HRD मंत्री रमेश पोखरियाल ने जारी किया वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर, स्टूडेंट ऐसे करेंगे पढ़ाई

वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर को बनाते समय नई तकनीकों एवं सोशल मीडिया को तरजीह दी गई है.
वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर को बनाते समय नई तकनीकों एवं सोशल मीडिया को तरजीह दी गई है.

अध्यायक (Teacher) विभिन्न तकनीकों और सोशल मीडिया (Media) प्लेटफार्म का प्रयोग करके घर से ही बच्चों को अभिभावकों की देख रेख में पढ़ा सकते हैं.

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नई दिल्ली. मानव संसाधन विकास मंत्री(HRD Minister) डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने माध्यमिक कक्षाओं के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा बनाया गया वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर जारी किया.

इस कैलेंडर को बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों की मदद से बनाया गया है ताकि बच्चे रुचिपूर्वक अर्थपूर्ण शिक्षा ग्रहण कर सकें. इस वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर को बनाते समय नई तकनीकों एवं सोशल मीडिया को तरजीह दी गई है, जिससे कि बच्चे घर पर इन तकनीकों के प्रयोग से आनंदपूर्वक और रुचिपूर्ण ढंग से शिक्षा ग्रहण कर सकें.

इंटनेट नहीं तो कॉल कर पढ़ाएंगे टीचर
मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा: 'इस कैलेंडर के माध्यम से अध्यायक विभिन्न तकनीकों और सोशल मीडिया प्लेटफार्म का प्रयोग करके घर से ही बच्चों को अभिभावकों की देख रेख में पढ़ा सकते हैं. हो सकता है कि कुछ लोगों के पास मोबाइल फ़ोन पर या घर पर इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध ना हो और वो सोशल मीडिया का उपयोग ना करते हों ऐसे में इस वैकल्पिक कैलेंडर में अध्यापकों के लिए ये दिशा-निर्देश भी हैं कि वो विद्यार्थियों को मोबाइल पर एस.एम.एस भेजकर या फ़ोन पर कॉल कर के उनका मार्गदर्शन करें.
इंटरनेट है तो ऐसे पढ़ेंगे स्टूडेंट


इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने की स्थिति में अध्यापक, अभिभावक और बच्चे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्वीटर, टेलीग्राम, गूगल मेल और गूगल हैंगऑउट द्वारा एक दूसरे से जुड़ सकते हैं और पढाई जारी रख सकते हैं. इस कैलेंडर में कक्षा 9 से कक्षा 12 तक के सभी विषय शामिल किये गए हैं. इस कैलेंडर द्वारा सभी बच्चों जिनमें दिव्यांग भी शामिल हैं. की सीखने की जरूरत का ध्यान रखा गया है. सभी बच्चों को ऑडियो बुक्स, रेडियो कार्यक्रमों, आदि के द्वारा छात्रों की जरूरतों को संबोधित किया जायेगा.

इस कैलेंडर को साप्ताहिक आधार पर जारी किया जायेगा और इसमें पाठ्यक्रम के अनुसार विषयों को रुचिकर और चुनौतीपूर्ण गतिविधियों द्वारा सम्मिलित किया गया है. इस कैलेंडर की सबसे प्रमुख बात यह है कि इन गतिविधियों की मैपिंग छात्रों की सीखने के प्रतिफलों के साथ की गई है.

चार भाषाओं में है कैलेंडर
फ़िलहाल ये कैलेंडर में चार भाषाओँ में है.- संस्कृत, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी. इस वैकल्पिक कैलेंडर में ई-पाठशाला, एनआरओईआर और दीक्षा पोर्टल पर अध्यायवार उपलब्ध सामग्री को भी शामिल किया गया है. केंद्रीय मंत्री ने इस कैलेंडर पर उपलब्ध गतिविधियों के बारे में कहा कि सभी गतिविधियां सुझाव के तौर पर शामिल की गयी है न कि किसी आदेश की तरह थोपी गई हैं. इस क्रम में किसी के ऊपर कोई बाध्यता नहीं है. अध्यापक और अभिभावक बिना क्रम पर ध्यान दिए विद्यार्थियों की रूचि वाली गतिविधि का चयन कर सकते हैं.

इन टीवी चैनलों पर कर सकते हैं पढ़ाई
एनसीईआरटी ने टीवी चैनल स्वयं प्रभा (किशोर मंच) (फ्री डीटीएच चैनल #128, डिश टीवी चैनल # 950, सनडायरेक्ट # 793, जिओ टीवी, टाटा स्काई # 756, एयरटेल चैनल # 440, वीडियोकॉन चैनल # 477), किशोर मंच ऐप (प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है) और यूट्यूब लाइव (एनसीईआरटी आधिकारिक चैनल) के माध्यम से छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ लाइव इंटरेक्टिव सत्र शुरू कर दिया है.

सोमवार से शनिवार के बीच होगा प्रसारण
सोमवार से शनिवार इन सत्रों का प्रसारण प्रातः 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक प्राथमिक कक्षाओं के लिए और अपराह्न 2 बजे से अपराह्न 4 बजे तक उच्च प्राथमिक कक्षाओं के किया जा रहा और जल्द ही माध्यमिक स्तर के सुबह 9 बजे से 11 बजे तक किया जायेगा. दर्शकों के साथ बातचीत करने के अलावा, इन लाइव सत्रों में विषयों के शिक्षण के साथ-साथ शारीरिक गतिविधियां भी दिखाई जा रही हैं.

इस कैलेंडर को एससीईआरटी , राज्य स्कूल शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा बोर्ड्स, केन्द्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, इत्यादि संस्थाओं के साथ विडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डीटीएच चेनलों द्वारा प्रसारित और प्रचारित किया जायेगा.

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