के सुझाव के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पहले निशंक ने छात्रों से एक बातचीत में कहा था कि अगर जुलाई में हालात सामान्य होते हैं तो परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि इसमें छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी. उच्च शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षाओं को लेकर यूजीसी चेयरमैन के नेतृत्व में एक टास्क फोर्स का गठन भी किया गया था. जिसे परीक्षा कब, कैसे और कहां करानी है, इस पर फैसला लेना था.

पहले एक वेबिनार में निशंक ने सामने रखा था यह फॉर्मूला
इसी वेबिनार में निशंक ने यह भी कहा था कि संस्थान परीक्षाओं को लेकर यूजीसी गाइडलाइंस का पालन कर सकते हैं. जिस क्षेत्र के हालात सामान्य नहीं होंगे, वहां पहले साल के स्टूडेंट्स को इंटरनल असेसमेंट के आधार पर पास किया जाएगा. सेकेंड ईयर के स्टूडेंट्स को फर्स्ट ईयर के रिजल्ट और सेकेंड ईयर के इंटरनल असेसमेंट के आधार पर पास किया जाएगा. यानी उनके परिणाम में दोनों को 50-50% वेटेज मिलेगा. वहीं उन्होंने फाइनल ईयर की परीक्षाएं कराने की बात कही थी. हालांकि तारीख को लेकर उन्होंने आगे विचार किए जाने की बात कही थी. लेकिन अब निशंक ने पहले के इंटरमीडियट सेमेस्टर-टर्मिनल सेमेस्टर पर पहले जारी दिशानिर्देशों के पुन:निरीक्षण के लिए कहा है.
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नए दिशा-निर्देशों की नींव स्टूडेंट्स, टीचर्स और कर्मचारियों का स्वास्थ्य और सुरक्षा
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Ramesh Pokhariyal Nishank) ने ट्वीट में लिखा, मैंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) को सलाह दी है कि इंटरमीडिएट और टर्मिनल सेमेस्टर परीक्षाओं और शैक्षणिक कैलेंडर के लिए पहले जारी किए गए दिशानिर्देशों को फिर से देखें. पुनरीक्षित दिशानिर्देशों की नींव छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा होगी.
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