सोशल मीडिया पर भी बदला HRD मंत्रालय का नाम, अब हुआ 'मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन'

सोशल मीडिया पर भी बदला HRD मंत्रालय का नाम, अब हुआ 'मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन'
एचआरडी मंत्रालय का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है.

पुरानी नीति के 10+2 (दसवीं कक्षा तक, फिर बारहवीं कक्षा तक) के ढांचे में बदलाव करते हुए नई नीति में 5+3+3+4 का ढांचा लागू किया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 4, 2020, 4:07 PM IST
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नई दिल्ली. मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसॉर्स डेवलपमेंट (Ministry of Human Resource Development, MHRD) ने मंत्रालय का नाम बदलकर मिनिस्टर ऑफ एजुकेशन कर दिया है. अब ये नाम मंत्रालय की वेबसाइट पर रिफ्लेक्ट कर रहा है. साथ ही रमेश पोखरियाल निशंक के सोशल मीडिया पेज पर भी मंत्रालय का बदला नाम दिख रहा है.

केंद्रीय कैबिनेट मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' शिक्षा मंत्री हैं. संजय धोत्रे राज्य शिक्षा मंत्री हैं. पोखरियाल के ट्विटर पर अब उनके bio में Union Cabinet Minister for Education, Government of India लिखा है.

बाद दें कि मंत्रालय का सिर्फ नाम नहीं बदला है, पूरी एजुकेशन सिस्टम और मिनिस्ट्री का स्ट्रक्चर भी बदला है. हाल ही में स्वीकृत NEP 2020, मौजूदा राष्ट्रीय शिक्षा नीति को बदलने के लिए तैयार है. जिसे 1986 में तैयार और 1992 में संशोधित किया गया था.



केन्द्रीय कैबिनेट ने इस सप्ताह की शुरुआत में नई शिक्षा नीति-2020 की घोषणा कर देश की 34 साल पुरानी, 1986 में बनी शिक्षा नीति को बदल दिया.
समान प्रवेश परीक्षा की बात
शिक्षा नीति के तहत पांचवी कक्षा तक के बच्चों की पढ़ाई उनकी मातृ भाषा या क्षेत्रीय भाषा में होगी, बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को इसमें कुछ कम किया गया है, विधि और मेडिकल कॉलेजों के अलावा अन्य सभी विषयों की उच्च शिक्षा के एक एकल नियामक का प्रावधान है, साथ ही विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए समान प्रवेश परीक्षा की बात कही गई है.

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नई नीति में 5+3+3+4 का ढांचा लागू
पुरानी नीति के 10+2 (दसवीं कक्षा तक, फिर बारहवीं कक्षा तक) के ढांचे में बदलाव करते हुए नई नीति में 5+3+3+4 का ढांचा लागू किया गया है. इसके लिए आयु सीमा क्रमश: 3-8 साल, 8-11 साल, 11-14 साल और 14-18 साल तय की गई है. एम.फिल खत्म कर दिया गया है और निजी तथा सरकारी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए समान नियम बनाए गए हैं.
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