IAS Preparation Tips: इस रणनीति से करेंगे तैयारी, तो पहली बार में क्रैक होगा UPSC एग्‍जाम

लगातार करते रहें आईएएस परीक्षा की तैयारी.

लगातार करते रहें आईएएस परीक्षा की तैयारी.

UPSC सिविल सर्व‍िस एग्‍जाम्‍स की तैयारी करने वाले उम्‍मीदवारों को और तीन म‍हीनों का वक्‍त मिल गया है. इस वक्‍त का उपयोग वो रणनीति के साथ परीक्षा की तैयारी में लगा सकता हैं और पहली बार में ही आईएएस अधिकारी बन सकते हैं.

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कोरोना के इस भयावह आतंकी माहौल में आप किस मानसिकता से गुजर रहे होंगे, इसका अनुमान लगा पाना बिल्कुल भी कठिन नहीं है. मुझे नहीं मालूम कि आप अपने इस समय का उपयोग किस प्रकार कर रहे हैं और किन दूसरी चीजों और उलझनों में व्यस्त हैं. लेकिन एक बात मैं यहां जरूर कहना चाहूंगा कि यदि आप सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको इस समय दूसरों की तुलना में अधिक ठोस और स्थिर मस्तिष्क वाले एक कर्मठ युवा का परिचय देना होगा. सच तो यही है कि अच्छे नाविक की पहचान तूफानी समुद्र में होती है, न कि शांत समुद्र में. और अभी समुद्र तूफानी है.

प्रारंभिक परीक्षा की डेट अपने पूर्व निर्धारित समय से लगभग साढ़े तीन महीने के लिये बढ़ा दी गई है. सवाल यहां यह है कि आप बढ़े हुए इन दिनों के बारे में क्या योजना बना रहे हैं. इस बार की परीक्षा में सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आपने बीच के इन साढ़े तीन महीनों का उपयोग अपनी परीक्षा के लिये किस प्रकार किया है. यहां मैं इसी के बारे में कुछ बातें करने जा रहा हूं.

तैयारी में ढील नहीं:

आपको यह बात गांठ बांध लेनी चाहिये कि चाहे वह प्रारंभिक परीक्षा हो या मुख्य परीक्षा या फिर अंतिम चयन ही क्यों न हो, कटऑफ मार्क्स के कम होने की उम्मीद बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. पिछली बार के परीक्षा परिणाम इस तथ्यों को प्रमाणित भी करते हैं. इसलिए बेहतर होगा कि आप अपनी तैयारी में किसी भी तरह की कोई ढील न दें.
मुख्‍य परीक्षा की तैयारी जरूरी:

अब आपके सामने जो वक्त है, उसे आप दो भागों में बांट सकते हैं. इसके पहले भाग का संबंध मुख्यि परीक्षा की तैयारी से है. यह ठीक है कि प्रारंभिक परीक्षा के बाद आपको मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिये लगभग तीन माह का समय मिलेगा, लेकिन बेहतर होगा कि आप उस समय को रिवीजन के लिए सुक्षित रखें. ऐसे में आपको करना यह चाहिये कि फिलहाल जून और जुलाई के महीने को पूरी तरह से मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए समर्पित कर दें. मुख्य परीक्षा की तैयारी से मेरा मतलब है, वैकल्पिक विषय और निबंध लेखन की तैयारी से.

ऑप्शसनल पेपर में अच्छा स्कोर:



पिछले कुछ वर्षों से देखने में आ रहा है कि वे ही प्रतियोगी बेहतर सफलता प्राप्त कर पा रहे हैं, जिनके ऑप्शसनल पेपर में अच्छा स्कोर होता है. आपको फिलहाल इसे समय देना चाहिए. आप खासकर अपने विषय के उन हिस्सों पर फोकस कर सकते हैं, जिन्हें आपने या तो पूरी तरह छोड़ दिया है या फिर उन्हें थोड़ी उदासीनता के साथ पढ़ा है. इससे आपका यह विषय अधिक बेहतर हो सकेगा.

निबंध लेखन की प्रैक्टिस:

निबंध लेखन की प्रैक्टिस करना समय का एक बेहतर सदुपयोग हो सकता है. आप यह योजना बना सकते हैं कि मैं रविवार को कम से कम दो निबंध तो  लिखूंगा ही. इससे आपकी लगभग 15 से 20 निबंध लिखने की प्रैक्टिस हो जायेगी. इसका आपको आगे चलकर लाभ मिलेगा. साथ ही यदि कुछ समय जनरल स्टपडीज और आप्शेनल पेपर के आन्सर राइटिंग को दे सकेंगे तो बेहतर होगा. बाद के जो दो महीने बचेंगे, उन्हें आप पूरी तरह से प्रारंभिक परीक्षा को दें.

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