IAS Success Story: तैयारी को समय देने के लिए तैयार हैं तो सफलता की राह पर हैं

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Updated: August 31, 2019, 3:42 PM IST
IAS Success Story: तैयारी को समय देने के लिए तैयार हैं तो सफलता की राह पर हैं
Anupama Anjali IAS ऑफिसर.

अंजली बचपन से ही IAS बनना चाहती थी. मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन के बाद सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी में लग गईं.

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IAS Success Story: आज की सक्सेस स्टोरी में मिलिए आईएएस अनुपमा अंजलि से. इन्होंने साल 2017 में सिविल सर्विस एग्जाम में AIR 386वीं रैंक हासिल की. सिविल सेवा परीक्षा भारत में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगी परीक्षा है. सिविल सेवा परिक्षा के आधार पर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय वन सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में भर्ती की जाती है. लगभग एक वर्ष तक चलने वाली इस एग्जाम प्रक्रिया को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है. इस एग्जाम का सक्सेस रेट 0.1% से 0.3% है. 27 अप्रेल 2018 की शाम को साल 2017 के सिविल सर्विस एग्जाम का रिजल्ट जारी किया गया, जिसमें अंजली ने बेहतर रैंक हासिल की. पढ़िए अंजली की कहानी.

अनुपमा अंजलि भोपाल से हैं. उन्होंने स्कूल के बाद मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की. अंजली के पिता भी IPS अफसर के पद पर रहे. अंजली ने यूपीएसी पाठशाला के साथ अपना सक्सेस मंत्र शेयर किया. अंजली बचपन से ही IAS बनना चाहती थी.



मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन के बाद सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी में लग गईं. अंजली मानती हैं यूपीएससी एग्जाम क्लीयर करना एक लंबी जर्नी है. एग्जाम के दौरान इंटेलीजेंस से ज्यादा इमोशनल इंटेलीजेंस की परीक्षा होती है. अंजली ने अपना एग्जाम दूसरे अटेंप्ट में क्लीयर किया. तैयारी से पहले वे एनजीओ SEEDO चलाती थी.

वे मानती हैं, एग्जाम की तैयारी के दौरान डी मोटिवेट न हो. मोटिवेट रहेंगे तो परीक्षा निकाल लेंगे. बहुत कम लोग ऐसे हैं तैयारी को समय दे पाते हैं. अगर आप समय देने के लिए तैयार हैं तो सफलता की राह पर हैं. एग्जाम क्लीयर न होने के दौरान ये समझें कि आपकी तरह बहुत सारे लोग तैयारी कर रहे हैं. तैयारी के लिए खुद का मोटिवेटर बनें. टेस्ट स्कोर या दोस्तों से खुद की तुलना न करें.



स्टडी साइकिल पर फोकस ज़रूरी
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तैयारी के दौरान अपने स्टडी साइकिल पर फोकस रखें. एक दिन दस घंटे, दूसरे दिन आठ और तीसरे दिन न पढ़ना गलत है. हर दिन की पढ़ाई को फिक्स रखें. सुबह सबसे पहले 45 मिनट मोटीवेशन के लिए निकालें. खुद को जवाब दें आपको ऑफिसर क्यों बनना है. तय करें कदम आगे कैसे बढ़ाने हैं.

जिस टाइम में आप तैयारी कर रहे हैं उस समय में दोस्तों को घूमते-फिरते देख डिमोटिवेट न हो. यकीन रखें, ये पढ़ाई समय में लगाकर जो सैक्रीफाइज कर रहे हैं वो अपने लिए हैंय कामयाबी के बाद आपको ऐसे तमाम अच्छे मिलेंगे. नकारात्मकता से दूर रहने के लिए अनुपमा अपना तजुर्बा बताती हैं कि तैयारी के शुरुआती दिनों में उन्होंने वजन बढ़ा लिया था. लेकिन तैयारी के दौरान ही उन्होंने जिम किया. नकारात्मकता दूर करने के लिए फिजिकल एक्सरसाइज के लिए भी समय दें.

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First published: August 31, 2019, 3:42 PM IST
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