IAS Preparation Tips: टाइम मैनेजमेंट सीख लिया तो UPSC क्रैक करना हो जाएगा आसान

डॉ. विजय अग्रवाल | News18Hindi
Updated: September 10, 2019, 6:37 AM IST
IAS Preparation Tips: टाइम मैनेजमेंट सीख लिया तो UPSC क्रैक करना हो जाएगा आसान
सिविल सर्विस से जुड़े अन्य विषयों की तैयारी कभी भी की जा सकती है, लेकिन जनरल स्‍टडीज की पढ़ाई रेग्‍यलूर करनी चाहिए.

सिविल सर्विस से जुड़े अन्य विषयों की तैयारी कभी भी की जा सकती है, लेकिन जनरल स्‍टडीज की पढ़ाई रेग्‍यलूर करनी चाहिए.

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IAS Preparation Tips:  सिविल परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए यह एक बहुत महत्वपूर्ण और अनिवार्य नियम है, जिसका पालन किया जाना निहायत जरूरी होता है. यहांं मुख्य बात यह है कि इसके बारे में समय प्रबंधन का किया जाना जीवन के अन्य किसी भी काम के लिए किये जाने वाले टाइम मैनेजमेन्ट की तुलना में काफी जटिल और साथ ही काफी कठिन भी होता है. मुझे लगता है कि इससे पहले कि आप इसके बारे में अपने लिए कोई चार्ट निर्धारित करें, इससे जुड़ी तीन उन महत्वपूर्ण चुनौतियों को जान लें, जिसे ध्यान में रखकर ही आप इसे निभा पाएंगे और ऐसा करके आप अपनी तैयारी के साथ भी न्याय कर पाएंगे.

ज्‍यादा वक्‍त पैदा करता है मुश्‍किलें
इसकी पहली और बड़ी चुनौती इस बात में छिपी है कि यदि हम सामान्य वर्ग को आधार मान लें, तो इस परीक्षा में बैठने के लिए आपको ग्यारह साल का एक लम्बा वक्त मिलता है. साथ ही आप इस परीक्षा में इस दौरान कभी भी पांंच बार बैठ सकते हैं. मैंने पाया है कि आयोग द्वारा परीक्षा के लिए दी गई यह सुविधा अधिकांश परीक्षार्थियों के लिए वरदान की जगह अभिशाप बन गई है. यह स्थिति उनके मन में यह विचार पैदा करने में बड़े अद्भुत तरीके से सफल हो जाती है कि ‘‘चूंकि इतना अधिक समय है, तो फिर समय की भला क्या समस्या है. कभी भी कर लेंगे.’’ यह अनुभव तो आपका भी रहा होगा कि जिस काम के बारे में यह विचार आता है कि मैं कभी भी कर लूंगा, उसे हम कभी भी नहीं कर पाते.

जनरल स्‍टडीज की रेग्‍यूलर तैयारी जरूरी

दूसरी बड़ी चुनौती जनरल स्टडीज की तैयारी से जुड़ी हुई है. सामान्यतया सिविल सर्विस से जुड़े अन्य विषयों की तैयारी कभी भी की जा सकती है, और एक साथ बैठकर भी की जा सकती है, लेकिन सामान्य अध्ययन आपसे एक निरन्तरता की मांग करता है. रोज न्यूज सुनना, और न्यूजपेपर पढ़ना इसकी अनिवार्यता होती है. इसका पूरा स्वरूप एक ऐसी जंजीर की तरह होता है कि यदि उसमें से एक भी कड़ी गायब हुई, तो वह जंजीर टूट जाएगी. कहने का अर्थ यह कि यदि आप एक दिन भी इससे चूकते हैं, तो अगले दिन की घटनाओं को समझने में धुंधलापन आने लगता है, और यह धुंधलापन आपको सिविल सर्विस की चयन सूची से बाहर कर सकता है. इसका अर्थ हुआ कि आप इसके बारे में कोई छूट नहीं ले सकते. आपको इसके लिए किसी भी हाल में प्रतिदिन न्यूनतम एक घंटा निकालना ही होगा.

