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IAS Preparation Tips:आईएएस बनना चाहते हैं, तो न करें ये गलतियां

News18Hindi
Updated: November 5, 2019, 3:59 PM IST
IAS Preparation Tips:आईएएस बनना चाहते हैं, तो न करें ये गलतियां
IAS Preparation Tips: यूपीएससी की तैयारी के दौरान इन विषयों को हल्‍के में न लें.

IAS Preparation Tips: यूपीएससी की तैयारी के दौरान इन विषयों को हल्‍के में न लें.

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  • Last Updated: November 5, 2019, 3:59 PM IST
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IAS Preparation Tips:  यह जानना मेरे लिए बिल्कुल ही आश्चर्य की बात थी,  जब मैंने आईएएस की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों से खचाखच भरी अपनी कक्षा में यह सवाल पूछा कि आपमें से कितने स्टूडेन्टस् ऐसे हैं, जो प्री में सी-सेट का पेपर क्वालिफाई नहीं कर पाये तो मेरी उम्मीद के विपरीत ‘हांं’ कहने वाले स्‍टूडेंट्स की संख्या लगभग दस प्रतिशत के आसपास थी.

मैं इस उत्तर की अपेक्षा नहीं कर रहा था, क्योंकि इससे पहले मेरा यह मानना था कि इस पेपर को कम से कम क्लालिफाई करना तो बिल्कुल भी कठिन नहीं है; खासकर उस नौजवान के लिए, जो आईएएस बनने के सपने देख रहा है. मेरी ऐसी धारणा इस आधार पर बनी थी कि इस पेपर के कुल 80 प्रश्‍नों में एक ही टाॅपिक पर पूछे जाने वाले औसतन 25 प्रश्न ऐसे होते हैं कि यदि इसे अच्छे से तैयार कर लिया जाए, तो पेपर को क्वालिफाई किया जा सकता है.

सी-सेट के अलावा सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में कुछ अन्य भी ऐसे पेपर होते हैं, जिन्हें क्वालिफाई करना पड़ता है. ये दो पेपर हैं -अनिवार्य भाषा (जिसे हिन्दी भाषी विद्यार्थी “सामान्य हिन्दी” कहते हैं तथा अनिवार्य अंग्रेजी. इन दोनों प्रश्न-पत्रों में न्यूनतम 30 एवं 25 प्रतिशत अंक लाने ही होते हैं. यदि कोई न्यूनतम इतने अंक नहीं ला पाता है, तो उसके अन्य विषयों की कापियांं जांंची ही नहीं जाती हैं. यहांं क्वालिफाईंग पेपर कहने का एक अर्थ यह भी है कि इसके मार्क्‍स अंक सूची में जोड़े नहीं जाते यानी कि न्यूनतम अंक प्राप्त करने के बाद आपके लिए इसकी उपयोगिता शून्य हो जाती है.

 मेंस में इतने फीसदी अंक जरूरी

इसी तरह मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के चार पेपर तथा वैकल्पिक विषय के दो पेपर होते हैं. इसमें भी क्वालिफाईंग माक्र्स कुल अंकों के दस प्रतिशत रखे गये हैं. इससे कम होने पर आप दौड़  से बाहर कर दिये जाते हैं. दूसरों की तुलना में इसका महत्व इस बात में है कि ये आपकी मेरिट लिस्ट का निर्धारण करते हैं.

हिंदी को क्रैक करना आसान
जहांं तक सामान्य हिन्दी को क्वालिफाई करने का सवाल है. अपने 35 वर्षों के लम्बे सक्रिय अनुभव के दौरान मुझे एक भी ऐसा परीक्षार्थी नहीं मिला है, जो इसमें असफल रहा हो. लेकिन अनिवार्य अंग्रेजी के पेपर को क्वालिफाई न करने वाले काफी परीक्षार्थी मिले. जाहिर है कि ये सभी परीक्षार्थी गैरअंग्रेजी भाषा माध्यम वाले थे. कुछ परीक्षार्थी तो ऐसे भी मिले, जो केवल अंग्रेजी के कारण ही रुक जाते थे. और जिस साल वे अंग्रेजी पेपर को क्वालिफाई कर पाये, उन्होंने बहुत ऊंंची रैंकिंग हासिल की.
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आपको लग रहा होगा कि मैं इस सामान्य से नियम के बारे में बात क्यों कर रहा हूंं? दरअसल, मेरा उद्देश्य उन विद्यार्थियों को अभी से ही सचेत करने का है, जो इस पेपर को सरल और एक प्रकार से अनुपयोगी मानकर इसकी उपेक्षा करते रहते हैं. बाद में उन्हें अपनी इस उपेक्षावृत्ति की बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है. ठीक है कि आप इसकी बहुत अधिक तैयारी न करें. लेकिन ऐसा भी नहीं होना चाहिए कि आप इसे ग्रान्टेड रूप में ही ले लें. पुराने प्रश्न-पत्रों को देखने के बाद ही आप इसके बारे में सही निर्णय लें.

मैथ्‍स से न घबराए 

जहांं तक सी-सेट के पेपर को क्वालिफाई करने का सवाल है, इसके लिए मैं यहाँ आपको कुछ बातें बताना चाहूंंगा.(1) कुल 80 में से लगभग 25 प्रश्न बोधगम्यता (कम्प्रेहेंशन) से संबंधित होते हैं. यदि आप इनका बहुत अच्छे से अभ्यास कर लेते हैं, तो आप बड़े आराम से इसके 18-20 प्रश्न हल कर सकते हैं. लेकिन ऐसा तभी कर पायेंगे, जब आप अभ्यास कर-कर के अपने आपको इसमें पारंगत कर लेंगे. यह अंश सबसे सरल है और आपके सबसे अधिक अनुकूल भी. ऐसे विद्यार्थियों के लिए तो यह ठीक रामबाण औषधि की तरह है, जो गणित एवं तर्क से खौफ खाते हैं.

(2) गणित से आप यूं ही अनावश्यक रूप से न घबडाये. औसत, ब्याज और प्रतिशत से संबंधित कुछ बहुत ही आसान किस्म के प्रश्न होते हैं. यदि आप गणित के किसी भी शिक्षक से कुछ दिनों का ट्यूशन ले लेते हैं, तो ऐसे प्रश्नों को हल कर सकते हैं. मैं गणित के कठिन प्रश्नों की बात नहीं कर रहा हूँ. मैं ऐसे प्रश्नों की बात कर रहा हूँ, जिनका संबंध हमारे दैनिक जीवन से होता है.

(3) कुछ प्रश्न तार्किक क्षमता से संबंधित होते हैं, जिनका हिसाब आपको अपने दिमाग से लगाना पड़ता है. ये ऊपरी तौर से तो देखने पर बहुत जटिल दिखाई देते हैं, लेकिन ऐसा होता नहीं है. थोड़े से अभ्यास के द्वारा आप ऐसे प्रश्नों को भी साध सकते हैं. केवल इस थोड़ी सी मेहनत के द्वारा ही आप अपने उस पूरी मेहनत को एक अर्थ प्रदान कर सकते हैं, जो आप आय.ए.एस. बनने के लिए कर रहे हैं.

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First published: November 5, 2019, 3:18 PM IST
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