IAS Success Story: 22 साल की उम्र में पहले अटेम्पट में पास की UPSC परीक्षा

IAS Success Story: 22 साल की उम्र में पहले अटेम्पट में पास की UPSC परीक्षा
मुकुन्द कुमार की AIR-54 है.

मुकुंद मानते हैं यहां आने की वजह कोई भी हो, पर वह बहुत गहरी होनी चाहिए, उससे मंजिल तक पहुंचने में मदद मिलती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 13, 2020, 12:16 PM IST
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नई दिल्ली. IAS Success Story: ये कहानी है यूपीएससी परीक्षा 2019 को पहले ही अटेंप्ट में पास करने वाले मुकुंद कुमार की. इस परीक्षा को पहली बार में पास करना अपने आप में बड़ी बात है. महज 22 साल के मुकुंद की इस पहली कोशिश में कामयाबी के पीछे उनकी बरसों की मेहनत है. मुकुंद ने सैनिक स्कूल असम से 12वीं की. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन की.

सालों की मेहनत और स्मार्ट प्लानिंग
यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए मुकुंद की सालों की मेहनत और स्मार्ट प्लानिंग रही. उन्होंने इसकी तैयारी के लिए दो से तीन साल दिए. उनकी तैयारी इतनी अच्छी स्ट्रेटजी के साथ रही कि उन्होंने पहली बार परीक्षा दी और पहली ही बार में एग्जाम पास कर टॉपर्स में शामिल हुए. उनकी AIR-54 है.

तैयारी पूरी कर रिवीजन पर ध्यान 
मुकुंद ने परीक्षा के नेचर को बेहतर तरीके से समझा. उसके बाद तैयारी में जुटे और हर छोटी चीज को समझने में पूरा टाइम दिया. तैयारी पूरी कर उन्होंने रिवीजन पर ध्यान दिया. पूरी तैयारी कर पहला अटेम्पट दिया. मुकुंद तैयारी को लेकर श्योर थे. सेलेक्शन में कोई शंका नहीं थी. जानिए उनकी सफलता का राज.



मुकुंद मानते हैं कि सिविल सर्विसेस चुनने के पीछे सही वजह होना बेहद जरूरी है. सब चुनने वाले के पास, उसे चुनने की वजह हो तो उससे मोटिवेशन मिलता रहता है.

परीक्षा की तैयारी एक लंबा वक्त है, इस दौरान सही मोटिवेशन की बहुत ज्यादा जरूरत होती है. तैयारी करने वाले के पास उस वजह का होना बहुत जरूरी है जिससे वो बिना रुके सालों तक मेहनत के साथ तैयारी कर सके.

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मुकुंद ने क्यों चुनी सिविल सर्विस की नौकरी
मुकुंद मानते हैं यह क्षेत्र लोगों के बीच रहकर उनके लिए काम करने का अवसर देता है. वे समाज सेवा से जुड़े इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते थे. मुकुंद मानते हैं यहां आने की वजह कोई भी हो, पर वह बहुत गहरी होनी चाहिए, उससे मंजिल तक पहुंचने में मदद मिलती है.
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