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IAS Preparation Tips: जानिए कैसा होना चाहिए UPSC परीक्षा के उत्तरों का स्तर

News18Hindi
Updated: December 5, 2019, 3:02 PM IST
IAS Preparation Tips: जानिए कैसा होना चाहिए UPSC परीक्षा के उत्तरों का स्तर
इस निर्देश को काटकर अपनी स्टडी टेबल के सामने वाली दीवार पर चिपका लें, ताकि इन शब्दों पर लगातार आपका ध्यान जाता रहे.

डाॅ॰ विजय अग्रवाल को सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों से हर साल न्यूनतम एक हजार लोगों से प्रत्यक्ष रूप से मिलने का अवसर मिलता है.

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  • Last Updated: December 5, 2019, 3:02 PM IST
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IAS Preparation Tips: मुझे सिविल सर्विस की तैयारी करने वाले परीक्षार्थियों से हर साल न्यूनतम एक हजार लोगों से प्रत्यक्ष रूप से मिलने का अवसर मिलता है. यह अवसर मुझे उनकी क्षमताओं, उनकी कमियों एवं उनकी आवश्यकताओं से जमीनी स्तर पर रूबरू कराकर स्वयं मेरी क्षमताओं में इज़ाफा करता है. यहाँ मैं इन्हीं मुलाकातों से प्राप्त एक बहुत बड़ी समस्या से आपको अवगत करा रहा हूँ.

मुझे अब तक जितने भी परीक्षार्थी मिले हैं, उनमें से कुछेक अपवादों को छोड़कर सभी का जोर इस बात पर रहता है कि “ज्यादा से ज्यादा पढ़ना चाहिए.” जब मैं उनसे पूछता हूँ कि “क्यों”?, तो उनका सीधा-सपाट उत्तर रहता है, “क्योंकि कहीं से कुछ भी पूछा जा सकता है.” कुछ और प्रश्न-उत्तरों के बाद जब अंत में मैं उनसे पूछता हूँ कि “क्या इस बारे में यूपीएससी ने कुछ कहा है”, तो पहले तो वे भौचक्क होकर मुझे ताकते हैं, और फिर तुरंत ही पूरे आत्मविश्वास के साथ तेजी से अपने सिर को झटका देते हुए एक शब्द का उत्तर देते हैं,- “नहीं.” यह ‘नहीं‘ कहने वालों में वे तक शामिल हैं, जिन्होंने लम्बे समय तक महानगरों में रहकर वहाँ की सर्वोच्चतम कोचिंग संस्थानों से अपनी तैयारी की है.

तो क्या इन संस्थानों को भी नहीं मालूम कि ऐसा कुछ है ? ऐसा नहीं हो सकता कि उन्हें मालूम न हो. हाँ, यह जरूर हो सकता है कि वे इसे बताना जरूरी न समझ रहे हों. या यह भी हो सकता है कि जरूरी लगने के बावजूद किसी कारणवश जानबूझकर न बताते हों.

लेकिन मुझे लगता है कि इसे बताया ही जाना चाहिए, क्योंकि यह तो परीक्षा की तैयारी करने का मूल-मंत्र है. और यह मूल-मंत्र भी स्वयं उस संस्थान ने दिया है, जो परीक्षा का सम्पूर्ण संचालन कर रहा है. मै यहां यूपीएससी के उस निर्देश को ज्यों का त्यों प्रस्तुत कर रहा हूँ, लेकिन कुछ छूट लेकर. यह छूट मैंने केवल प्रस्तुति के तरीके में ली है, शब्दों, अर्थों एवं भावों में नही. तो आइये, पहले इसे देखते हैं.

उद्देश्य-
प्रधान परीक्षा का उद्देश्य उम्मीदवारों के -
-समग्र बौद्धिक गुणों, तथा
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-उनके गहन ज्ञान का आकलन करना है
न कि
-मात्र उनकी सूचना के भंडार, तथा
-स्मरण-शक्ति का आकलन करना.

स्तर-
सामान्य अध्ययन के प्रश्न-पत्रों (प्रश्न पत्र-2 से प्रश्न पत्र- 5) के प्रश्नों का स्वरूप तथा इनका स्तर ऐसा होगा कि
-कोई भी सुशिक्षित व्यक्ति
-बिना किसी विषेष अध्ययन के इनका उत्तर दे सके.

प्रश्नों के स्वरूप-
प्रश्न ऐसे होंगे जिनसे उम्मीदवार की-
-विविध विषयों पर सामान्य जानकारी का परीक्षण किया जा सके, तथा
-जो सिविल सेवा में कैरियर से संबंधित होंगे.

प्रष्न इस प्रकार के होंगे, जो सभी प्रासंगिक विषयों के बारे में उम्मीदवारों की -
-आधारभूत समझ, तथा
-परस्पर-विरोधी सामाजिक-आर्थिक लक्ष्यों, उद्देश्यों औ- मांगों का विश्लेषण, तथा
-इन पर दृष्टिकोण अपनाने की क्षमता का परीक्षण करें.

उत्तर का स्तर-
1) संगत
2) सार्थक, तथा
3) सारगर्भित उत्तर दें.

अंत में मेरी एक सलाह. वह यह कि आपको चाहिए कि आप इस निर्देश को काटकर अपनी स्टडी टेबल के सामने वाली दीवार पर चिपका लें, ताकि इन शब्दों पर लगातार आपका ध्यान जाता रहे. इसे आप परीक्षा की तैयारी का 'लाइट हाउस' मानकर चलें, जो आपको बताता रहेगा कि आपको चलना कैसे और किस रास्ते पर हैं.

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First published: November 26, 2019, 3:58 PM IST
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