• Home
  • »
  • News
  • »
  • career
  • »
  • IAS Success Story: IAS बनने में अंग्रेजी बनी परेशानी तो हिंदी में Interview देकर गाड़े सफलता के झंडे

IAS Success Story: IAS बनने में अंग्रेजी बनी परेशानी तो हिंदी में Interview देकर गाड़े सफलता के झंडे

IAS बनने में अंग्रेजी बनी परेशानी तो हिंदी में इंटरव्यू देकर गाड़े सफलता के झंडे.

IAS बनने में अंग्रेजी बनी परेशानी तो हिंदी में इंटरव्यू देकर गाड़े सफलता के झंडे.

मिलिए दिलीप कुमार से जिन्होंने दो बार असफलता के बाद भी प्रयास बंद नहीं किया. इंटरव्यू (Interview)की भाषा बदली और तीसरे प्रयास में UPSC में 73वीं रैंक हासिल की.

  • Share this:
    IAS Success Story: हौसले मजबूत हों तो मुश्किल हालात आदमी को सिर्फ परेशान कर सकते हैं, लेकिन मंजिल तक पहुंचने से रोक नहीं सकते. आज देश में उच्च शिक्षा और IAS/IPS समेत सभी बड़ी परीक्षा और इंटरव्यू अंग्रेजी भाषा में आयोजित होती हैं. इसके कारण हजारों लोग इस तरह की परीक्षा देने से पहले ही हार मान जाते हैं, लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स से मिलवाने जा रहे हैं, जिसने हालात से कभी हार नहीं मानी. आखिरकार वह अपने लक्ष्य IAS की कुर्सी तक पहुंच गया.

    आज हम बात कर रहे हैं यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले दिलीप कुमार की. दिलीप कुमार ने तीसरी कोश‍िश में यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा पास की है. दिलीप कुमार के लक्ष्य के सामने अंग्रेजी दीवार की तरह खड़ी थी और उनका रास्ता रोक रही थी, लेकिन इसके बावजूद दिलीप अपने लक्ष्य से नहीं भटके. दिलीप ने दो बार यूपीएससी मेन्स एग्जाम निकाला और अंग्रेजी में दो बार इंटरव्यू दिया, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ.

    लक्ष्य नहीं तरीका बदला
    दिलीप को हर हाल में IAS बनना था, इसलिए उन्होंने इंटरव्यू के माध्यम को बदला और तीसरी बार हिंदी में इंटरव्यू दिया. दिलीप ने साल 2018 में 73वीं रैंक हासिल की थी. दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें अंग्रेजी में इंटरव्यू देने के कारण अच्छे स्कोर नहीं मिल पा रहे थे इसलिए उन्होंने हिंदी में इंटरव्यू देने का फैसला किया. दिलीप कुमार ने बताया कि 2016-17 में अंग्रेजी में दिए इंटरव्यू में उनको 143 मार्क्स मिले थे. वहीं 2019 में हिंदी में इंटरव्यू दिया तो 179 मार्क्स मिले. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूपीएसी में इंटरव्यू 275 मार्क्स का होता है.



    Success Story, IAS Exam, Success Story News in Hindi, IAS Success Story,upsc success story, Latest News, संघ लोक सेवा आयोग, सक्सेस स्टोरी, यूपीएससी, आईएएस, आईएएस इंटरव्यू, सफलता, यूपीएससी का एग्जाम, उच्च शिक्षा, यूपीएससी मेन्स एग्जाम

    दिलीप के अनुसार वह पहली बार इंटरव्यू देने के पहले तय नहीं कर पा रहे थे कि इंटरव्यू हिंदी में दें या फिर अंग्रेजी में. अंग्रेजी में इंटरव्यू देने के बाद उन्‍हें 143 अंक प्राप्‍त हुए थे. इसके बाद उन्‍होंने अपनी भाषा हिंदी में इंटरव्यू देने का फैसला ल‍िया. द‍िलीप के अनुसार इंटरव्‍यू के दौरान, उम्‍मीदवार हिंग्लश में सवालों के जवाब दे सकते हैं. इसलिए यह उन्‍हें आसान लगा. हिंदी में अपनी बात को ठीक से रख पाने के कारण ही उन्‍हें अच्छे अंक मिले और 73वीं रैंक हासिल की.

    पर्सनैलिटी डेवलपमेंट जरूरी
    दिलीप ने बताया कि इंटरव्यू में जितनी नॉलेज की जरूरत है, उससे कहीं ज्यादा पर्सनैलिटी की जरूरत होती है. साथ ही करंट न्यूज के साथ-साथ देश और दुनिया के बड़े मुद्दों के बारे में जानकारी रखनी जरूरी है. दिलीप ने बताया कि इंटरव्यू देने के पहले एक फॉर्म भरना होता है. इसमें अपनी हॉबी की सही जानकारी भरें. क्योंकि इंटरव्यू में आपसे इनसे संबंधित सवाल पूछे जाते हैं.

    ये भी पढ़ें- 
    IAS Success Story: किसान की बेटी ने बिना कोचिंग के क्रैक किया IAS एग्‍जाम, पाई 65वीं रैंक

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन