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IAS Preparation Tips: आईएएस अधिकारी बनने के लिए अंग्रेजी कितनी जरूरी

पेपर का दूसरा भाग पूरी तरह व्याकरण से जुड़ा हुआ भाग है. इसमें विशेष रूप से शब्द-ज्ञान का परीक्षण किया जाता है.

पेपर का दूसरा भाग पूरी तरह व्याकरण से जुड़ा हुआ भाग है. इसमें विशेष रूप से शब्द-ज्ञान का परीक्षण किया जाता है.

आपको इतनी अंग्रेजी तो आती ही हो कि सवाल के अंशों को समझ सकें और समझने के बाद उन्हें अपनी ओर से लिख सकें.

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IAS Preparation Tips: यूपीएससी (UPSC) में जिसे अंग्रेजी (अनिवार्य) कहा गया है, उसे ही स्कूल एवं कॉलेजों में 'जनरल इंग्‍ल‍िश' कहा जाता है. यह इंग्लिश नहीं है, जनरल इंग्लिश है और इसे अच्छी तरह समझ लिया जाना चाहिए. यह मूलतः अंग्रेजी साहित्य के ज्ञान से संबंधित नहीं है, बल्कि अंग्रेजी भाषा की समझ से संबंधित है. इसलिए इसे क्‍वालिफाई करने के लिए ना तो बहुत अच्छी अंग्रेजी की जरूरत होती है और ना ही बहुत गहरी अंग्रेजी जानने की. इसके लिए अंग्रेजी का इतना ही ज्ञान पर्याप्त होता है कि अंगेजी जानने वाला कोई व्यक्ति यदि किसी आम विषय पर कुछ कहे, तो हम उसे समझ जाएं और यदि आप कुछ कहना चाहते हैं, तो इस तरह कह सकें कि सामने वाला समझ जाए. इस प्रकार सामान्य अंग्रेजी का संबंध एक प्रकार से संवाद की भाषा से है, साहित्य की भाषा से नहीं.

इस तथ्य को सिविल सर्विसेस के अंग्रेजी भाषा के अनसॉलव्‍ड पेपर्स को देखकर आसानी से समझा जा सकता है. इस पेपर को हल करने के लिए आपको दो चीजों की जरूरत होती है -
1. अंग्रेजी भाषा की समझ का होना और
2. भाषा के व्याकरण पक्ष का ज्ञान होना

‘समझ‘ और ‘ज्ञान‘ में थोड़ा फर्क है. ज्ञान का अर्थ व्याकरण से है. हिन्दी क्षेत्र का अनपढ़ व्यक्‍त‍ि भी हिन्दी बोल लेता है. ऐसा वह अपनी समझ के आधार पर करता है. लेकिन उसे हिन्दी का ज्ञान नहीं होता. यानी कि न तो उसने व्याकरण पढ़ा है और न वह व्याकरण के आधार पर बोलता है. यह सब कुछ वह अपनी समझ के आधार पर करता है.

अंग्रेजी के पेपर में तीन तरह के प्रश्‍न ऐसे आते हैं, जो अंग्रेजी की ‘समझ‘ (बोधगम्यता) से जुड़े हुए हैं. ये तीन तरह के प्रश्‍न हैं -
1. अंग्रेजी में निबंध लिखना,
2. अंग्रेजी के गद्यांश को 1/3 भाग में संक्षिप्त करना और
3. अंग्रेजी के गद्यांष से पूछे गए प्रश्‍नों के उत्‍तर देना

आप इन तीनों प्रश्‍नों को किस आधार पर हल करेंगे? जाहिर है कि ऐसा तभी संभव हो सकेगा, जब आपको इतनी अंग्रेजी तो आती ही हो कि आप इन अंशों को समझ सकें और समझने के बाद उन्हें अपनी ओर से लिख सकें. निबंध में तो आपको पूरी तरह अपनी ओर से ही लिखना होता है.

लेकिन निबंध और संक्ष‍िप्‍त‍िकरण में थोड़ा फर्क है. वह यह कि दिए गए गद्यांश का 1/3 भाग में सारांश लिखने के लिए अनिवार्य है कि आप उस अंश को अच्छी तरह समझें और फिर अपने शब्दों में लिखें. लेकिन निबंध लिखने के लिए आपको कुछ समझने की जरूरत नहीं है. यह आप अपनी तरफ से ही लिखते हैं और वही लिखते हैं, जो आप अंग्रेजी में लिख सकते हैं. जाहिर है कि ऐसी स्थिति में निबंध आपके लिए अधिक आसान हो जाते हैं. इसलिए स्कोर की संभावना भी थोड़ी बढ़ जाती है. लेकिन इन दोनों के लिए अंग्रेजी भाषा की समझ होना जरूरी है.

पेपर का दूसरा भाग पूरी तरह व्याकरण से जुड़ा हुआ भाग है. इसमें विशेष रूप से शब्द-ज्ञान का परीक्षण किया जाता है. यानी कि आपको अंग्रेजी शब्दों के सही अर्थ कितने मालूम हैं और उनके सही प्रयोग की कितनी अच्छी जानकारी है.

इस प्रकार अनिवार्य अंग्रेजी के प्रश्‍न-पत्र की तैयारी करने के लिए आपको दो स्तरों पर मेहनत करनी होगी-पहला स्तर होगा अंग्रेजी भाषा की समझ का तथा दूसरा स्तर होगा अंग्रेजी भाषा के व्याकरण के ज्ञान का.

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