तैयारी के लिए समय निकालना
तीसरी चुनाती आपकी परिस्थिति से जुड़ी हुई है. सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले बहुत से परीक्षार्थी इस दौरान अपनी आर्थिक जरूरतों और यहांं तक कि करियर की दृष्टि से भी किसी काम में लग जाते हैं; चाहे वह निजी काम हो या नौकरी. उनका अधिकांश समय इसमें लगने लगता है. उनके दिमाग में इस बात को लेकर एक विचित्र सी उलझन पैदा होती है कि वे इसकी तैयारी के लिए कैसे समय निकालें, और इसी उलझन में वे अपने इस अमूल्य समय को यूंं ही निकल जाने देते रहते हैं.
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इन तीन सबसे बड़ी बाधाओं के दो हल सुझाए जा सकते हैं. इसका पहला हल आपके विचार से जुड़ा हुआ है. आप अभी जो कुछ भी कर रहे हैं, आप चाहते हैं कि वह सब कुछ वैसे ही होता रहे; चाहे वह आपकी अपनी जिन्दगी की रोजमर्रा से जुड़ी हुई बातें और आदते ही क्यों न हों और इन्हीं में ही सिविल सर्विस परीक्षा के भी समय-प्रबंधन की व्यवस्था हो जाए. यदि आपका यह विचार है, तो मेरी सलाह है कि कभी अपने इस विचार पर गंभीरतापूर्वक विचार करके देखे. या तो आपको अपने इस विचार पर हंसी आएगी या फिर गुस्सा, बशर्ते कि आप अपने प्रति थोड़ा तटस्थ होकर विचार करें.

ऑनलाइन तैयारी है विकल्‍प
दूसरे उपाय के रूप में अपने ऑनलाइन कोर्स की एक विद्यार्थी द्वारा कुछ ही दिन पहले भेजे गए एक मेल का उल्लेख करना चाहूंगा. यह स्टूडेन्ट महानगर की एक बहुराष्ट्रीय कम्पनी में नौकरी कर रही है. ऑनलाइन कोर्स के कुछ लेक्चर्स सुनने के बाद उन्होंने यह फैसला किया कि ‘‘मैं अब रोज सुबह चार बजे उठकर ढाई घंटे ये लेक्चर्स रोज सुनती हूँ. इस दौरान मुझे किसी तरह का कोई डिस्टरबेंस नहीं होता. और मैं चाहती हूँ कि इन लेक्चर्स को मैं बहुत ध्यान से सुनूं.’’ जाहिर है कि उसने इसके लिए समय निकालने हेतु अपने दैनिक जीवन की वर्तमान प्रणाली में हस्तक्षेप करके अपने सोने के समय में कटौती की है. क्या आप ऐसा करने को तैयार हैं ?

वह ऐसा कैसे कर सकी, इसका बहुत सरल सा जवाब है. जवाब यह है कि उसके लिए सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी करना एक अतिरिक्त तैयारी न होकर, प्राथमिक तैयारी बन गई है. उसने इसे अपने जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली सूची में या यूंं कह लीजिए कि एकमात्र प्राथमिक सूची में शामिल कर लिया है. जैसे ही आप ऐसा करते हैं, वैसे ही आपका मस्तिष्क उसी के अनुसार आपको विचार देने लगता है. लेकिन जब तक आप इसे द्वितीयक सूची में रखेंगे या अपने कम्फरटेबल जोन में बने रहकर इसके लिए समय की तलाश करते रहेंगे, तब तक ऐसा कुछ नहीं हो सकेगा. अब यह आपके ऊपर है कि आप इसके लिए क्या और कैसे सोचते हैं?

जहांं तक इसके लिए टाइम-टेबल उपलब्ध कराने की बात है, यह बहुत ही निजी मामला होता है, जो सभी की अपनी-अपनी परिस्थितियों और क्षमताओं पर निर्भर करता है. इसीलिए अंत में मैं यही कहना चाहूँगा कि आप इसके बारे में स्वयं ही निर्णय लेें. अपना चार्ट खुद ही तैयार करें.

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First published: September 10, 2019, 6:37 AM IST
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