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क्या आप जानते हैं कौन था देश का पहला SC-ST आईएएस ऑफिसर

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Updated: September 16, 2019, 6:05 AM IST
क्या आप जानते हैं कौन था देश का पहला SC-ST आईएएस ऑफिसर
इंडियन एडमिनिस्ट्रैटिव सर्विस यानी IAS ऑफिसर बनने के लिए UPSC का एग्जाम क्लियर करना पड़ता है.

26 जनवरी 1950 को आज़ाद भारत का संविधान लागू होने के बाद यूनियन सर्विस पब्लिक कमीशन ने इसी साल पहला यूपीएससी सिविल सर्विस का एग्जाम रखा था.

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IAS STORY: UPSC यानी संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) के लिए हर साल लगभग 10 लाख आवेदन किए जाते हैं. जिसमें से लगभग 1 हजार सेलेक्ट होते हैं. यूनियन पब्लिक सर्विस के सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करना तपस्या जैसा है. इसके लिए पूरी लगन और ईमानदारी से समय दिया जाए तो सफल होते हैं. आज की स्टोरी में हम आपको बताएंगे कौन था देश का पहला SC-ST IAS ऑफिसर.

बता दें कि इंडियन एडमिनिस्ट्रैटिव सर्विस यानी IAS ऑफिसर बनने के लिए UPSC (संघ लोक सेवा आयोग) का एग्जाम क्लियर करना पड़ता है. इस एग्जाम की तीन स्टेज होती है. पहली स्टेज में Preliminary एग्जाम होता है. दूसरी स्टेज Main एग्जाम है, इस एग्जाम में नौ पेपर होते हैं.. एग्जाम की तीसरी स्टेज Personality Test (इंटरव्यू) है. जानिए देश में कब से शुरू हुआ यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम और कौन बना देश का पहला SC-ST IAS ऑफिसर.

26 जनवरी 1950 को आज़ाद भारत का संविधान लागू होने के बाद यूनियन सर्विस पब्लिक कमीशन ने इसी साल पहला यूपीएससी सिविल सर्विस का एग्जाम रखा था. जिसमें 3,647 कैंडीडेट्स ने हिस्सा लिया था. यूपीएससी की पहली रिपोर्ट ने एससी-एसटी प्रतिभागियों की संख्या नहीं बताई थी. लेकिन ये बताया था कि अचूतानंद दास देश के पहले sc केंडिडेट, IAS होंगे. उन्होंने लिखित एग्जाम में टॉप किया था. लेकिन इंटरव्यू में उन्हें सबसे कम नंबर मिले थे.

(1) अचूतानंद दास वेस्ट बंगाल से थे और उन्होंने लिखित एग्जाम में 1050 में से 609 नंबर (58%) पाए थे.

(2) मद्रास के एन कृष्नन ने लिखित एग्जाम में 602 नंबर (57.33%) पाए थे. और इंटरव्यू में इन्हें 300 में से 260 नंबर मिले (86.66%) थे.
(3) वेस्ट बंगाल के एक और प्रतिभागी अनिरुद्ध दासगुप्ता ने इंटरव्यू में बेहद अच्छा परफॉर्म किया था.

हालांकि इंटरव्यू में क्या सवाल पूछे गए, उनकी सूची यूनियन सर्विस पब्लिक कमीशन की ओर से पब्लिकली जारी नहीं की गई. कहा जाता है कि लिखित एग्जाम में सबसे ज्यादा नंबर लाने वाले अचूतानंद को उनकी जाति की वजह से इंटरव्यू में कम नंबर दिए गए और अगर ऐसा न होता तो भारत का पहला IAS टॉपर एक अनुसूचित जाती वाला व्यक्ति होता.
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लिखित एग्जाम में अचूतानंद और एन कृष्नन के नंबरों में सिर्फ 7 नंबर का अंतर था. और इस बात ने सभी को चौंका दिया था कि कृष्नन को इंटरव्यू में अचूतानंद की तुलना में दोगुने से भी ज्यादा नंबर मिले. लेकिन अनिरुद्ध दासगुप्ता ने इंटरव्यू में इन दोनों से ज्यादा नंबर पाए थे. तीनों प्रतिभागियों के सारे नंबर आने के बाद, कृष्नन ने टॉप किया था. अनिरूद्ध दासगुप्ता को 22वीं और अचूतानंद को 48वीं रैंक मिली थी.

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First published: September 16, 2019, 6:05 AM IST
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